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Baghpat News: जैविक कचरा है खेती की जान...आग लगाकर न करें नुकसान

Tue, 03 Jun 2025 12:35 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Jun 2025 12:35 AM IST
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Organic waste is the lifeblood of farming... do not harm it by setting it on fire
दौलतपुर गांव में आयोजित बैठक में शामिल कृ​षि वैज्ञानिक व किसान। स्रोत:कृ​षि वैज्ञानिक
संवाद न्यूज एजेंसी
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बागपत। विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत वैज्ञानिकों ने सोमवार को कई गांवों में किसानों के बीच पहुंचकर फायदे की खेती के गुर बताए। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. जी अब्राहम ने कहा कि जैविक कचरा खेती की जान है, इसलिए इसे आग में झोंककर नुकसान न पहुंचाए।
वैज्ञानिक डॉ़ जी अब्राहम ने दौलतपुर गांव में किसानों को समझाया कि पूसा वेस्ट डी-कंपोजर से जैविक कचरा यानी फसल अवशेषों को खाद में तब्दील करें। वेस्ट डी-कंपोजर को गाय के गोबर से बनाया जाता है, जिसमें सूक्ष्म जीवाणु होते हैं। सूक्ष्म जीवाणु फसल अवशेष, गोबर और अन्य जैविक कचरे को खाते हैं, जिससे जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ती है।
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मिट्टी के भौतिक तथा रासायनिक गुणों में सुधार होने से मिट्टी अधिक उपजाऊ होती है। डी-कंपोजर का उपयोग यूरिया, डीएपी आदि रसायनों की जरूरत कम करता है। बीजों को मिट्टी से होने वाली बीमारियों से बचाता है, जिससे बेहतर अंकुरण होता है।
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पर्यावरण बिगड़ने से बचता है। वैज्ञानिक डॉ़ भरत एच गावड़े तथा वैज्ञानिक डॉ राजू कुमार ने फसल उत्पादन तथा फसल सुरक्षा के लिए उपयोग होने वाले मोबाइल एप की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के पादप सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ़ शिवम सिंह ने गन्ना, धान, भिंडी, मिर्च में लगने वाले रोग एवं कीट से बचाव के लिए जैविक प्रबंधन की जानकारी दी।
वहीं, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के ही प्रधान वैज्ञानिक डॉ जीके महापात्रा, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ईरा वैद्य तथा डॉ. मोहम्मद अशरफुल हक ने ग्राम सिखेड़ा, पटौली, राजपुर खामपुर, सुल्तानपुर हटाना, खेड़ा इस्लामपुर में किसानों से संवाद कर फसलों की बुआई से लेकर कटाई तक की आधुनिक तकनीक की जानकारी देकर उनको अपनाने के लिए आह्वान किया।

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार, वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार ने ग्राम हसनपुर मसूरी, डूंडाहेड़ा तथा नूरपुर खालसा और काठा आदि गांवों में किसानों को खेतीबाड़ी की जानकारी दी।
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