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यमुना में दूसरे दिन भी चला रेस्क्यू ऑप्रेशन
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 16 Sep 2017 01:58 AM IST
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काठा गांव में नाव हादसे के बाद यमुना में शवों की तलाश करते पीएसी के जवान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नाव डूबने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद से यमुना में रेस्क्यू ऑपे्रशन चला। एनडीआरएफ को शुक्रवार शाम तक यमुना में कोई डूबा हुआ नहीं मिला। काठा में नाव हादसे के बाद यमुना में डूबे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरफ बुलाई गई थी।
टीम ने यमुना में बृहस्पतिवार को सर्च अभियान चलाया। लेकिन टीम को यमुना में कोई डूबा हुआ नहीं मिला। शुक्रवार सुबह से एनडीआरएफ ने यमुना में तलाश शुरू कर दी थी। शाम तक सर्च अभियान चला।
कोई भी यमुना में डूबा हुआ नहीं मिला। प्रशासनिक अफसर पहले ही कह चुके है कि इस हादसे में और कोई नहीं डूबा हुआ है। दिनभर यहां अभियान चलाया गया, लेकिन न कोई लाश मिली और न ही कोई डूबा हुआ व्यक्ति मिला।
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घाव दिखाते हुए बिलख पड़े
काठा में नाव हादसा होने के बाद इंसाफ के लिए हाईवे पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया तो पुलिस ने बल का प्रयोग कर दिया। इसमें मृतक के परिवार को भी लाठी खानी पड़ी। इसको लेकर ग्रामीणों और राज नेताओं में काफी रोष है।
की यमुना में डूबने से मौत हुई थी। वे इंसाफ के लिए हाईवे पर बैठे हुए थे। तभी पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इसमें वह घायल हो गया। मीरा ने बताया कि उसके पति श्रीभगवान की कई साल पूर्व मौत हो गई थी। वह बेटी मोनी के साथ मजदूरी करके गुजर करती थी।
एक बेटा विनय दिव्यांग है और कमल की दिमागी हालत ठीक नहीं है। मोनी की मौत से परिवार पूरी तरह से टूट गया है। पुलिस ने उन पर लाठी बरसाई। इसी तरह प्रवीन, रविंद्र और इस्वती भी पुलिस की लाठियों से हुए घावों को दिखाते हुए बिलख पड़े। उन्होंने इंसाफ की गुहार लगाई है।
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टीम ने यमुना में बृहस्पतिवार को सर्च अभियान चलाया। लेकिन टीम को यमुना में कोई डूबा हुआ नहीं मिला। शुक्रवार सुबह से एनडीआरएफ ने यमुना में तलाश शुरू कर दी थी। शाम तक सर्च अभियान चला।
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कोई भी यमुना में डूबा हुआ नहीं मिला। प्रशासनिक अफसर पहले ही कह चुके है कि इस हादसे में और कोई नहीं डूबा हुआ है। दिनभर यहां अभियान चलाया गया, लेकिन न कोई लाश मिली और न ही कोई डूबा हुआ व्यक्ति मिला।
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घाव दिखाते हुए बिलख पड़े
काठा में नाव हादसा होने के बाद इंसाफ के लिए हाईवे पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया तो पुलिस ने बल का प्रयोग कर दिया। इसमें मृतक के परिवार को भी लाठी खानी पड़ी। इसको लेकर ग्रामीणों और राज नेताओं में काफी रोष है।
की यमुना में डूबने से मौत हुई थी। वे इंसाफ के लिए हाईवे पर बैठे हुए थे। तभी पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इसमें वह घायल हो गया। मीरा ने बताया कि उसके पति श्रीभगवान की कई साल पूर्व मौत हो गई थी। वह बेटी मोनी के साथ मजदूरी करके गुजर करती थी।
एक बेटा विनय दिव्यांग है और कमल की दिमागी हालत ठीक नहीं है। मोनी की मौत से परिवार पूरी तरह से टूट गया है। पुलिस ने उन पर लाठी बरसाई। इसी तरह प्रवीन, रविंद्र और इस्वती भी पुलिस की लाठियों से हुए घावों को दिखाते हुए बिलख पड़े। उन्होंने इंसाफ की गुहार लगाई है।