{"_id":"621279aa5d4c9e54115c7218","slug":"on-the-last-day-of-sahalag-shehnais-rang-a-lot-baraut-news-mrt5776958165","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहालग के अंतिम दिन खूब बजी शहनाइयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहालग के अंतिम दिन खूब बजी शहनाइयां
विज्ञापन
बडौत में एक शादी समारोह में खुशी मनाते लोग
- फोटो : BARAUT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले भर में संपन्न हुए 300 से अधिक वैवाहिक कार्यक्रम
शादियों के चलते पूरे दिन जाम से जूझते नजर आए लोग
अब चार मार्च को फुलैरा दौज के अनबूझे मुहूर्त में होगी शादियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। 20 जनवरी से चल रहे सहालग रविवार की देर रात खत्म हो गए। सहालग के अंतिम दिन यानि रविवार को जिले भर में 300 से अधिक शादियां खत्म हुई। अब चार मार्च को फुलैरा दौज के अनबूझे मुहूर्त में शादियां होगी। इसके बाद अगले साहा 19 अप्रैल से शुरू होंगे। 19 अप्रैल से शुरू होने वाले सहालग मई, जून, जुलाई तक चलेंगे। इसके बाद नवंबर-दिसंबर में सहालग शुरू होंगे।
कुछ शादी कार्यक्रम 24 तक होंगे
पंचवटी मंदिर के पुजारी पंडित कुंदन भारद्वाज ने बताया कि अभी तक 24 फरवरी तक की तारीखें विवाह के लिए निकाली गई हैं। लड़की के गुरू और लड़के के सूर्य-चंद्रमा के ज्योतिषीय गणित के आधार पर विवाह कार्यक्रम तय किए जाते हैं। इसमें खास ध्यान यह रखना पड़ता है कि विवाह वाले दिन चंद्रमा शुभ होना चाहिए। चंद्रमा नेष्ट (खराब) होने वाले दिन विवाह नहीं निकालते हैं।
व्यापारी और कारोबारियों के चेहरे खिले
कोरोना के चलते शुरुआत में भले ही बरात या बड़े आयोजन रद्द हुए हो, लेकिन चुनाव की सरगर्मी के साथ-साथ शादी-विवाह का कारोबार भी अच्छा खासा पटरी पर दौड़ा। सहालग के चलते जनवरी और फरवरी में बाजार में भीड़ रही। ठंड और गर्मी के अलग-अलग तरीके से कपड़ों की बिक्री हुई तो व्यापारी खुश नजर आए। शादी से जुड़े विभिन्न कारोबार भी अच्छे से चले हैं। बड़ौत भारत हीरो के डायरेक्टर सतेंद्र मलिक ने बताया कि सहालग में अच्छा कारोबार रहा। कोरोना में बाजार पर असर पड़ा था, लेकिन सहालग में दुपहिया और चार पहिया वाहनों को जमकर ब्रिकी हुई।कपड़ा व्यापारी नवनीत जैन का कहना है कि सहालग पर कपड़ों का कारोबार अच्छा रहा।
विज्ञापन
जाम से जूझते नजर आए लोग
सहालग के चलते पूरे दिन लोग जाम से भी जूझते नजर आए। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग और नगर मेें कई विवाह मंडप स्थित है। इन सभी में शादी समारोह का आयोजन हुआ। लोग रात तक जाम से जूझते नजर आए।
सहालग में नकदी के लिए भटकते रहे लोग
सहालग में अधिकांश लोगों को नकदी की जरूरत पड़ी। इससे अधिकांश एटीएम कैशलेस रहे। लोग रविवार को नकदी के लिए भी इधर-उधर दौड़ते दिखाई दिए। अमल चौहान ने कहा कि पैसों को जरूरती थी, इसलिए एटीएम में रुपये निकालने गया था, नगदी नहीं मिली। विकुल ने कहा कि कैश के लिए शहर के कई एटीएम पर गया, लेकिन खाली हाथ ही लौटना पड़ा। दिव्यांग सौरभ ने बताया कि दोस्त की शादी के लिए रुपयों की जरूरत थी। कई एटीएम के चक्कर काटे, लेकिन कैश नहीं मिला।
विज्ञापन
शादियों के चलते पूरे दिन जाम से जूझते नजर आए लोग
अब चार मार्च को फुलैरा दौज के अनबूझे मुहूर्त में होगी शादियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। 20 जनवरी से चल रहे सहालग रविवार की देर रात खत्म हो गए। सहालग के अंतिम दिन यानि रविवार को जिले भर में 300 से अधिक शादियां खत्म हुई। अब चार मार्च को फुलैरा दौज के अनबूझे मुहूर्त में शादियां होगी। इसके बाद अगले साहा 19 अप्रैल से शुरू होंगे। 19 अप्रैल से शुरू होने वाले सहालग मई, जून, जुलाई तक चलेंगे। इसके बाद नवंबर-दिसंबर में सहालग शुरू होंगे।
कुछ शादी कार्यक्रम 24 तक होंगे
पंचवटी मंदिर के पुजारी पंडित कुंदन भारद्वाज ने बताया कि अभी तक 24 फरवरी तक की तारीखें विवाह के लिए निकाली गई हैं। लड़की के गुरू और लड़के के सूर्य-चंद्रमा के ज्योतिषीय गणित के आधार पर विवाह कार्यक्रम तय किए जाते हैं। इसमें खास ध्यान यह रखना पड़ता है कि विवाह वाले दिन चंद्रमा शुभ होना चाहिए। चंद्रमा नेष्ट (खराब) होने वाले दिन विवाह नहीं निकालते हैं।
विज्ञापन
व्यापारी और कारोबारियों के चेहरे खिले
कोरोना के चलते शुरुआत में भले ही बरात या बड़े आयोजन रद्द हुए हो, लेकिन चुनाव की सरगर्मी के साथ-साथ शादी-विवाह का कारोबार भी अच्छा खासा पटरी पर दौड़ा। सहालग के चलते जनवरी और फरवरी में बाजार में भीड़ रही। ठंड और गर्मी के अलग-अलग तरीके से कपड़ों की बिक्री हुई तो व्यापारी खुश नजर आए। शादी से जुड़े विभिन्न कारोबार भी अच्छे से चले हैं। बड़ौत भारत हीरो के डायरेक्टर सतेंद्र मलिक ने बताया कि सहालग में अच्छा कारोबार रहा। कोरोना में बाजार पर असर पड़ा था, लेकिन सहालग में दुपहिया और चार पहिया वाहनों को जमकर ब्रिकी हुई।कपड़ा व्यापारी नवनीत जैन का कहना है कि सहालग पर कपड़ों का कारोबार अच्छा रहा।
विज्ञापन
जाम से जूझते नजर आए लोग
सहालग के चलते पूरे दिन लोग जाम से भी जूझते नजर आए। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग और नगर मेें कई विवाह मंडप स्थित है। इन सभी में शादी समारोह का आयोजन हुआ। लोग रात तक जाम से जूझते नजर आए।
सहालग में नकदी के लिए भटकते रहे लोग
सहालग में अधिकांश लोगों को नकदी की जरूरत पड़ी। इससे अधिकांश एटीएम कैशलेस रहे। लोग रविवार को नकदी के लिए भी इधर-उधर दौड़ते दिखाई दिए। अमल चौहान ने कहा कि पैसों को जरूरती थी, इसलिए एटीएम में रुपये निकालने गया था, नगदी नहीं मिली। विकुल ने कहा कि कैश के लिए शहर के कई एटीएम पर गया, लेकिन खाली हाथ ही लौटना पड़ा। दिव्यांग सौरभ ने बताया कि दोस्त की शादी के लिए रुपयों की जरूरत थी। कई एटीएम के चक्कर काटे, लेकिन कैश नहीं मिला।