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शांतिनाथ विधान करने से घर में आती है सुख-समृद्धि : दीपक शास्त्री
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-बिनौली के दिगंबर जैन पुराना मंदिर में हुआ शांतिनाथ विधान
फोटो तीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बिनौली के दिगंबर जैन पुराना मंदिर में सोमवार को शांतिनाथ विधान हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने विधि विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। पंडित दीपक जैन शास्त्री ने पूजन संपन्न कराया, जबकि अनुज जैन और अंकुर जैन ने भगवान श्रीजी का अभिषेक किया।
अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने शांतिधारा की और नित्य नियम से भगवान नेमिनाथ की पूजा कर अर्घ्य समर्पित किए। पंडित दीपक जैन शास्त्री ने विधान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शांतिनाथ विधान जैन धर्म की एक महत्वपूर्ण धार्मिक क्रिया है। यह विधान विशेष रूप से सुख, शांति और समृद्धि के लिए किया जाता है। पंडित ने जोर दिया कि इस विधान के अनुष्ठान से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे सभी प्रकार के संकट दूर होते हैं और परिवार में सुख-शांति स्थापित होती है। विधान में नीरज जैन, उषा जैन, रुचि जैन, छवि जैन, वंश जैन, भव्य जैन और वाणी जैन सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने धार्मिक उत्साह के साथ इस पवित्र अनुष्ठान में भाग लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बिनौली के दिगंबर जैन पुराना मंदिर में सोमवार को शांतिनाथ विधान हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने विधि विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। पंडित दीपक जैन शास्त्री ने पूजन संपन्न कराया, जबकि अनुज जैन और अंकुर जैन ने भगवान श्रीजी का अभिषेक किया।
अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने शांतिधारा की और नित्य नियम से भगवान नेमिनाथ की पूजा कर अर्घ्य समर्पित किए। पंडित दीपक जैन शास्त्री ने विधान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शांतिनाथ विधान जैन धर्म की एक महत्वपूर्ण धार्मिक क्रिया है। यह विधान विशेष रूप से सुख, शांति और समृद्धि के लिए किया जाता है। पंडित ने जोर दिया कि इस विधान के अनुष्ठान से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे सभी प्रकार के संकट दूर होते हैं और परिवार में सुख-शांति स्थापित होती है। विधान में नीरज जैन, उषा जैन, रुचि जैन, छवि जैन, वंश जैन, भव्य जैन और वाणी जैन सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने धार्मिक उत्साह के साथ इस पवित्र अनुष्ठान में भाग लिया।
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