बड़ौत। जनपद में मुख्यमंत्री के दौरे के चलते यात्रियों को गतंव्य तक पहुंचने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान यात्रियों को पांच से छह किमी का सफर पैदल तय करना पड़ा। प्रशासन ने बड़े वाहनों को डायवर्ट कर दिया था। जिससे सिसाना में विद्यालय के दौरे के समय मुख्यमंत्री को कोई परेशानी न हो। इसके परिणामस्वरूप बागपत से गौरीपुर, सरूरपुर, खेड़की, ट्यौढ़ी, बड़ौली, बड़ौत जाने वाले यात्रियों को सफर पैदल तय करना पड़ा।
नहीं उठा सके जमीन के मुआवजे की मांग
मुख्यमंत्री के ग्राम सिसाना पहुंचने पर ग्रामीण वर्ष 1999 में सिसाना व निवाड़ा गांव की भूमि अधिग्रहण का उचित मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंचे। हालांकि पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। ग्रामीणों ने बताया कि किसानों को मात्र 41.46 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा विभिन्न शर्तों के आधार पर दिया गया था। जिसमें प्रत्येक किसान के एक परिजन को सरकारी नौकरी व अधिगृहीत भूमि का 10 प्रतिशत प्लॉट के रूप में दिया जाएगा। इन शर्तों का पालन पूरा नहीं किया गया है।