पुलिस की दो चूक और एक सवाल
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गांगनौली के लोगों ने भी दोनों को जाते देखा और पुलिस को बताया भी था। गड्ढे खोदने और एसएलआर दबाने में भी कम से कम 20 मिनट खर्च हुए होंगे। सवाल है वारदात के बाद जब पुलिस जंगल की खाक छान रही थी तो उन्हें दोनों ही संदिग्ध क्यों नहीं मिले। चेकिंग का हाल यह रहा कि एसएलआर खेत में जरूर दबाई, लेकिन 16 कारतूस पंकज मान और हरीश हरियाणा ले गए थे। बीच रास्ते में वह कहीं भी चेकिंग में नहीं पकड़े गए। जबकि पुलिस को पहले दिन से पता था वारदात में हरियाणा के युवक शामिल है। इसके बावजूद बॉर्डर पर चेकिंग सख्त नहीं की। यही नहीं वारदात के एक सप्ताह बाद पंकज मान और हरीश धनौरा आए। सविता की लाइसेंसी राइफल सहदेव धनौरा को दी। सवाल है कि आखिरकार इस बीच चेकिंग में क्यों नहीं पकड़े गए। अगर दोघट थाना क्षेत्र में दो युवक रायफल लेकर गए थे। चेकिंग में कहीं भी क्यों नहीं पकड़े गए। पुलिस का मुखबिर तंत्र क्या करता रह गया।
केस में रायफल की कैसे हुई एंट्री
बागपत। सविता की लाइसेंसी रायफल की एंट्री असलियत में केस के खुलासे के दौरान होना सवाल उठाता है। गांगनौली में चर्चा थी कि वारदात के बाद एक एसएलआर लिए दो युवक जाते सबने देखे हैं। पंकज राठी ने मुकदमा लिखाया तो उसमें लाइसेंसी रायफल लूटने का जिक्र नहीं किया। पुलिस भी इस लूट को पूरी तरह छिपाए रही। इस सवाल पर एसपी पूनम ने कहा पंकज राठी ने घर में रायफल नहीं मिलने पर बाद में इसके लिए तहरीर दी थी।
सोनीपत के जठेड़ी गांव में करना था खून-खराबा
बागपत। प्रेमिका और करोड़ों की संपत्ति पाने के गांगनौली के बाद सोनीपत के जठेड़ी गांव में भी पंकज मान ने पांच लोगों की हत्या की साजिश रच ली थी। दीवाली के दिन खेत में पूजन के दौरान इन लोगों को मारा जाना था।पंकज मान ने पुलिस को बताया उसका सोनीपत के जठेड़ी गांव की एक युवती से प्रेम प्रसंग था। वह बीए में है। वह उससे शादी करना चाहता है, लेकिन उसके प्रेमिका के परिजन इससे खुश नहीं है। उन्होंने उसे शादी करने से इंकार कर दिया है। उसे पता था कि उसके प्रेमिका का पूरा परिवार दीपावली पर खेत में पूजा अर्चना करने जाएगा। वहां उनकी हत्या हो सकती है। खेत में प्रेमिका की दादी को छोड़कर अन्य सभी लोग जाएंगे। उनकी हत्या करने के बाद प्रेमिका से शादी कर उनकी करोड़ों की संपत्ति को कब्जा लेगा। उसमें से कुछ हिस्सा अपने साथी हरीश को दे देगा। इसके लिए उसने गांगनौली कांड को अंजाम दिया, लेकिन बागपत पुलिस ने दीपावली से पहले उसे गिरफ्तार कर उसके प्लान को फेल कर दिया।
बार-बार बयान बदल रहा पंकज
बागपत। पकड़ा गया आरोपी पंकज बार-बार अपना बयान बदल रहा था। पुलिस को लगा कि सनकी है। पुलिस ने उसका मेडिकल भी कराया।
अस्पताल में मिले थे पंकज और हरीश
बागपत। पंकज मान और हरीश की मुलाकात कुछ माह पहले सोनीपत के अस्पताल में हुई थी। पंकज ने अपने दादा को इलाज के लिए यहां भर्ती कराया। वार्ड ब्वाय हरीश से उसकी मुलाकात हो गई। कुछ दिन में ही दोनों की दोस्ती हुई। नशीली दवा की पूरी जानकारी हरीश के पास थी, इस कारण पंकज ने उसे योजना में शामिल किया। दोनों का सपना था कि प्रेमिका के परिवार को मारकर करोड़ों की संपत्ति भी उनके हिस्से में आ जाएगी।