फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Neither the government nor the administration, the order of the High Court also

न शासन जागा और न प्रशासन, हाईकोर्ट के अादेश भी ताक पर

Fri, 01 Sep 2017 01:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Fri, 01 Sep 2017 01:12 AM IST
विज्ञापन
Neither the government nor the administration, the order of the High Court also
गड्ढों की वजह से बागपत-बड़ौत मार्ग पर जाम में फंसे वाहन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे निर्माण के लिए ‘सिस्टम’ के लिए हाईकोर्ट के आदेश भी बेमायने साबित हो गए हैं। जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को 13 सदस्यों की कमेटी बनाकर प्रत्येक माह हाईवे का निरीक्षण कराने के आदेश जारी किए , लेकिन पालन नहीं हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता पवन तिवारी ने निर्माण, गैरकानूनी पेड़ कटान और सीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट में दोबारा से याचिका दाखिल की है। 
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, बागपत, शामली और सहारनपुर जिलों से होकर गुजरने वाले दिल्ली-सहारनपुर हाईवे की बदहाली से सैकड़ों गांव के लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त है।
विज्ञापन

पिछले पांच साल से लाखों लोगों की जिंदगी नासूर बन चुकी है।

सामाजिक कार्यकर्ता पवन तिवारी ने 18 अप्रैल 2015 को हाईकोर्ट में हाईवे निर्माण के लिए याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट ने कहा  यह मुद्दा लाखों लोगों के जीवन से जुड़ा है, इसलिए इसका संज्ञान लिया जा रहा है। मुख्य सचिव 13 सदस्यों की कमेटी गठित करें और निगरानी करें, लेकिन नौ माह तक इन आदेशों पर अमल नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले वर्ष फरवरी में फिर याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट ने 24 फरवरी 2016 को आदेश दिया कि संबंधित जिलों के डीएम प्रत्येक दो माह के अंतराल पर फोटो के साथ जांच कराएं। मुख्य सचिव को रिपोर्ट भेजें, लेकिन यह कार्य भी नियमित नहीं किया । लोक निर्माण विभाग ने ही इक्का-दुक्का रिपोर्ट भेजी है।

सामाजिक कार्यकर्ता पवन तिवारी ने बताया हाईकोर्ट में हाईवे निर्माण की सीबीआई जांच, पेड़ कटान की जांच और इसके निर्माण के लिए फिर से याचिका दाखिल की, एक सप्ताह में इस पर सुनवाई होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा हाईकोर्ट के आदेशों का भी पालन नहीं किया गया।  बड़ौत से निकलते ही गड्ढों का हाईवे शुरू हो जाता है। 

बावली गांव से गुजरना मुश्किल है। यहां गड्ढों में पानी भर जाता है, इस कारण बरसात के मौसम में जाम भी लग जाता है। गांव का पानी हाईवे पर एकत्र होता है। हसनपुर जिवानी, किशनपुर बराल गांव के निकट खतरनाक पुलिया और गड्ढे हैं।

गांव बिराल से निकलते ही गांव रमाला, रमाला मिल और ककड़ीपुर तक हाईवे पर चलना मुसीबत को न्योता देने जैसा है। ग्रामीण कहते हैं कि नए पेराई सत्र में किसानों को भी मुसीबत होगी। 

क्या किए सुरक्षा प्रबंध 
बागपत। रिपोर्ट में स्वीकार किया किशनपुर बराल में संकरी पुलिया है। हादसों की आशंका है, इसलिए सुरक्षा के प्रबंध किए हैं, लेकिन धरातल पर क्या प्रबंध किए , यह जिक्र नहीं है। इसी तरह रमाला के पास की पुलिया पर भी हादसों का खतरा जताया है, लेकिन धरातल पर किसी तरह के इंतजाम नहीं किए।

रिपोर्ट में नहीं है गड्ढों का सच
बागपत। हाईकोर्ट के आदेश के बाद 21 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग ने संयुक्त रिपोर्ट तैयार की। बागपत में किमी 25 से 43 तक यानि डूंडाहेड़ा चेकपोस्ट से गौरीपुर मोड़ तक हाईवे सामान्य दिखाया। गौरीपुर मोड़ पर किमी 44 एवं 45 में तर्क दिया आबादी का पानी हाईवे पर आता है, यहां मरम्मत और देखरेख की आवश्यकता है। सरूरपुर में देखरेख की आवश्यकता बताई । बड़ौत में पुलिया क्षतिग्रस्त दर्शाई, बावली में क्षतिग्रस्त है। रिपोर्ट में न गड्ढों का जिक्र नहीं है और अधिकतर मार्ग को सामान्य बताया है। 

गड्ढे में बैठक कर धरने की चेतावनी 
बागपत। पूर्व सैनिक सुभाष कश्यप ने डीएम भवानी सिंह को पत्र भेजकर कहा यदि गौरीपुर मोड़ के गड्ढे नहीं भरे गए तो वह आंदोलन करेगा। चार सितंबर को गौरीपुर मोड़ के गड्ढों में बैठकर आंदोलन की शुरूआत होगी। 


अफसरों को नहीं दिखाई देती समस्या
बावली गांव के मनोहर सिंह, सोनू तोमर, छोटेराम तोमर और सत्यपाल का कहना है कि प्रशासन से आए दिन हाईवे निर्माण और गड्ढे भरवाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन किसी को समस्या दिखाई ही नहीं देती। स्थानीय लोगों के साथ ही हाईवे से गुजरने वाले लोग परेशान हैं। बड़ौत निवासी मोहम्मद साजिद और नफीस का कहना है कि राजनीति की जा रही है। जनता की फिक्र किसी को नहीं है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed