एनजीटी के आदेश पर बिजरौल पहुंचा पेयजल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कभी कलकल बहने वाली कृष्णा और हिंडन अब उन गांव के लिए काल बन गई हैं, जो इन नदियां के तटों पर बसे हुए हैं। दोनों नदियों के प्रदूषित जल से सैकड़ों गांव प्रभावित हो रहे हैं। प्रदूषित जल के कारण गांवों मेें विकलांगता, कैंसर, अपंगता आदि मामले सामने आने लगे हैं। इस पर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने सख्ती दिखाई तो प्रशासन व सरकार हरकत में आई। गत मंगलवार को एनजीटी के आदेशों पर डीएम हृदय शंकर तिवारी की देखरेख मेें अशरफाबाद थल, किशनपुर, बराल, बिनौली ब्लाक के ईदरीशपुर, आदमपुर, मांगरौली, बेगमाबाद गढी आदि सहित कई गांवों में शुद्ध पानी भेजा गया था, वहीं बिजरौल गांव में शुक्रवार को एडीओ पंचायत सुधीर चौहान, ग्राम सचिव भूपेंद्र, ग्राम प्रधान रविंद्र के नेतृत्व में पेयजल का टैंकर पहुंचा। गांव मेें शुद्ध पेयजल की सूचना पर काफी संख्या में लोग वहां पर एकत्रित हो गए। घंटों तक लोगों ने लाइन मेें खड़ा होकर पानी लिया।