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Baghpat News: घपलों की जांच से बच रहे अफसर

Fri, 28 Feb 2025 12:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Fri, 28 Feb 2025 12:11 AM IST
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Officers are avoiding investigation of scams
बागपत ​विकास भवन
बागपत। ब्लॉकों से होने वाले विकास कार्यों और गांवों के कार्यों में घपलों की खूब शिकायत हो रही है और उनके लिए जांच टीम भी बन रही हैं। मगर, घपलों की जांच से अधिकारी बचकर भाग रहे हैं।
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जांच टीम में शामिल किए जाने पर अधिकारी कोई न कोई कारण बताकर खुद ही प्रार्थना पत्र देकर अपना नाम हटवा रहे हैं। इससे घपलों की जांच अटक रही है। अब मामले में सीएम तक शिकायत पहुंच गई तो जांच जल्द करने के आदेश जारी हुए। nछपरौली ब्लॉक के कार्यों की जांच के लिए बदले तीन अधिकारी : छपरौली ब्लॉक क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों में घपलों के सबसे ज्यादा आरोप लगे। जांच के लिए बनी टीम में सबसे पहले भूमि संरक्षण अधिकारी के साथ ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता और लोनिवि के सहायक अभियंता को लगाया गया।
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भूमि संरक्षण अधिकारी ने प्रार्थना पत्र दिया कि उनकी आंखों में समस्या है और वह जांच टीम में नहीं रहना चाहते हैं। इसके बाद उनकी जगह जिला उद्यान अधिकारी को टीम में शामिल किया गया।
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जिला उद्यान अधिकारी ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया कि वह निर्माण कार्यों से संबंधित मामलों को नहीं देख सकते हैं। उनकी जगह क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान के प्राचार्य को लगाया गया। इस तरह ढ़ाई महीने से जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी। इस मामले में तिलवाड़ा के अंकुर, आतेश, विपिन ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर शिकायत की।
अब सीएम कार्यालय से मामले में तुरंत जांच शुरू कराने के आदेश दिए गए तो अधिकारियों में अफरातफरी मच गई। सबसे पहले इसकी जांच कराने के आदेश जारी किए गए। nसरूरपुर कलां में बदले अधिकारी, जांच भी अधूरी : सरूरपुर कलां गांव में विकास कार्यों में घपले की शिकायत डेढ़ साल पहले हुई थी। उसकी जांच के लिए अधिकारी नियुक्त किए गए। इनमें सबसे पहले मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को को ग्रामीण अभियंत्रण विभाग व लोनिवि के अवर अभियंताओं के साथ जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

उनके बाद जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी को जिम्मेदारी मिली तो वह भी जांच नहीं कर सके। फिर जिला विकास अधिकारी को जांच मिली, मगर जांच पूरी नहीं हो सकी। अब जांच के लिए लखनऊ से टीम को आना पड़ा।
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