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चीनी मिलों में पेराई शुरू, तय नहीं हुआ गन्ने का भाव तय
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चीनी मिलों में पेराई शुरू, तय नहीं हुआ गन्ने का भाव तय
बड़ौत। छछरपुर गांव में आयोजित किसानों की पंचायत में वक्ताओं ने गन्ना सत्र वर्ष 2019-2020 के लिए प्रदेश सरकार से गन्ना मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल की घोषणा करने की मांग की। उनका कहा कि चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू हो चुका है। इसके बावजूद अब तक गन्ना मूल्य तय नहीं किया गया है।
पंचायत की अध्यक्षता कर रहे प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट ने कहा कि क्षेत्र की मलकपुर चीनी मिल शुरू हो चुकी है। कुछ ही दिन में रमाला चीनी मिल में भी पेराई सत्र शुरू हो जाएगा। लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार ने गन्ना का मूल्य घोषित नहीं किया। इससे किसान चिंतित हैं, क्योंकि एक तो पहले ही बागपत जनपद की चीनी मिल किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं दे रहे हैं, ऊपर से बिना गन्ने का भाव तय किए चीनी मिलें शुरू कर दी गई हैं। मिल चलने के बाद पर्चियां भेजने में भी मनमानी की जाती है। इस कारण गन्ना सीजन में पर्चियां न मिलने के कारण कई-कई दिनों से किसानों को गन्ना छीलने का काम करना पड़ता है और उन्हें गेहूं बुवाई को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत में किसानों ने गन्ना सत्र 2019-20 के लिए प्रदेश सरकार से 400 रूपये प्रति कुंतल के हिसाब से गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग उठायी और उम्मीद जतायी कि किसानों की माली हालत को देखते हुए प्रदेश सरकार किसानों के हक में ही गन्ना मूल्य घोषित करेगी। पंचायत में महिपाल, सुरेन्द्र, अजित, प्रमोद, सुक्रमपाल, शरद, दिलावर, हरपाल, सत्यपाल आदि शामिल रहे। संचालन गौरव ने किया।
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बड़ौत। छछरपुर गांव में आयोजित किसानों की पंचायत में वक्ताओं ने गन्ना सत्र वर्ष 2019-2020 के लिए प्रदेश सरकार से गन्ना मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल की घोषणा करने की मांग की। उनका कहा कि चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू हो चुका है। इसके बावजूद अब तक गन्ना मूल्य तय नहीं किया गया है।
पंचायत की अध्यक्षता कर रहे प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट ने कहा कि क्षेत्र की मलकपुर चीनी मिल शुरू हो चुकी है। कुछ ही दिन में रमाला चीनी मिल में भी पेराई सत्र शुरू हो जाएगा। लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार ने गन्ना का मूल्य घोषित नहीं किया। इससे किसान चिंतित हैं, क्योंकि एक तो पहले ही बागपत जनपद की चीनी मिल किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं दे रहे हैं, ऊपर से बिना गन्ने का भाव तय किए चीनी मिलें शुरू कर दी गई हैं। मिल चलने के बाद पर्चियां भेजने में भी मनमानी की जाती है। इस कारण गन्ना सीजन में पर्चियां न मिलने के कारण कई-कई दिनों से किसानों को गन्ना छीलने का काम करना पड़ता है और उन्हें गेहूं बुवाई को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत में किसानों ने गन्ना सत्र 2019-20 के लिए प्रदेश सरकार से 400 रूपये प्रति कुंतल के हिसाब से गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग उठायी और उम्मीद जतायी कि किसानों की माली हालत को देखते हुए प्रदेश सरकार किसानों के हक में ही गन्ना मूल्य घोषित करेगी। पंचायत में महिपाल, सुरेन्द्र, अजित, प्रमोद, सुक्रमपाल, शरद, दिलावर, हरपाल, सत्यपाल आदि शामिल रहे। संचालन गौरव ने किया।
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