{"_id":"68693824f664c686b10a3573","slug":"pmgsy-scam-in-malakpur-87-lakh-road-shown-completed-only-on-paper-villagers-protest-2025-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम ग्राम सड़क योजना में घोटाला: 87 लाख की सड़क कागजों में बनी, मौके पर एक ईंट भी न लगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम ग्राम सड़क योजना में घोटाला: 87 लाख की सड़क कागजों में बनी, मौके पर एक ईंट भी न लगी
Mon, 07 Jul 2025 11:18 AM IST
डिंपल सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: डिंपल सिरोही
Updated Mon, 07 Jul 2025 11:18 AM IST
सार
बड़ौत क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 87 लाख की लागत से कागजों पर पूरी दिखी सड़क, लेकिन जमीन पर एक भी ईंट नहीं लगी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जांच और कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बड़ौत-छपरौली रोड से बोहला मार्ग वाया मलकपुर तक 5.15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य कागजों में पूरा दिखाया गया है। शनिवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी।
ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर एक भी ईंट नहीं लगाई गई। इस सड़क के निर्माण के लिए 87.60 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। इसके अलावा 5 वर्षों के लिए 44.31 लाख रुपए अनुरक्षण के लिए भी मंजूर किए गए थे।
यह भी पढ़ें: Meerut News Today Live: मेरठ और आसपास की ताजा और अहम खबरें, पढ़ें 5 जुलाई को आपके शहर में क्या हुआ
विज्ञापन
निर्माण कार्य 4 फरवरी 2025 से 3 अगस्त 2025 तक पूरा होना था। ग्रामीणों का आरोप है कि जब यह मुद्दा उठा तो बोर्ड से तारीखें और अनुरक्षण की जानकारी हटा दी गई। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की है।
प्रदर्शन करने वालों में अश्वनी मास्टर, जिला पंचायत सदस्य प्रवेन्द्र तोमर, रोहित तोमर, गौरव तोमर, रामबीर आर्य, प्रहलाद पहलवान, वेदपाल तोमर और जगदीश तोमर समेत कई ग्रामीण शामिल हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर एक भी ईंट नहीं लगाई गई। इस सड़क के निर्माण के लिए 87.60 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। इसके अलावा 5 वर्षों के लिए 44.31 लाख रुपए अनुरक्षण के लिए भी मंजूर किए गए थे।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Meerut News Today Live: मेरठ और आसपास की ताजा और अहम खबरें, पढ़ें 5 जुलाई को आपके शहर में क्या हुआ
विज्ञापन
निर्माण कार्य 4 फरवरी 2025 से 3 अगस्त 2025 तक पूरा होना था। ग्रामीणों का आरोप है कि जब यह मुद्दा उठा तो बोर्ड से तारीखें और अनुरक्षण की जानकारी हटा दी गई। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की है।
प्रदर्शन करने वालों में अश्वनी मास्टर, जिला पंचायत सदस्य प्रवेन्द्र तोमर, रोहित तोमर, गौरव तोमर, रामबीर आर्य, प्रहलाद पहलवान, वेदपाल तोमर और जगदीश तोमर समेत कई ग्रामीण शामिल हैं।