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Baghpat News: घपले में फंसा सचिव निलंबित, इंजीनियर को ब्लॉक में जान से मारने की धमकी
Tue, 25 Jun 2024 05:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Tue, 25 Jun 2024 05:54 AM IST
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बागपत। बरवाला गांव में स्वच्छ भारत मिशन में प्रस्ताव व जांच के बिना 32 लाख रुपये निकालने वाले सचिव लोकेंद्र राठी को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद सोमवार को बड़ौत ब्लॉक में घमासान हो गया और वहां बैठक बुलाकर इंजीनियर से गाली-गलौज करने के साथ ही जान से मारने की धमकी दी गई। उसने बीडीओ व निलंबित सचिव पर आरोप लगाते हुए डीएम, एसपी, डीपीआरओ को शिकायत की।
बरवाला में स्वच्छ भारत मिशन फेज-टू के तहत 32 लाख 83 हजार रुपये का बजट आया था। वहां के सचिव लोकेंद्र राठी ने करीब 32 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इस तरह अचानक 32 लाख रुपये का भुगतान होने पर जांच कराई गई तो बड़ौत ब्लॉक के अभियंता गुलफाम अली ने रिपोर्ट में कहा कि सचिव ने कोई भी प्रस्ताव व जांच के बिना पैसा जारी किया है। इसके बाद डीपीआरओ अरुण अत्री ने गांव में जाकर जांच की तो वहां जिन कार्यों के नाम पर पैसा निकाला गया है, वह सभी अधूरे पड़े हुए हैं। डीपीआरओ ने सचिव पर कार्रवाई की संस्तुति करके फाइल अधिकारियों को भेजी तो उसमें डीडीओ, अधिशासी अभियंता नलकूप, बीडीओ बड़ौत की टीम बनाकर जांच करके रिपोर्ट आठ जून तक देने के निर्देश दिए। जिन्होंने गांव में जाकर जांच की तो आरोप सही मिले और उसके बाद डीडीओ हरेंद्र सिंह ने सचिव लोकेंद्र राठी को निलंबित कर दिया। उसको खेकड़ा ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया और उसपर कार्यों में लापरवाही, वित्तीय अनियमित्ता, अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने समेत अन्य आरोप लगाए गए हैं।
बड़ौत ब्लॉक बना जंग का अखाड़ा, इंजीनियर को धमकाया
सचिव लोकेंद्र राठी को निलंबित किए जाने के बाद बीडीओ ज्योति बाला ने सोमवार को बड़ौत ब्लॉक में अचानक बैठक बुलाई। जहां सभी सचिवों के अलावा इंजीनियर गुलफाम अली व निलंबित हो चुका सचिव लोकेंद्र राठी भी पहुंच गया। इंजीनियर गुलफाम ने आरोप लगाया कि बीडीओ उसे अपने कार्यालय में लेकर गए, जहां लोकेंद्र राठी भी साथ था। आरोप है कि उसके साथ पहले बीडीओ ने अभद्रता की और उस पर घपले वाले कार्यों की फाइल तैयार करने का दबाव बनाया गया। उसने मना कर दिया तो उसके साथ निलंबित सचिव ने गाली-गलौच करने के साथ ही जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही उसे फंसाने की धमकी दी गई। इसके बाद भी वहां काफी हंगामा हुआ। इंजीनियर ने पूरे मामले की डीएम, एसपी, सीडीओ, डीपीआरओ को शिकायत की है।
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बागपत व बड़ौत के अधिकारी भी नहीं बचा सके
बरवाला में स्वच्छ भारत मिशन के तहत घपला सामने आने के बाद सचिव को बचाने के लिए दो अधिकारी लगे हुए थे। मगर डीएम ने जांच कमेटी में डीडीओ को शामिल कर दिया, जिन्होंने निष्पक्ष जांच करके अपनी रिपोर्ट दी। उसके बाद डीएम ने सचिव को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए और वह दोनों अधिकारी उसे नहीं बचा सके।
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वर्जन
मुझपर लगाए गए सभी आरोप गलत है। मुझे कर्मचारी ने बताया कि कार्यालय में इंजीनियर गुलफाम अली व सचिव लोकेंद्र राठी थे। जहां लोकेंद्र राठी ने उसे कहा कि अब मैं तुझे बताऊंगा और तेरे सभी कारनामे उजागर करूंगा। इससे ज्यादा मुझे जानकारी नहीं है। - ज्योति बाला, बीडीओ बड़ौत।
मेरे पास इंजीनियर की शिकायत आई है। जिसमें बड़ौत ब्लॉक में हुई घटना के बारे में बताया गया है। इसकी जांच कराई जाएगी और जांच में जिस तरह की बात सामने आएगी। उसके आधार पर रिपोर्ट तैयार करके कार्रवाई की जाएगी। अरूण अत्री, डीपीआरओ
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बरवाला में स्वच्छ भारत मिशन फेज-टू के तहत 32 लाख 83 हजार रुपये का बजट आया था। वहां के सचिव लोकेंद्र राठी ने करीब 32 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इस तरह अचानक 32 लाख रुपये का भुगतान होने पर जांच कराई गई तो बड़ौत ब्लॉक के अभियंता गुलफाम अली ने रिपोर्ट में कहा कि सचिव ने कोई भी प्रस्ताव व जांच के बिना पैसा जारी किया है। इसके बाद डीपीआरओ अरुण अत्री ने गांव में जाकर जांच की तो वहां जिन कार्यों के नाम पर पैसा निकाला गया है, वह सभी अधूरे पड़े हुए हैं। डीपीआरओ ने सचिव पर कार्रवाई की संस्तुति करके फाइल अधिकारियों को भेजी तो उसमें डीडीओ, अधिशासी अभियंता नलकूप, बीडीओ बड़ौत की टीम बनाकर जांच करके रिपोर्ट आठ जून तक देने के निर्देश दिए। जिन्होंने गांव में जाकर जांच की तो आरोप सही मिले और उसके बाद डीडीओ हरेंद्र सिंह ने सचिव लोकेंद्र राठी को निलंबित कर दिया। उसको खेकड़ा ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया और उसपर कार्यों में लापरवाही, वित्तीय अनियमित्ता, अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने समेत अन्य आरोप लगाए गए हैं।
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बड़ौत ब्लॉक बना जंग का अखाड़ा, इंजीनियर को धमकाया
सचिव लोकेंद्र राठी को निलंबित किए जाने के बाद बीडीओ ज्योति बाला ने सोमवार को बड़ौत ब्लॉक में अचानक बैठक बुलाई। जहां सभी सचिवों के अलावा इंजीनियर गुलफाम अली व निलंबित हो चुका सचिव लोकेंद्र राठी भी पहुंच गया। इंजीनियर गुलफाम ने आरोप लगाया कि बीडीओ उसे अपने कार्यालय में लेकर गए, जहां लोकेंद्र राठी भी साथ था। आरोप है कि उसके साथ पहले बीडीओ ने अभद्रता की और उस पर घपले वाले कार्यों की फाइल तैयार करने का दबाव बनाया गया। उसने मना कर दिया तो उसके साथ निलंबित सचिव ने गाली-गलौच करने के साथ ही जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही उसे फंसाने की धमकी दी गई। इसके बाद भी वहां काफी हंगामा हुआ। इंजीनियर ने पूरे मामले की डीएम, एसपी, सीडीओ, डीपीआरओ को शिकायत की है।
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बागपत व बड़ौत के अधिकारी भी नहीं बचा सके
बरवाला में स्वच्छ भारत मिशन के तहत घपला सामने आने के बाद सचिव को बचाने के लिए दो अधिकारी लगे हुए थे। मगर डीएम ने जांच कमेटी में डीडीओ को शामिल कर दिया, जिन्होंने निष्पक्ष जांच करके अपनी रिपोर्ट दी। उसके बाद डीएम ने सचिव को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए और वह दोनों अधिकारी उसे नहीं बचा सके।
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मुझपर लगाए गए सभी आरोप गलत है। मुझे कर्मचारी ने बताया कि कार्यालय में इंजीनियर गुलफाम अली व सचिव लोकेंद्र राठी थे। जहां लोकेंद्र राठी ने उसे कहा कि अब मैं तुझे बताऊंगा और तेरे सभी कारनामे उजागर करूंगा। इससे ज्यादा मुझे जानकारी नहीं है। - ज्योति बाला, बीडीओ बड़ौत।
मेरे पास इंजीनियर की शिकायत आई है। जिसमें बड़ौत ब्लॉक में हुई घटना के बारे में बताया गया है। इसकी जांच कराई जाएगी और जांच में जिस तरह की बात सामने आएगी। उसके आधार पर रिपोर्ट तैयार करके कार्रवाई की जाएगी। अरूण अत्री, डीपीआरओ