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एंबुलेंस न आने पर सीएचसी गेट पर तीन घंटे तड़पते रहीं जज्जा

Tue, 05 Oct 2021 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Oct 2021 11:42 PM IST
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Mother kept suffering for three hours at CHC gate due to absence of ambulance
बागपत के बड़ौत सीएचसी के बाहर लेटी जच्चा और बैठे उसके परिजन। - फोटो : BARAUT
सीएचसी अधीक्षक सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने नहीं ली सुध, परिजनों ने जताई नाराजगी
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प्राइवेट कार से जच्चा-बच्चा को घर ले गए परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। एंबुलेंस न आने पर टीकरी कस्बे की रहने वाली एक महिला अपने नवजात शिशु के साथ सीएचसी बड़ौत के गेट पर तड़पती रही। परिजनों का आरोप है कि न तो सीएचसी अधीक्षक ने इसकी सुध ली और न ही अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने। इस पर परिजनों ने नाराजगी जताई और बाद में किराए पर एक प्राइवेट कार से जच्चा-बच्चा को घर ले गए।

टीकरी कस्बे की रहने वाली महिला भारती पत्नी अमित की सीएचसी पर सोमवार को डिलीवरी हुई थी। भारती ने एक बिटिया को जन्म दिया। मंगलवार की सुबह भारती की सीएचसी से छुट्टी कर दी गई। परिजन भारती और नवजात बच्ची को लेकर सीएचसी गेट पर पहुंचे तो एंबुलेंस सेवा नहीं मिली। इस दौरान भारती तेज दर्द होने लगा तो सीएचसी गेट पर ही लेट गई। तीन घंटों इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। परिजनों का आरोप है कि न तो सीएचसी अधीक्षक ने उनकी सुध ली और न ही अन्य स्टाफ ने। ऐसी लापरवाही को देख भारती के परिजनों में आक्रोश पनप गया। बाद में एंबुलेंस न मिलने पर परिजन एक प्राइवेट कार से भारती को घर ले गए।
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ऐसा मामला संज्ञान में नहीं आया है। एंबुलेंस का संचालन लखनऊ से होता है। फिर भी अपने स्तर पर मामला दिखवाया जाएगा। - डॉ. विजय कुमार, सीएचसी अधीक्षक।
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