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Baghpat News: विश्व शांति महायज्ञ के साथ सिद्धचक्र महामंडल विधान का समापन
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-आठ दिवसीय विधान में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से की भगवान की आराधना
फोटो संख्या 2
बड़ौत। नगर के विभिन्न जैन मंदिरों में चल रहे सिद्ध चक्र महामंडल विधान का समापन हो गया। आठ दिवसीय विधान में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान की आराधना की। 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान के समापन पर सौधर्म इंद्र सतेंद्र जैन ने शांतिनाथ भगवान, श्रीजी को पाण्डुशिला पर विराजमान किया। सभी इंद्र-इंद्राणियों की प्रासुक जल से शुद्धि कराकर तिलक लगाया। सौधर्म इंद्र ने प्राशुक जल से श्रीजी का अभिषेक किया। कुबेर इंद्र अतुल जैन व अन्य सभी इंद्रोेंं ने भगवान का अभिषेक कर शांतिनाथ भगवान की शांति धारा की। शांतिनाथ, पारसनाथ भगवान सहित अन्य की पूजा की गई। पंडित नरेश चंद जैन ने कहा कि हमें किसी भी व्यक्ति का अपनी वाणी से मन नहीं दुखाना चाहिए। हम जैसा बोते हैं, वह काटते हैं। इस दौरान विश्व शांति के लिए महायज्ञ के उपरांत श्रीजी की शोभायात्रा निकाली गई। इसमें सौधर्म इंद्र और इंद्र-इंद्राणी व श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान शांतिनाथ भगवान की जगह-जगह आरती उतारी गई। आरती के दौरान पूनम जैन, राजीव जैन, झलक जैन, संजय जैन, अनिता जैन, उदित जैन शामिल रहे। शोभायात्रा रामा कॉलोनी से होकर मंदिर में पहुंची। शांतिनाथ भगवान को अभिषेक करने के बाद श्रीजी को उनकी मूल वेदिका में विराजमान किया गया।
इस दौरान अजय जैन, अमन जैन, संजीव जैन, निरंजन जैन, अनिल जैन, आदिश जैन, मुकेश जैन आदि रहे। उधर, दिगंबर जैन छोटा मंदिर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान का समापन हो गया। सौधर्म इंद्र अजय जैन, कुबेर इंद्र हर्षित जैन, यज्ञ नायक इंद्र गौरव जैन ने भगवान की स्तुति की। विधान आचार्य संजय जैन, विकास जैन ने जैन धर्म व जैन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला। शांतिनाथ मंदिर में विधान आचार्य डा. श्रेयांस जैन के सानिध्य में इंद्र गणों ने शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा का गर्म प्रासुक जल से अभिषेक किया। सौधर्म इंद्र मुकेश कुमार, रुपल जैन ने शांतिधारा की। कुबेर इंद्र, प्रदीप जैन ने रत्नों की वर्षा की। पूजन में देव शास्त्र गुरु पूजन, चौबीसी पूजन व शांतिनाथ भगवान की पूजा की गई। सिद्धचक्र महामंडल विधान समापन कार्यक्रम में सभी इंद्र- इंद्राणियों ने भाग लिया। अंत में विधि-विधान से महायज्ञ किया गया।
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बड़ौत। नगर के विभिन्न जैन मंदिरों में चल रहे सिद्ध चक्र महामंडल विधान का समापन हो गया। आठ दिवसीय विधान में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान की आराधना की। 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान के समापन पर सौधर्म इंद्र सतेंद्र जैन ने शांतिनाथ भगवान, श्रीजी को पाण्डुशिला पर विराजमान किया। सभी इंद्र-इंद्राणियों की प्रासुक जल से शुद्धि कराकर तिलक लगाया। सौधर्म इंद्र ने प्राशुक जल से श्रीजी का अभिषेक किया। कुबेर इंद्र अतुल जैन व अन्य सभी इंद्रोेंं ने भगवान का अभिषेक कर शांतिनाथ भगवान की शांति धारा की। शांतिनाथ, पारसनाथ भगवान सहित अन्य की पूजा की गई। पंडित नरेश चंद जैन ने कहा कि हमें किसी भी व्यक्ति का अपनी वाणी से मन नहीं दुखाना चाहिए। हम जैसा बोते हैं, वह काटते हैं। इस दौरान विश्व शांति के लिए महायज्ञ के उपरांत श्रीजी की शोभायात्रा निकाली गई। इसमें सौधर्म इंद्र और इंद्र-इंद्राणी व श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान शांतिनाथ भगवान की जगह-जगह आरती उतारी गई। आरती के दौरान पूनम जैन, राजीव जैन, झलक जैन, संजय जैन, अनिता जैन, उदित जैन शामिल रहे। शोभायात्रा रामा कॉलोनी से होकर मंदिर में पहुंची। शांतिनाथ भगवान को अभिषेक करने के बाद श्रीजी को उनकी मूल वेदिका में विराजमान किया गया।
इस दौरान अजय जैन, अमन जैन, संजीव जैन, निरंजन जैन, अनिल जैन, आदिश जैन, मुकेश जैन आदि रहे। उधर, दिगंबर जैन छोटा मंदिर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान का समापन हो गया। सौधर्म इंद्र अजय जैन, कुबेर इंद्र हर्षित जैन, यज्ञ नायक इंद्र गौरव जैन ने भगवान की स्तुति की। विधान आचार्य संजय जैन, विकास जैन ने जैन धर्म व जैन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला। शांतिनाथ मंदिर में विधान आचार्य डा. श्रेयांस जैन के सानिध्य में इंद्र गणों ने शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा का गर्म प्रासुक जल से अभिषेक किया। सौधर्म इंद्र मुकेश कुमार, रुपल जैन ने शांतिधारा की। कुबेर इंद्र, प्रदीप जैन ने रत्नों की वर्षा की। पूजन में देव शास्त्र गुरु पूजन, चौबीसी पूजन व शांतिनाथ भगवान की पूजा की गई। सिद्धचक्र महामंडल विधान समापन कार्यक्रम में सभी इंद्र- इंद्राणियों ने भाग लिया। अंत में विधि-विधान से महायज्ञ किया गया।
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