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Baghpat News: सुभानपुर व अब्दुलपुर जलमग्न, पांच हजार बीघा फसल बर्बाद
Sat, 15 Jul 2023 12:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sat, 15 Jul 2023 12:23 AM IST
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अब्दुलापुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में भरा यमुना का पानी
बागपत/खेकड़ा। सुभानपुर में बृहस्पतिवार को यमुना का टूटा तटबंध शनिवार सुबह को 40 घंटे बाद भी ठीक नहीं कराया जा सका और उसकी चौड़ाई लगातार बढ़ती गई। इससे सुभानपुर, अब्दुलपुर, सांकरौद, गढ़ी की करीब पांच हजार बीघा फसल पूरी तरह से डूब गई। इसके अलावा सुभानपुर और अब्दुलपुर गांव में मकानों के साथ ही मंदिर व स्कूलों के अंदर भी पानी भर गया है। गाजियाबाद जिले के अलीपुर, पचायरा, नोरसपुर, सुंगरपुर, ट्रोनिका सिटी तक पानी पहुंच गया है।
सुभानपुर के पास यमुना का तटबंध बृहस्पतिवार दोपहर को करीब तीन बजे टूट गया था। उसको ठीक कराने का प्रशासन ने प्रयास किया, लेकिन वह ठीक नहीं हो सका और वहां से अधिकारी रात में नाकाम होकर लौट आए। वहां पानी का बहाव तेज होने के कारण मिट्टी का कटान होने से टूटे तटबंध की चौड़ाई 100 फुट से ज्यादा हो गई। पानी गांवों में फैलता रहा और सुभानपुर व अब्दुलपुर के ग्रामीणों को पूरी रात छतों और बाहर सड़क पर जागकर काटनी पड़ी। इसके अलावा कुछ लोगों ने गांव से पलायन कर ऊंचाई वाले हिस्से पर शरण ली तो आसपास के गांवों में जाकर शरण लेनी पड़ी। तटबंध को शुक्रवार सुबह तक 40 घंटे बीतने के बाद भी ठीक नहीं किया जा सका। अब यमुना में जलस्तर काफी कम होने के बाद ही उसे ठीक कराया जाएगा।
सीएम ने लिया स्थिति का जायजा, तटबंध ठीक कराने के निर्देश
तटबंध टूटने से कई गांवों में हालात बिगड़ने के साथ ही बागपत की सीमा से सटे गाजियाबाद के गांवों और ट्रोनिका सिटी में पानी भर गया है। इसकी जानकारी लखनऊ तक पहुंची तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से पूरी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तटबंध को जल्द ठीक कराकर स्थिति पर काबू पाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उनको बताया गया कि किसी तरह का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है और बांध को ठीक कराने के लिए कार्य चल रहा है। वहीं डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता अनिल कुमार सिंह के साथ तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बचाव के लिए राहत कार्य अभी जारी है। उनके अनुसार तटबंद को जल्द ठीक किए जाने की उम्मीद है और इसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
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लोहे की प्लेट लगाएंगे, तब तटबंध बनाएंगे, 150 कर्मी लगे
यमुना के तटबंध को दोबारा बनाने में नाकाम होने पर एनएचएआई समेत अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को बुलाया गया है। वहां तक पत्थरों के ट्रक नहीं पहुंच रहे है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। इसलिए ही वहां कट्टों में मिट्टी और रेत भरवाया जा रहा है। इसके लिए वहां करीब 150 कर्मी लगाए गए है। लेकिन वहां जिस तरह से तटबंध के टूटने वाले हिस्से की चौड़ाई बढ़ती जा रही है, उससे लग रहा है कि उनसे भी काम नहीं चलेगा। इसलिए यह फैसला लिया गया है कि वहां पहले लोहे की प्लेट लगाकर पानी रोका जाएगा और यह कार्य शनिवार सुबह तक होगा। उसके बाद वहां मिट्टी व रेत के कट्टों को डाला जाएगा और उसके ऊपर से मिट्टी व पत्थर डालकर तटबंध बनाया जाएगा। इस तरह से पूरी योजना बनाई गई है।
पानी का बहाव तेज होने के कारण तटबंध के टूटने वाले हिस्से की चौड़ाई बढ़ गई है। पानी से फसल जरूर डूबी है, लेकिन जानमाल की कोई हानि नहीं हुई है। अब वहां लोहे की प्लेट लगाकर पानी रोका जाएगा और तटबंध को ठीक किया जाएगा। इसमें शनिवार सुबह तक का समय लगेगा। प्रशासन की टीम वहां लगी है और वहां का मैं खुद भी लगातार निरीक्षण कर रहा हूं। -जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
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सुभानपुर के पास यमुना का तटबंध बृहस्पतिवार दोपहर को करीब तीन बजे टूट गया था। उसको ठीक कराने का प्रशासन ने प्रयास किया, लेकिन वह ठीक नहीं हो सका और वहां से अधिकारी रात में नाकाम होकर लौट आए। वहां पानी का बहाव तेज होने के कारण मिट्टी का कटान होने से टूटे तटबंध की चौड़ाई 100 फुट से ज्यादा हो गई। पानी गांवों में फैलता रहा और सुभानपुर व अब्दुलपुर के ग्रामीणों को पूरी रात छतों और बाहर सड़क पर जागकर काटनी पड़ी। इसके अलावा कुछ लोगों ने गांव से पलायन कर ऊंचाई वाले हिस्से पर शरण ली तो आसपास के गांवों में जाकर शरण लेनी पड़ी। तटबंध को शुक्रवार सुबह तक 40 घंटे बीतने के बाद भी ठीक नहीं किया जा सका। अब यमुना में जलस्तर काफी कम होने के बाद ही उसे ठीक कराया जाएगा।
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सीएम ने लिया स्थिति का जायजा, तटबंध ठीक कराने के निर्देश
तटबंध टूटने से कई गांवों में हालात बिगड़ने के साथ ही बागपत की सीमा से सटे गाजियाबाद के गांवों और ट्रोनिका सिटी में पानी भर गया है। इसकी जानकारी लखनऊ तक पहुंची तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से पूरी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तटबंध को जल्द ठीक कराकर स्थिति पर काबू पाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उनको बताया गया कि किसी तरह का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है और बांध को ठीक कराने के लिए कार्य चल रहा है। वहीं डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता अनिल कुमार सिंह के साथ तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बचाव के लिए राहत कार्य अभी जारी है। उनके अनुसार तटबंद को जल्द ठीक किए जाने की उम्मीद है और इसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
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लोहे की प्लेट लगाएंगे, तब तटबंध बनाएंगे, 150 कर्मी लगे
यमुना के तटबंध को दोबारा बनाने में नाकाम होने पर एनएचएआई समेत अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को बुलाया गया है। वहां तक पत्थरों के ट्रक नहीं पहुंच रहे है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। इसलिए ही वहां कट्टों में मिट्टी और रेत भरवाया जा रहा है। इसके लिए वहां करीब 150 कर्मी लगाए गए है। लेकिन वहां जिस तरह से तटबंध के टूटने वाले हिस्से की चौड़ाई बढ़ती जा रही है, उससे लग रहा है कि उनसे भी काम नहीं चलेगा। इसलिए यह फैसला लिया गया है कि वहां पहले लोहे की प्लेट लगाकर पानी रोका जाएगा और यह कार्य शनिवार सुबह तक होगा। उसके बाद वहां मिट्टी व रेत के कट्टों को डाला जाएगा और उसके ऊपर से मिट्टी व पत्थर डालकर तटबंध बनाया जाएगा। इस तरह से पूरी योजना बनाई गई है।
पानी का बहाव तेज होने के कारण तटबंध के टूटने वाले हिस्से की चौड़ाई बढ़ गई है। पानी से फसल जरूर डूबी है, लेकिन जानमाल की कोई हानि नहीं हुई है। अब वहां लोहे की प्लेट लगाकर पानी रोका जाएगा और तटबंध को ठीक किया जाएगा। इसमें शनिवार सुबह तक का समय लगेगा। प्रशासन की टीम वहां लगी है और वहां का मैं खुद भी लगातार निरीक्षण कर रहा हूं। -जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी

अब्दुलापुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में भरा यमुना का पानी

अब्दुलापुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में भरा यमुना का पानी