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गले में मूंगफली का दाना फंसने से मासूम की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Nov 2017 12:20 AM IST
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मूंगफली का दाना खाने से गई इस मासूम की जान।
- फोटो : अमर उजाला
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छपरौली (बागपत)। जिले के छपरौली क्षेत्र में घर के आंगन में बैठे डेढ़ साल के मासूम के गले में मूंगफली का दाना फंसने से उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे बड़ौत के चिकित्सक के पास ले गए। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया।
छपरौली कस्बा निवासी धर्मवीर सिंह का डेढ़ वर्ष का बेटा कार्तिक शुक्रवार को अपने घर के आंगन में बैठा था। इस बीच धर्मवीर की छोटी बहन उसे अपने पास बैठाकर मूंगफली खिलाने लगी। मूंगफली का एक दाना उसने कार्तिक को दिया। यह दाना उसके गले में फंस गया। दम घुटने पर उसकी हालत बिगड़ गई। यह देख परिजन पहले तो उसे स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए। बाद में बड़ौत में निजी चिकित्सक के यहां ले जाने पर मासूम को मृत घोषित कर दिया गया।
परिजन जैसे ही मासूम को साथ लेकर घर पहुंचे तो परिवार के साथ ही पूरे क्षेत्र में शोक छा गया। घटना की जानकारी लेने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। गमगीन माहौल में बच्चे का संस्कार करा दिया गया। बता दें कि डेढ़ साल पूर्व लधवाड़ी गांव में एक बच्चे की इसी तरह मौत हो गई थी।
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उधर, जिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर भूपेंद्र सिंह का कहना है कि ऐसे मामले सामने आने पर बच्चे को पैर पकड़कर तुरंत उल्टा कर देना चाहिए। धीरे-धीरे पीठ थपथपानी चाहिए। कोई भी ऐसी चीज नहीं खिलाई जाए, जो गले में अटक जाए। ऐसी चीज पीसकर खिलाना चाहिए। बच्चे के सामने ऐसी चीजें रखने से बचना चाहिए।
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छपरौली कस्बा निवासी धर्मवीर सिंह का डेढ़ वर्ष का बेटा कार्तिक शुक्रवार को अपने घर के आंगन में बैठा था। इस बीच धर्मवीर की छोटी बहन उसे अपने पास बैठाकर मूंगफली खिलाने लगी। मूंगफली का एक दाना उसने कार्तिक को दिया। यह दाना उसके गले में फंस गया। दम घुटने पर उसकी हालत बिगड़ गई। यह देख परिजन पहले तो उसे स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए। बाद में बड़ौत में निजी चिकित्सक के यहां ले जाने पर मासूम को मृत घोषित कर दिया गया।
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परिजन जैसे ही मासूम को साथ लेकर घर पहुंचे तो परिवार के साथ ही पूरे क्षेत्र में शोक छा गया। घटना की जानकारी लेने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। गमगीन माहौल में बच्चे का संस्कार करा दिया गया। बता दें कि डेढ़ साल पूर्व लधवाड़ी गांव में एक बच्चे की इसी तरह मौत हो गई थी।
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उधर, जिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर भूपेंद्र सिंह का कहना है कि ऐसे मामले सामने आने पर बच्चे को पैर पकड़कर तुरंत उल्टा कर देना चाहिए। धीरे-धीरे पीठ थपथपानी चाहिए। कोई भी ऐसी चीज नहीं खिलाई जाए, जो गले में अटक जाए। ऐसी चीज पीसकर खिलाना चाहिए। बच्चे के सामने ऐसी चीजें रखने से बचना चाहिए।