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पंचायत की चेतावनी के बाद रालोद ने छपरौली प्रत्याशी बदला, अजय कुमार को उतारा
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टिकट मिलने पर आपको बधाई: बागपत कलक्ट्रेट में नामांकन फार्म खरीदने गए छपरौली विधानसभा से रालोद-सप?
- फोटो : BAGHPAT
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बागपत। पंचायत की चेतावनी के बाद रालोद ने बुधवार को छपरौली प्रत्याशी बदल दिया। वीरपाल राठी की जगह पूर्व विधायक प्रो. अजय कुमार को प्रत्याशी बनाया है। वीरपाल राठी को प्रत्याशी घोषित करने के बाद से लगातार विरोध जारी था। क्षेत्र के लोगों ने चौधरी जयंत सिंह के आवास पर जाकर प्रत्याशी नहीं बदलने पर पंचायत करके अपना प्रत्याशी उतारने की चेतावनी दी थी।
रालोद के बड़ौत व छपरौली प्रत्याशियों को लेकर काफी खींचतान हो रही थी। जिससे दोनों जगह के प्रत्याशी काफी देरी से घोषित किए गए। रालोद ने बड़ौत विधानसभा सीट पर अधिवक्ता जयवीर सिंह तोमर व छपरौली सीट पर पूर्व विधायक वीरपाल राठी को प्रत्याशी घोषित किया था। इसके बाद से ही क्षेत्र में उनका विरोध शुरू हो गया था। छपरौली क्षेत्र के काफी लोगों ने दिल्ली में रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह के आवास पर पहुंचकर विरोध जताया था। उन्होंने छपरौली प्रत्याशी बदलने की मांग उठाई थी। जिस पर जयंत ने इनकार कर दिया था। इस पर लोगों ने चेतावनी दी थी कि वे क्षेत्र की पंचायत करके अपना निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे। इस चेतावनी के बाद चौधरी जयंत ने प्रत्याशी पर विचार करने का आश्वासन दिया था। रालोद ने बुधवार सुबह को प्रत्याशियों की सूची जारी कर छपरौली से वीरपाल की जगह पूर्व विधायक प्रो. अजय कुमार को प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस पर प्रो. अजय कुमार ने कहा कि चौधरी जयंत ने क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान किया है।
वीरपाल को रात में सिंबल मिला, सुबह को टिकट कटा
पूर्व विधायक वीरपाल राठी को मंगलवार रात को रालोद का सिंबल मिल गया था। उनके साथ कई नेताओं व समर्थकों ने खुशी मनाते हुए फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए थे। हालांकि यह खुशी बुधवार सुबह उस समय खत्म हो गई, जब रालोद ने वीरपाल राठी का टिकट काटकर प्रो. अजय कुमार को थमा दिया। वीरपाल के साथ खुशी मनाने वाले काफी समर्थक टिकट बदलते ही प्रो. अजय कुमार के साथ खड़े हो गए।
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छपरौली से 2002 में विधायक रहे अजय
छपरौली से रालोद प्रत्याशी प्रो. अजय कुमार पहले भी वर्ष 2002 में रालोद की ओर से विधायक बने थे। उनके पिता डॉ. महक सिंह भी विधायक रहे। प्रो. अजय कुमार वर्ष 2012 में सपा के टिकट पर बड़ौत से चुनाव लड़े थे, लेकिन उसके बाद उनकी घर वापसी हो गई। अब रालोद ने छपरौली से प्रो. अजय कुमार पर दोबारा विश्वास जताया है।
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रालोद के बड़ौत व छपरौली प्रत्याशियों को लेकर काफी खींचतान हो रही थी। जिससे दोनों जगह के प्रत्याशी काफी देरी से घोषित किए गए। रालोद ने बड़ौत विधानसभा सीट पर अधिवक्ता जयवीर सिंह तोमर व छपरौली सीट पर पूर्व विधायक वीरपाल राठी को प्रत्याशी घोषित किया था। इसके बाद से ही क्षेत्र में उनका विरोध शुरू हो गया था। छपरौली क्षेत्र के काफी लोगों ने दिल्ली में रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह के आवास पर पहुंचकर विरोध जताया था। उन्होंने छपरौली प्रत्याशी बदलने की मांग उठाई थी। जिस पर जयंत ने इनकार कर दिया था। इस पर लोगों ने चेतावनी दी थी कि वे क्षेत्र की पंचायत करके अपना निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे। इस चेतावनी के बाद चौधरी जयंत ने प्रत्याशी पर विचार करने का आश्वासन दिया था। रालोद ने बुधवार सुबह को प्रत्याशियों की सूची जारी कर छपरौली से वीरपाल की जगह पूर्व विधायक प्रो. अजय कुमार को प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस पर प्रो. अजय कुमार ने कहा कि चौधरी जयंत ने क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान किया है।
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वीरपाल को रात में सिंबल मिला, सुबह को टिकट कटा
पूर्व विधायक वीरपाल राठी को मंगलवार रात को रालोद का सिंबल मिल गया था। उनके साथ कई नेताओं व समर्थकों ने खुशी मनाते हुए फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए थे। हालांकि यह खुशी बुधवार सुबह उस समय खत्म हो गई, जब रालोद ने वीरपाल राठी का टिकट काटकर प्रो. अजय कुमार को थमा दिया। वीरपाल के साथ खुशी मनाने वाले काफी समर्थक टिकट बदलते ही प्रो. अजय कुमार के साथ खड़े हो गए।
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छपरौली से 2002 में विधायक रहे अजय
छपरौली से रालोद प्रत्याशी प्रो. अजय कुमार पहले भी वर्ष 2002 में रालोद की ओर से विधायक बने थे। उनके पिता डॉ. महक सिंह भी विधायक रहे। प्रो. अजय कुमार वर्ष 2012 में सपा के टिकट पर बड़ौत से चुनाव लड़े थे, लेकिन उसके बाद उनकी घर वापसी हो गई। अब रालोद ने छपरौली से प्रो. अजय कुमार पर दोबारा विश्वास जताया है।