{"_id":"6126853b8ebc3e79bd4a7a7c","slug":"school-building-in-dilapidated-condition-parents-reluctant-to-send-school-baghpat-news-mrt553326340","type":"story","status":"publish","title_hn":"जर्जर हुआ विद्यालय का भवन, स्कूल भेजने से हिचक रहे अभिभावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जर्जर हुआ विद्यालय का भवन, स्कूल भेजने से हिचक रहे अभिभावक
विज्ञापन
दत्तनगर के आदर्श भारतीय चंद्रलाल इंटर कालेज में जर्जर हुई कक्ष की छत
- फोटो : BAGHPAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नंगला गांव के कंपोजिट विद्यालय के भवन की दीवारों और छत में भी आई दरारें
संवाद न्यूज एजेंसी
दाहा। नंगला गांव के कंपोजिट विद्यालय का भवन जर्जर हो गई है। छत और दीवारों में दरारें आ गई है, जिससे स्कूल में हादसा हो सकता है। भवन जर्जर होने के कारण कुछ अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से हिचक रहे है।
गांव के स्कूल का भवन काफी पुराना है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में 74 वर्ष पूर्व विद्यालय का निर्माण हुआ था। स्कूल में छह कमरे और दो बरामदे है। यहां 307 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। प्रधानाध्यापक सहित पांच शिक्षक व दो शिक्षा मित्र तैनात है। स्कूल का भवन पुराना होने के कारण जर्जर हो चुका है। कमरों की छतों और दीवारों में दरारें आ गई है, जिससे स्कूल में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। भवन जर्जर होने के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में हिचक रहे है। अभिभावकों को डर है कि कहीं विद्यालय में बच्चों के साथ कोई हादसा न हो जाए। स्कूल के प्रधानाध्यापक सुनील दत्त ने बताया कि बच्चों को सुरक्षित स्थान पर बैठाकर शिक्षण कराया जा रहा है। भवन जर्जर होने के बारे में बीईओ और उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
दाहा। नंगला गांव के कंपोजिट विद्यालय का भवन जर्जर हो गई है। छत और दीवारों में दरारें आ गई है, जिससे स्कूल में हादसा हो सकता है। भवन जर्जर होने के कारण कुछ अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से हिचक रहे है।
गांव के स्कूल का भवन काफी पुराना है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में 74 वर्ष पूर्व विद्यालय का निर्माण हुआ था। स्कूल में छह कमरे और दो बरामदे है। यहां 307 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। प्रधानाध्यापक सहित पांच शिक्षक व दो शिक्षा मित्र तैनात है। स्कूल का भवन पुराना होने के कारण जर्जर हो चुका है। कमरों की छतों और दीवारों में दरारें आ गई है, जिससे स्कूल में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। भवन जर्जर होने के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में हिचक रहे है। अभिभावकों को डर है कि कहीं विद्यालय में बच्चों के साथ कोई हादसा न हो जाए। स्कूल के प्रधानाध्यापक सुनील दत्त ने बताया कि बच्चों को सुरक्षित स्थान पर बैठाकर शिक्षण कराया जा रहा है। भवन जर्जर होने के बारे में बीईओ और उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
विज्ञापन