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बागपत में घोटाला: 50 रुपये के स्टांप पर बेच दिए 12-12 लाख के मकान, 100 रुपये के स्टांप पर बदला मालिकाना हक
Fri, 28 Nov 2025 10:32 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Fri, 28 Nov 2025 10:32 PM IST
सार
Baghpat Nagar Palika: नगर पालिका में नए-नए फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं। अभी एक दिन पहले ही चेयरमैन राजुद्दीन को घोटाले के मामले हटाया गया था। पालिका अधिकारी व कर्मचारी भी शक के दायरे में हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : FREEPIK
विस्तार
नगर पालिका में जिन मकानों को स्टांप पर दर्ज किया गया है, उनको लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। केवल 50 रुपये के स्टांप पर 12-12 लाख रुपये के मकान खरीदे गए और नगर पालिका में उस स्टांप के आधार पर संपत्ति कर में लोगों का नाम दर्ज कर दिया गया। उन मकानों पर डूडा से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ढाई लाख रुपये लेकर घपला किया गया।
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नगर पालिका में वर्ष 2019 से 2022 तक किस तरह से प्लॉटों को संपत्ति कर रिकॉर्ड में दर्ज करके फर्जीवाड़ा किया गया है, उसका पूरा ब्योरा आज भी वहां मौजूद है। वहां दो सौ से अधिक प्लॉटों के स्टांप फाइलों में रखे हुए हैं। 50 रुपये के स्टांप पर 12-12 लाख रुपये के मकान और 100 रुपये के स्टांप पर 16-16 लाख रुपये के मकान खरीदने की बात लिखी गई है। इनका बैनामा किसी ने जमा नहीं कराया हुआ है।
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सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि जब लोग 12 से 16 लाख रुपये के प्लॉट खरीद सकते हैं तो वह आर्थिक रूप से कमजोर कैसे हो सकते हैं? यह फर्जीवाड़ा यहीं तक नहीं रुका, बल्कि नगर पालिका में संपत्ति कर रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के बाद उन प्लॉट पर डूडा से ढाई लाख रुपये का लाभ लिया गया। इससे यह साफ होता है कि स्टांप चोरी करने से लेकर डूडा से लाभ लेकर सरकार को चूना लगाने के लिए यह पूरा फर्जीवाड़ा किया गया।
सौ रुपये के स्टांप से बदला पालिका की दुकानों पर मालिकाना हक
नगर पालिका की दुकानों को लेकर भी खूब फर्जीवाड़ा किया गया। किसी की मौत होने पर उनके मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ केवल सौ रुपये का स्टांप देने पर नगर पालिका में रिकॉर्ड में नाम बदल दिया गया। इस तरह ही किसी ने नगर पालिका की दुकान दस-बीस लाख रुपये में बेच दी तो उनका भी सौ रुपये के स्टांप के आधार पर रिकॉर्ड में नाम बदल दिया गया। इस तरह तीस से अधिक दुकानों में किया गया।
नगर पालिका की दुकानों को लेकर भी खूब फर्जीवाड़ा किया गया। किसी की मौत होने पर उनके मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ केवल सौ रुपये का स्टांप देने पर नगर पालिका में रिकॉर्ड में नाम बदल दिया गया। इस तरह ही किसी ने नगर पालिका की दुकान दस-बीस लाख रुपये में बेच दी तो उनका भी सौ रुपये के स्टांप के आधार पर रिकॉर्ड में नाम बदल दिया गया। इस तरह तीस से अधिक दुकानों में किया गया।
चेयरमैन से लेकर पालिका अफसरों पर आरोप
प्लॉटों व दुकानों के नाम दर्ज करने को लेकर हुए फर्जीवाड़े में चेयरमैन रहे राजुद्दीन और पालिका के संपत्ति कर अधिकारी समेत अन्य पर आरोप हैं। इन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को सही से नहीं निभाया और नगर पालिका व सरकार को बड़ा नुकसान पहुंचाया। इनके कारण ही प्रधानमंत्री आवास योजना में घपला हुआ।
प्लॉटों व दुकानों के नाम दर्ज करने को लेकर हुए फर्जीवाड़े में चेयरमैन रहे राजुद्दीन और पालिका के संपत्ति कर अधिकारी समेत अन्य पर आरोप हैं। इन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को सही से नहीं निभाया और नगर पालिका व सरकार को बड़ा नुकसान पहुंचाया। इनके कारण ही प्रधानमंत्री आवास योजना में घपला हुआ।
ये बोले अधिकारी
इन सभी का रिकॉर्ड निकलवाया जाएगा और उनमें देखा जाएगा कि किस-किस तरह का फर्जीवाड़ा किया गया है। इस पूरे मामले में शासन को स्थिति से अवगत कराया जाएगा और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
- केके भड़ाना, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बागपत
इन सभी का रिकॉर्ड निकलवाया जाएगा और उनमें देखा जाएगा कि किस-किस तरह का फर्जीवाड़ा किया गया है। इस पूरे मामले में शासन को स्थिति से अवगत कराया जाएगा और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
- केके भड़ाना, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बागपत