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दिखाया भ्रष्टाचार का रजिस्टर तो हटाया ग्राम सचिव
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 07 Jun 2016 12:53 AM IST
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डीएम के सामने नाराजगी दिखाते सपा नेता कुलदीप उज्ज्वल के पिता धर्मपाल सिंह।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ऐलान के मुताबिक राज्य मद्य निषेद्य परिषद के चेयरमैन डॉ कुलदीप उज्ज्वल सोमवार को अपने पिता चौधरी धर्मपाल सिंह और ग्राम प्रधानों के साथ डीएम ऑफिस पहुंचे। भ्रष्टाचार का मुद्दा छिड़ा तो डीएम सख्त हो गए। इस पर चौधरी धर्मपाल ने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। यहां काफी देर तक हंगामा रहा।
धर्मपाल सिंह ने कहा कि उनके पास भ्रष्टाचार का रजिस्टर है, जिसे सपा प्रमुख मुलायम सिंह के समक्ष रखा जाएगा। कलक्ट्रेट में हंगामे के कुछ ही घंटे बाद डीएम हृदय शंकर तिवारी के आदेश पर ग्राम पंचायत फुलेरा में ग्राम सचिव को तुरंत बदल दिया गया। यहां केके तोमर को हटाकर प्रदीप कुमार को लगाया है। इसी को बदलने के लिए कुलदीप उज्ज्वल चाह रहे थे।
डीएम ने बताया कि ग्राम प्रधानों की समस्या को देखते हुए यह आदेश जारी किए गए हैं।
सोमवार को बागपत विधानसभा से सपा प्रत्याशी कुलदीप उज्ज्वल एलान के मुताबिक डीएम कार्यालय पहुंचे।
यहां बातचीत पहले संसदीय भाषा से ही शुरू, लेकिन प्रधानों की कार्य योजना और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने सपा नेता की तरफ से उठ रहे सवालों पर नाराजगी जताई। इस पर चौधरी धर्मपाल बिगड़ गए। वह प्रधानों के बीच से खड़े होकर डीएम के सामने पहुंचे। उनके पास एक रजिस्टर भी था। वह बोले कि उनके पास प्रशासनिक अफसरों का कच्चा चिट्ठा है। सब भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।
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डीएम पर भी आरोप लगाए, यहां तक कह डाला कि वह तो चकबंदी डिपार्टमेंट से आए हैं। धर्मपाल को उनके बेटे कुलदीप ने बामुश्किल शांत किया। यहां काफी देर तक गहमा-गहमी रही। प्रधानों का कहना था कि कार्य योजना लटकी है।
यही नहीं पक्के मकानों के लिए आया बजट प्रशासन ने वापस भेज दिया। कुलदीप उज्ज्वल ने कई महिला और पुरुषों को डीएम के सामने पेश कर कहा कि इन सबके पास कच्चे मकान है। प्रशासन के अधिकारी झूठ बोले रहें है, पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। इसके लिए एक कमेटी गठित करने की मांग रखी।
क्या था पूरा मामला
बागपत। फुलेरा न्याय पंचायत में छह गांव आते हैं। इनके प्रधानों का कहना था कि उनके यहां घिटौरा ग्राम पंचायत में कार्यरत ग्राम सचिव प्रदीप कुमार की तैनाती की जानी चाहिए। इस बीच घिटौरा के प्रधान ने डीपीआरओ को लिखकर दे दिया कि उनके यहां प्रदीप को हटाया जाए। प्रशासन ने फुलेरा न्याय पंचायत के खाली पद पर केके तोमर की नियुक्ति कर दी।
केके तोमर की जगह प्रदीप की तैनाती की मांग के लिए ग्राम प्रधान सपा नेता कुलदीप उज्जवल के पास पहुंचे। इसी मसले की सिफारिश उज्जवल कर रहे ंथे। सपा प्रत्याशी कुलदीप उज्जवल ने अपने गांव मवी कलां से तबादला किए गए ग्राम सचिव को भी वापस अपने ही गांव में तैनात करने की मांग की थी। इन्हीं दोनों मांगों के लंबित होने पर पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया।
डीएम बोले, जांच कराऊंगा
डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने कहा कि मुझे भी मोबाइल पर रिकॉर्डिंग जारी होने की जानकारी मिली है। कुलदीप उज्ज्वल ने क्या कहा, मुझे इस बात की जानकारी नहीं है। डीपीआरओ की तरफ से इस बाबत कोई सूचना नहीं दी गई। मामले की जांच कराउंगा। सोमवार को कलक्ट्रेट में धर्मपाल सिंह ने जो आरोपी प्रशासनिक अधिकारियों पर लगाए हैं, उनकी भी जांच होगी।
किसने जारी की रिकार्डिंग
बागपत। जिला पंचायत राज अधिकारी सर्वेश कुमार पांडेय के नाम से एक पत्र डीएम और मीडिया को जारी कर दिया गया। पत्र में कहा गया है कि कुलदीप उज्ज्वल की ओर से डीपीआरओ को 3 मिनट 51 सैकेँड की कॉल में धमकी दी गई है। यही नहीं इस पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई गई। डीएम ने तुरंत डीपीआरओ को तलब किया, लेकिन जांच हुई तो पता चला कि डीपीआरओ ने पत्र ही जारी नहीं किया।
सवाल है कि आखिर कौन है जिसने डीपीआरओ के फोन से रिकार्डिंग लेकर यह चिट्ठी जारी कर दी। डीएम ने कहा मामले में जांच शुरू करा दी गई है। डीपीआरओ ने उन्हें इस बाबत अवगत नहीं कराया था, जबकि अगर ऐसा मामला था जो सूचना देनी चाहिए थी। सवाल यह है किसके मोबाइल से रिकॉर्डिंग रिलीज हुई है।
कुलदीप उज्ज्वल का कहना है कि उनके मोबाइल से रिकॉर्डिंग नहीं हुई। उधर, अब तक के प्रकरण में एक जनप्रतिनिधि पर जांच आकर ठहर गई है। माना जा रहा है डीपीआरओ के मोबाइल से अगर रिकॉर्डिंग सेंड की गई है तो जनप्रतिनिधि ने की। ऐसे में सवाल है कि डीपीआरओ का मोबाइल उस तक कैसे पहुंचा। डीएम ने कहा जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा।
डीपीआरओ के नाम से जो पत्र जारी किया गया है, उसे अक्सर सपा कार्यालय में दिखाई देने वाला लड़का लेकर समाचार पत्रों के कार्यालय में पहुंचा। यह लड़का ही अक्सर सपा के प्रेस नोट लेकर अखबार के दफ्तरों में जाता है। डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने कहा इस मामले की जांच कराएंगे। चिट्ठी कहां से बनी और कैसे सर्कुलेट हुई।
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धर्मपाल सिंह ने कहा कि उनके पास भ्रष्टाचार का रजिस्टर है, जिसे सपा प्रमुख मुलायम सिंह के समक्ष रखा जाएगा। कलक्ट्रेट में हंगामे के कुछ ही घंटे बाद डीएम हृदय शंकर तिवारी के आदेश पर ग्राम पंचायत फुलेरा में ग्राम सचिव को तुरंत बदल दिया गया। यहां केके तोमर को हटाकर प्रदीप कुमार को लगाया है। इसी को बदलने के लिए कुलदीप उज्ज्वल चाह रहे थे।
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डीएम ने बताया कि ग्राम प्रधानों की समस्या को देखते हुए यह आदेश जारी किए गए हैं।
सोमवार को बागपत विधानसभा से सपा प्रत्याशी कुलदीप उज्ज्वल एलान के मुताबिक डीएम कार्यालय पहुंचे।
यहां बातचीत पहले संसदीय भाषा से ही शुरू, लेकिन प्रधानों की कार्य योजना और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने सपा नेता की तरफ से उठ रहे सवालों पर नाराजगी जताई। इस पर चौधरी धर्मपाल बिगड़ गए। वह प्रधानों के बीच से खड़े होकर डीएम के सामने पहुंचे। उनके पास एक रजिस्टर भी था। वह बोले कि उनके पास प्रशासनिक अफसरों का कच्चा चिट्ठा है। सब भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।
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डीएम पर भी आरोप लगाए, यहां तक कह डाला कि वह तो चकबंदी डिपार्टमेंट से आए हैं। धर्मपाल को उनके बेटे कुलदीप ने बामुश्किल शांत किया। यहां काफी देर तक गहमा-गहमी रही। प्रधानों का कहना था कि कार्य योजना लटकी है।
यही नहीं पक्के मकानों के लिए आया बजट प्रशासन ने वापस भेज दिया। कुलदीप उज्ज्वल ने कई महिला और पुरुषों को डीएम के सामने पेश कर कहा कि इन सबके पास कच्चे मकान है। प्रशासन के अधिकारी झूठ बोले रहें है, पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। इसके लिए एक कमेटी गठित करने की मांग रखी।
क्या था पूरा मामला
बागपत। फुलेरा न्याय पंचायत में छह गांव आते हैं। इनके प्रधानों का कहना था कि उनके यहां घिटौरा ग्राम पंचायत में कार्यरत ग्राम सचिव प्रदीप कुमार की तैनाती की जानी चाहिए। इस बीच घिटौरा के प्रधान ने डीपीआरओ को लिखकर दे दिया कि उनके यहां प्रदीप को हटाया जाए। प्रशासन ने फुलेरा न्याय पंचायत के खाली पद पर केके तोमर की नियुक्ति कर दी।
केके तोमर की जगह प्रदीप की तैनाती की मांग के लिए ग्राम प्रधान सपा नेता कुलदीप उज्जवल के पास पहुंचे। इसी मसले की सिफारिश उज्जवल कर रहे ंथे। सपा प्रत्याशी कुलदीप उज्जवल ने अपने गांव मवी कलां से तबादला किए गए ग्राम सचिव को भी वापस अपने ही गांव में तैनात करने की मांग की थी। इन्हीं दोनों मांगों के लंबित होने पर पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया।
डीएम बोले, जांच कराऊंगा
डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने कहा कि मुझे भी मोबाइल पर रिकॉर्डिंग जारी होने की जानकारी मिली है। कुलदीप उज्ज्वल ने क्या कहा, मुझे इस बात की जानकारी नहीं है। डीपीआरओ की तरफ से इस बाबत कोई सूचना नहीं दी गई। मामले की जांच कराउंगा। सोमवार को कलक्ट्रेट में धर्मपाल सिंह ने जो आरोपी प्रशासनिक अधिकारियों पर लगाए हैं, उनकी भी जांच होगी।
किसने जारी की रिकार्डिंग
बागपत। जिला पंचायत राज अधिकारी सर्वेश कुमार पांडेय के नाम से एक पत्र डीएम और मीडिया को जारी कर दिया गया। पत्र में कहा गया है कि कुलदीप उज्ज्वल की ओर से डीपीआरओ को 3 मिनट 51 सैकेँड की कॉल में धमकी दी गई है। यही नहीं इस पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई गई। डीएम ने तुरंत डीपीआरओ को तलब किया, लेकिन जांच हुई तो पता चला कि डीपीआरओ ने पत्र ही जारी नहीं किया।
सवाल है कि आखिर कौन है जिसने डीपीआरओ के फोन से रिकार्डिंग लेकर यह चिट्ठी जारी कर दी। डीएम ने कहा मामले में जांच शुरू करा दी गई है। डीपीआरओ ने उन्हें इस बाबत अवगत नहीं कराया था, जबकि अगर ऐसा मामला था जो सूचना देनी चाहिए थी। सवाल यह है किसके मोबाइल से रिकॉर्डिंग रिलीज हुई है।
कुलदीप उज्ज्वल का कहना है कि उनके मोबाइल से रिकॉर्डिंग नहीं हुई। उधर, अब तक के प्रकरण में एक जनप्रतिनिधि पर जांच आकर ठहर गई है। माना जा रहा है डीपीआरओ के मोबाइल से अगर रिकॉर्डिंग सेंड की गई है तो जनप्रतिनिधि ने की। ऐसे में सवाल है कि डीपीआरओ का मोबाइल उस तक कैसे पहुंचा। डीएम ने कहा जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा।
डीपीआरओ के नाम से जो पत्र जारी किया गया है, उसे अक्सर सपा कार्यालय में दिखाई देने वाला लड़का लेकर समाचार पत्रों के कार्यालय में पहुंचा। यह लड़का ही अक्सर सपा के प्रेस नोट लेकर अखबार के दफ्तरों में जाता है। डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने कहा इस मामले की जांच कराएंगे। चिट्ठी कहां से बनी और कैसे सर्कुलेट हुई।