खेकड़ा। क्षेत्र के ग्राम घिटोरा में पर्यावरण शुद्धि के लिए यज्ञ का आयोजन हुआ। ग्रामीणों ने यज्ञ में आहुतियां देकर विश्व शांति की कामना की।
यज्ञमान आचार्य आनंद बैसला ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत सदियों पुरानी है। इस पर अनेक काल तक हमले होते रहे, इसके बावजूद ये अपने स्वरूप पर बनी रही। कहा कि सभी बच्चों का जन्मदिन मनाते समय केक काटना बंद करे। काटना परिवार को बिखेरना और मोमबत्ती बुझाना अंधकार की ओर ले जाना है। हमारी संस्कृति में बूंदी के लड्डू हैं, जो कण को जोड़ कर बनते हैं। लड्डू बनाना मतलब जोड़ना, जन्मदिन पर प्रकाश की ओर ले जाने वाला दीपक जलाए और लड्डू का वितरण करें। कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का प्राण हैं और वातावरण को शुद्ध करता हैं। यज्ञ संस्कारों से उत्तम चरित्र का निर्माण होता हैं। सभी को यज्ञ अवश्य करना चाहिए। इस दौरान जयचंद बैसला, सुनील पंडित, शिवम, दिनेश, आशू, दीपक, कमल, वंश, कुनाल, राजवती देवी, कुसुम, सुमन, रानी, तानिया, सोनिया, शालिनी, कशिश, भावना मौजूद रहे।