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पिंकू कुमार नहीं, उनकी शहादत की खबर आई

Sun, 28 Mar 2021 10:55 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Mar 2021 10:55 PM IST
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Not Pinku Kumar, news of his martyrdom came
दक्षिण कश्मीर के शोपियां के वनगाम क्षेत्र में शहीद हुए बागपत निवासी हवलदार पिंकू कुमार के घर पर व - फोटो : BARAUT
पिंकू कुमार नहीं, उनकी शहादत की खबर आई
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20 फरवरी को लौटे थे ड्यूटी पर, कहा था जल्दी आऊंगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए पिंकू कुमार पिछले माह ही ड्यूटी पर लौटे थे। वह परिजनों से बोलकर गए थे कि जल्दी ही वापस आऊंगा। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वे नहीं, उनकी शहादत की खबर आएगी।
पिंकू कुमार जनवरी में सवा महीने की छुट्टी पर घर आए थे। छुट्टी के दौरान परिजनों के साथ वक्त बिताया और रिश्तेदारों से भी मिले। गांव में दोस्तों से भी मिले। 20 फरवरी को वह ड्यूटी पर लौटे थे। तब परिजनों से वादा किया था कि जल्द ही दोबारा घर आऊंगा। लेकिन अब सोमवार को उनका पार्थिव शरीर ही तिरंगे में लिपटा हुआ आएगा।
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सर्च ऑपरेशन से पहले की थी परिजनों से बात
वनगाम इलाके में सर्च ऑपरेशन से पहले पिंकू कुमार ने परिजनों से फोन पर बात की थी। करीब सात बजे उनका फोन आया तो उन्होंने पत्नी और बच्चों से बात की। माता-पिता का हालचाल जाना। अपने बारे में भी बताया कि ठीक हूं। बच्चों से कहा कि जल्द ही आऊंगा। परिजनों को यह अहसास भी नहीं था कि यह पिंकू की आखिरी कॉल है।
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अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
श्रीनगर। शहीद सेना के हवलदार पिंकू कुमार को रविवार को बीबी कैंट में चिनार कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे और अन्य अधिकारियों व जवानों ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर उनके गृह जनपद बागपत भेज दिया गया। वे 2001 में जाट रेजीमेंट में भर्ती हुए थे।
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