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रुपये न मिलने पर मार्ग किया जाम  

Fri, 09 Dec 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Fri, 09 Dec 2016 12:12 AM IST
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Rs denied passage stemware
जाम के दौरान पुलिसकर्मियों से उलझते लोग - फोटो : amar ujala
बागपत के अमीनगर सराय कस्बे के पंजाब नेशनल बैंक से रुपये न मिलने पर लोग सड़क पर आ गए। उन्होंने बैंक अफसरों पर कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान लोगों की पुलिस से काफी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने लाठी फटकाकर भीड़ को खदेड़ा। 
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 कस्बे में चार बैंक हैं। इनमें पीएनबी, एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया और जिला सहकारी बैंक शामिल हैं। बैंक के बाहर सुबह छह बजे से ही पैसे निकालने के लिए लाइन लग जाती है। बृहस्पतिवार को साढ़े दस बजे तक  पीएनबी के नहीं खुलने पर लाइन में लगे लोग भड़क गए। उन्होंने बैंक स्टाफ के खिलाफ नारेबाजी की। वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उनको नारेबाजी करने से रोका तो भीड़ कस्बे के बुढ़सैनी चौराहे पर पहुंची गई और मार्ग जाम करते हुए बैंक स्टाफ और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि इस बैंक के मैनेजर और स्टाफ अपनी मनमर्जी से लोगों को रुपये देते हैं।

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केंद्र सरकार और आरबीआई के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। कभी लोगों को दो हजार देते हैं तो कभी चार हजार। पांच बजे के बाद अपनों को मनमर्जी रुपये दिए जाते हैं। आरोप है कि बैंक में कमीशनखोरी का धंधा चल रहा है। इतना ही नहीं अपनी मर्जी से बैंक खोला और बंद किया जाता है। जाम की सूचना पर सिंघावली अहीर थाना पुलिस पहुंच कर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने जाम खोलने से इंकार कर दिया। इस दौरान उनकी पुलिस से काफी नोकझोंक हुई। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठी भी फटकाई, लेकिन लोग सड़क से नहीं हटे। दोपहर करीब सवा 12 बजे सीओ कर्मवीर सिंह ने वहां पर पहुंचे और लोगों को समझाकरजाम खुलवाया।

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सिंघावली अहीर थाना प्रभारी शरद तिलारा का कहना है कि बैंक से रुपये न मिलने पर लोगों ने जाम लगाया था। उधर, बैंक मैनेजर सीपी सिंह का कहना है कि उन पर लगाया गया आरोप पूरी तरह से गलत है। हालांकि इसी बैंक से रुपये न मिलने पर लोगों ने दो सप्ताह पूर्व हंगामा किया था। पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दी थी। पुलिस अफसरों ने तत्कालीन थानाध्यक्ष रणवीण यादव को लाइन हाजिर और दरोगा को सस्पेंड कर दिया था। उसके बाद भी पुलिस सबक नहीं ले रही है। 


लोगों का गुस्सा देख थाने पहुंच गया बैंक मैनेजर 
लोगों का गुस्सा देख बैंक मैनेजर सीपी सिंह, बैंक में न पहुंचकर सीधे सिंघावली अहीर थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से कहा कि उन पर लोग गलत आरोप लगा रहे हैं। कुछ लोग उन पर अपनी मर्जी के अनुसार रुपये की मांग करते हैं। मना करने पर हंगामा करते हैं। 

 
रुपये नहीं है तो बैंक के बाहर बोर्ड क्यों नहीं लगाते 
लोगों का कहना है कि यदि बैंक में रुपये नहीं है तो बैंक के बाहर बोर्ड क्यों नहीं लगाया जाता है। जनता सुबह छह बजे से लाइन में लग जाती है। उनके दस बजे इसका पता चलता है। यदि उनको सुबह ही पता चल जाए तो अच्छा रहेगा।

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