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Baghpat News: विकास कार्यों की जांच रुकवाने पहुंचे प्रधान, सीडीओ बोले-सबकुछ सही तो क्यों डर रहे
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बागपत। गांवों में पांच वर्षों में हुए विकास कार्यों की सीडीओ ने जांच शुरू कराई गई तो बुधवार को प्रधान उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने जांच रुकवाने की मांग की। सीडीओ ने कहा कि पांच साल के कागज जरूर चाहिए। जब गांव में सबकुछ सही है तो जांच से क्यों डर रहे हो। वह सभी अभिलेख उपलब्ध करा दें और अभिलेख सही होंगे तो कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
विकास भवन में बुधवार को फैजपुर निनाना, नौरोजपुर गुर्जर, खेड़की, ट्योढ़ी, टांडा, कुर्डी आदि गांवों के प्रधान सीडीओ अनिल कुमार सिंह से मिलने पहुंचे। प्रधानों ने कहा कि पंचायत चुनाव नजदीक आ रहे हैं और ऐसे में गांवों में जांच होना ठीक नहीं है। जांच होने से प्रधानों की छवि खराब होगी। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता तो झूठी शिकायत करते हैं ताकि प्रधानों को बदनाम किया जा सके। गांव में जो भी बजट मिला है, उससे विकास कार्य कराए गए हैं। सीडीओ ने कहा कि जब प्रधान सही हैं तो पांच साल के अभिलेख जमा करा दें और गांव में सबकुछ सही हुआ है तो जांच से क्यों डर रहे हो। जांच तो होनी चाहिए, ताकि गांव के विकास कार्यों का लोगों को भी पता चले।
यदि गांव में विकास कार्य हुए हैं तो उनके पास अभिलेख भी होंगे। इसमें किसी भी तरह की आपत्ति नहीं होनी चाहिए। प्रधानों को खुद ही अभिलेख जमा करा देने चाहिए ताकि कार्यों की जांच समय से पूरी हो सकें। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि पांच साल के अभिलेख जरूर चाहिए और कोई अभिलेख नहीं देगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान डीपीआरओ रमेशचंद गुप्ता, प्रधान आशीष शर्मा, नवाजिश खान, ओमपाल प्रधान, सुशील प्रधान, संदीप कुमार, रोहित धनकड़, संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
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केयर टेकर का भुगतान रोकने व अधिकार देने की उठाई मांग
प्रधानों ने कहा कि जब उन्हें प्रशासक बनाया गया है तो अधिकार भी मिलने चाहिए। अधिकार मिले बिना वे कैसे गांव का विकास करा सकेंगे। गांव के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं, जिससे काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रधानों ने कहा कि गांवों में केयर टेकर कार्य नहीं कर रहे हैं और उन्हें भुगतान किया जा रहा है, जो गलत है। केयर टेकर के भुगतान पर रोक लगनी चाहिए। सीडीओ ने कहा कि इस समस्या भी समाधान किया जाएगा। इससे पहले वह पांच साल के अभिलेख कार्यालय में जमा करें।
वर्जन
कार्यालय में प्रधान जांच रुकवाने सहित कई कार्यों के लिए आए थे, लेकिन सभी को पांच साल के अभिलेख जमा करने के लिए कहा गया है। इससे जांच में किसी भी तरह की परेशानी न हो।
-अनिल कुमार सिंह, सीडीओ
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विकास भवन में बुधवार को फैजपुर निनाना, नौरोजपुर गुर्जर, खेड़की, ट्योढ़ी, टांडा, कुर्डी आदि गांवों के प्रधान सीडीओ अनिल कुमार सिंह से मिलने पहुंचे। प्रधानों ने कहा कि पंचायत चुनाव नजदीक आ रहे हैं और ऐसे में गांवों में जांच होना ठीक नहीं है। जांच होने से प्रधानों की छवि खराब होगी। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता तो झूठी शिकायत करते हैं ताकि प्रधानों को बदनाम किया जा सके। गांव में जो भी बजट मिला है, उससे विकास कार्य कराए गए हैं। सीडीओ ने कहा कि जब प्रधान सही हैं तो पांच साल के अभिलेख जमा करा दें और गांव में सबकुछ सही हुआ है तो जांच से क्यों डर रहे हो। जांच तो होनी चाहिए, ताकि गांव के विकास कार्यों का लोगों को भी पता चले।
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यदि गांव में विकास कार्य हुए हैं तो उनके पास अभिलेख भी होंगे। इसमें किसी भी तरह की आपत्ति नहीं होनी चाहिए। प्रधानों को खुद ही अभिलेख जमा करा देने चाहिए ताकि कार्यों की जांच समय से पूरी हो सकें। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि पांच साल के अभिलेख जरूर चाहिए और कोई अभिलेख नहीं देगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान डीपीआरओ रमेशचंद गुप्ता, प्रधान आशीष शर्मा, नवाजिश खान, ओमपाल प्रधान, सुशील प्रधान, संदीप कुमार, रोहित धनकड़, संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
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केयर टेकर का भुगतान रोकने व अधिकार देने की उठाई मांग
प्रधानों ने कहा कि जब उन्हें प्रशासक बनाया गया है तो अधिकार भी मिलने चाहिए। अधिकार मिले बिना वे कैसे गांव का विकास करा सकेंगे। गांव के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं, जिससे काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रधानों ने कहा कि गांवों में केयर टेकर कार्य नहीं कर रहे हैं और उन्हें भुगतान किया जा रहा है, जो गलत है। केयर टेकर के भुगतान पर रोक लगनी चाहिए। सीडीओ ने कहा कि इस समस्या भी समाधान किया जाएगा। इससे पहले वह पांच साल के अभिलेख कार्यालय में जमा करें।
वर्जन
कार्यालय में प्रधान जांच रुकवाने सहित कई कार्यों के लिए आए थे, लेकिन सभी को पांच साल के अभिलेख जमा करने के लिए कहा गया है। इससे जांच में किसी भी तरह की परेशानी न हो।
-अनिल कुमार सिंह, सीडीओ