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बागपत: 750 भूखंड मालिकों को नोटिस, जमा नहीं कराया बैनामा
Sun, 19 Feb 2023 11:20 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sun, 19 Feb 2023 11:20 PM IST
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बागपत नगर पालिका
बागपत। शहर के जिन 750 भूखंड मालिकों को नगर पालिका ने नोटिस जारी किए हैं। उनमें से किसी ने नगर पालिका में बैनामा जमा नहीं कराया। उन सभी को तीन दिन का समय दिया गया था। अब उन सभी का नगर पालिका से पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
नगर पालिका में अपना प्लॉट और मकान दर्ज कराने के लिए रजिस्ट्री के कागज जमा कराने होते है, जिसमें गाटा नंबर, अन्य जरूरी जानकारी होती है। इसके लिए नगर पालिका में एक हजार रुपये की रसीद भी काटी जाती है। मगर नगर पालिका में पिछले पांच साल में करीब 750 प्लॉट और मकानों को केवल स्टांप के आधार पर दर्ज कर दिया था।
इन सभी को करीब एक सप्ताह पहले नोटिस भेजकर बैनामा जमा कराने के लिए कहा था। इन सभी को तीन दिन का समय दिया गया, लेकिन किसी ने बैनामा की कॉपी जमा नहीं कराई। जिससे यह माना जा रहा है किसी के पास बैनामा नहीं है और उन सभी ने केवल शपथ पत्र के आधार पर भूखंड की खरीद-फरोख्त की है। जिससे स्टांप शुल्क का करोड़ों रुपये का नुकसान राजस्व में हुआ है। इसलिए ही अब सभी का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा।
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शिकायत के बाद पकड़ में आया मामला
केतीपुरा मोहल्ले के बाहरी छोर पर कब्रिस्तान, दलितों के पट्टे और यमुना खादर की जमीन पर प्लॉट काटकर दस-दस रुपये के स्टांप पर बेच दिए गए थे। उन दस रुपये के स्टांप के आधार पर नगर पालिका ने उनको अपने रिकार्ड में दर्ज भी कर लिया। इस मामले में जांच के बाद पिछले पांच साल में दर्ज हुए मकानों का रिकार्ड देखा गया तो पता चला कि बैनामे के बिना 750 से ज्यादा प्लॉट व मकान दर्ज किए हैं। उसके बाद ही कार्रवाई शुरू की गई थी।
कोट...
जिन प्लॉट और मकानों को नगरपालिका में बिना बैनामे के दर्ज किया था। उन सभी को नोटिस जारी किए। अभी तक किसी ने कागज जमा नहीं कराए। अब उनको रिकार्ड से हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी और बैनामा होने पर ही उनको दर्ज किया जाएगा। - राजकमल यादव, डीएम
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नगर पालिका में अपना प्लॉट और मकान दर्ज कराने के लिए रजिस्ट्री के कागज जमा कराने होते है, जिसमें गाटा नंबर, अन्य जरूरी जानकारी होती है। इसके लिए नगर पालिका में एक हजार रुपये की रसीद भी काटी जाती है। मगर नगर पालिका में पिछले पांच साल में करीब 750 प्लॉट और मकानों को केवल स्टांप के आधार पर दर्ज कर दिया था।
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इन सभी को करीब एक सप्ताह पहले नोटिस भेजकर बैनामा जमा कराने के लिए कहा था। इन सभी को तीन दिन का समय दिया गया, लेकिन किसी ने बैनामा की कॉपी जमा नहीं कराई। जिससे यह माना जा रहा है किसी के पास बैनामा नहीं है और उन सभी ने केवल शपथ पत्र के आधार पर भूखंड की खरीद-फरोख्त की है। जिससे स्टांप शुल्क का करोड़ों रुपये का नुकसान राजस्व में हुआ है। इसलिए ही अब सभी का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा।
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शिकायत के बाद पकड़ में आया मामला
केतीपुरा मोहल्ले के बाहरी छोर पर कब्रिस्तान, दलितों के पट्टे और यमुना खादर की जमीन पर प्लॉट काटकर दस-दस रुपये के स्टांप पर बेच दिए गए थे। उन दस रुपये के स्टांप के आधार पर नगर पालिका ने उनको अपने रिकार्ड में दर्ज भी कर लिया। इस मामले में जांच के बाद पिछले पांच साल में दर्ज हुए मकानों का रिकार्ड देखा गया तो पता चला कि बैनामे के बिना 750 से ज्यादा प्लॉट व मकान दर्ज किए हैं। उसके बाद ही कार्रवाई शुरू की गई थी।
कोट...
जिन प्लॉट और मकानों को नगरपालिका में बिना बैनामे के दर्ज किया था। उन सभी को नोटिस जारी किए। अभी तक किसी ने कागज जमा नहीं कराए। अब उनको रिकार्ड से हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी और बैनामा होने पर ही उनको दर्ज किया जाएगा। - राजकमल यादव, डीएम