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जेसीबी से कराई नहर की टूटी पटरी की मरम्मत
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चांदीनगर। रटौल क्षेत्र में मंगलवार को पूर्वी यमुना नहर की पटरी टूटने ने कई गांव के सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। बुधवार को सिंचाई विभाग ने जेसीबी और मजदूरों से नहर की पटरी ठीक कराई। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से फसलों का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
रटौल के निकट से गुजर रही पूर्वी यमुना नहर की पटरी काफी दिनों से जर्जर है। दो से हो रही बरसात के चलते मंगलवार शाम अचानक नहर की पटरी करीब 30 फीट टूट गई थी। इससे रटौल, खरक, विनयपुर, डगरपुर और तिगरी कई गांवों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। जलभराव के कारण किसानों की ज्वार, बाजरा, धान की फसलें पानी में डूब गई। किसान यूनुस, जुल्फिकार, सतीश, राहुल, सरफराज, मुजफ्फर, हामिद, सलीम, कलाम आदि ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों सूचना देकर पटरी ठीक कराने की मांग की की थी। सूचना के बावजूद कई घंटे तक सिंचाई विभाग को कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था। बुधवार की सुबह करीब नौ बजे सिंचाई विभाग के जेई जेसीबी मशीन व श्रमिकों के साथ नहर की पटरी पर पहुंचे। उन्होंने जेसीबी और मजदूरों की मदद से नहर की टूटी हुई पटरी की मरम्मत कराई। नहर पर घंटों तक पटरी की मरम्मत के बाद नहर की पटरी दुरुस्त किया जा सका। पीड़ित किसानों ने बर्बाद हुई फसल के मुआवजे की मांग की है।
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रटौल के निकट से गुजर रही पूर्वी यमुना नहर की पटरी काफी दिनों से जर्जर है। दो से हो रही बरसात के चलते मंगलवार शाम अचानक नहर की पटरी करीब 30 फीट टूट गई थी। इससे रटौल, खरक, विनयपुर, डगरपुर और तिगरी कई गांवों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। जलभराव के कारण किसानों की ज्वार, बाजरा, धान की फसलें पानी में डूब गई। किसान यूनुस, जुल्फिकार, सतीश, राहुल, सरफराज, मुजफ्फर, हामिद, सलीम, कलाम आदि ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों सूचना देकर पटरी ठीक कराने की मांग की की थी। सूचना के बावजूद कई घंटे तक सिंचाई विभाग को कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था। बुधवार की सुबह करीब नौ बजे सिंचाई विभाग के जेई जेसीबी मशीन व श्रमिकों के साथ नहर की पटरी पर पहुंचे। उन्होंने जेसीबी और मजदूरों की मदद से नहर की टूटी हुई पटरी की मरम्मत कराई। नहर पर घंटों तक पटरी की मरम्मत के बाद नहर की पटरी दुरुस्त किया जा सका। पीड़ित किसानों ने बर्बाद हुई फसल के मुआवजे की मांग की है।
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