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शिकारियों की गोली से नील गाय की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 13 Jun 2016 12:41 AM IST
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संसद परिसर में घूमती नील गाय
- फोटो : अमर उजाला
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बागपत के बड़ौत क्षेत्र में शिकारी वन्य जीवों का शिकार धड़ल्ले से कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग इन्हें रोक पाने में विफल हो रहा है। इसके चलते लुहारी गांव के जंगल में शनिवार की रात में शिकारियों की गोली से घायल नील गाय ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों के सूचना देने के बाद भी वन कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। इसे लेकर ग्रामीणों ने हंगामा किया और बाद में उसे दफना दिया।
शनिवार की रात में लुहारी गांव के जंगल में शिकारियों ने एक नील गाय को शिकार करने के लिए उस पर गोली चलाई तो वह घायल होकर वहां से भाग निकली और सुधीर के खेत मे जा गिरी। रात्रि में जब किसान अपने खेतों में पानी चला रहे थे वे गोली की आवाज सुनकर उधर दौड़े। वहां मौजूद किसानों ने इसकी सूचना अन्य ग्रामीणों को दी। सूचना पर काफी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंचे और इसकी सूचना वन अधिकारियों को दी।
ग्रामीणों का आरोप है सूचना देने के बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचा। समय पर उपचार नहीं होने पर उसने दम तोड़ दिया। बाद में ग्रामीणों ने नील गाय को दफना दिया। इनमें सुरेंद्र, प्रताप, मेहर पाल, नरेश, अमरदीप, ओमवीर, धर्मेंद्र, जयवीर, ओमवीर, जसवीर आदि रहे। दूसरी तरफ वन क्षेत्राधिकारी ओम सिंह ने सूचना से अनभिज्ञता जताई।
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शनिवार की रात में लुहारी गांव के जंगल में शिकारियों ने एक नील गाय को शिकार करने के लिए उस पर गोली चलाई तो वह घायल होकर वहां से भाग निकली और सुधीर के खेत मे जा गिरी। रात्रि में जब किसान अपने खेतों में पानी चला रहे थे वे गोली की आवाज सुनकर उधर दौड़े। वहां मौजूद किसानों ने इसकी सूचना अन्य ग्रामीणों को दी। सूचना पर काफी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंचे और इसकी सूचना वन अधिकारियों को दी।
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ग्रामीणों का आरोप है सूचना देने के बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचा। समय पर उपचार नहीं होने पर उसने दम तोड़ दिया। बाद में ग्रामीणों ने नील गाय को दफना दिया। इनमें सुरेंद्र, प्रताप, मेहर पाल, नरेश, अमरदीप, ओमवीर, धर्मेंद्र, जयवीर, ओमवीर, जसवीर आदि रहे। दूसरी तरफ वन क्षेत्राधिकारी ओम सिंह ने सूचना से अनभिज्ञता जताई।
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