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मिल की बढ़ाई जाए पेराई क्षमता, किसानों के बकाए का कराया जाए भुगतान
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- रालोद के राष्ट्रीय सचिव ने की प्रदेश सरकार से मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। रालोद के राष्ट्रीय सचिव सुखबीर सिंह गठीना ने पार्टी कार्यालय पर प्रेसवार्ता में कहा कि बागपत मिल की पेराई क्षमता कम होने के कारण किसानों की फसलों की बुआई प्रभावित होती है। उन्होंने किसानों की समस्या का समाधान कराने के लिए मिल की पेराई क्षमता बढ़ाकर दोगुना करने की प्रदेश सरकार से मांग की। इसके अलावा मिलों पर गन्ना बकाया भुगतान कराए जाने की मांग की गई।
सुखबीर सिंह गठीना ने कहा कि बागपत शुगर मिल 1956-57 में स्थापित हुई थी। मिल पर 70 गांवों के किसानों के गन्नें की पेराई होती है। पुरानी होने के कारण मिल आए दिन खराब रहती है, जिससे पेराई क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। मिल की पेराई क्षमता 25 हजार कुंतल प्रतिदिन है और सत्र में 45 लाख कुंतल गन्ने की पेराई कर सकती है। उन्होंने गन्ने की समय से पेराई कराने के लिए मिल की क्षमता बढ़ाकर दोगुना कराने और मिल का 15 अक्तूबर तक संचालन करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मिल की क्षमता न बढ़ने तक मिल पर आने वाले 20 लाख कुंतल गन्ने की पेराई अन्य मिलों से कराई जाए। उन्होंने गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति कुंतल करने और बकाए का ब्याज सहित शीघ्र भुगतान की मांग भी प्रदेश सरकार से की। इस दौरान जिला संयोजक नीरज पंडित, ओमबीर सिंह ढाका, कृष्णपाल, राजू तोमर सिरसली, सुभाष नैन, अजहर खां, विकास सांगवान, महेंद्र डागर, डॉ उदयवीर सिंह धनकड़, पप्पू जख्मी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। रालोद के राष्ट्रीय सचिव सुखबीर सिंह गठीना ने पार्टी कार्यालय पर प्रेसवार्ता में कहा कि बागपत मिल की पेराई क्षमता कम होने के कारण किसानों की फसलों की बुआई प्रभावित होती है। उन्होंने किसानों की समस्या का समाधान कराने के लिए मिल की पेराई क्षमता बढ़ाकर दोगुना करने की प्रदेश सरकार से मांग की। इसके अलावा मिलों पर गन्ना बकाया भुगतान कराए जाने की मांग की गई।
सुखबीर सिंह गठीना ने कहा कि बागपत शुगर मिल 1956-57 में स्थापित हुई थी। मिल पर 70 गांवों के किसानों के गन्नें की पेराई होती है। पुरानी होने के कारण मिल आए दिन खराब रहती है, जिससे पेराई क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। मिल की पेराई क्षमता 25 हजार कुंतल प्रतिदिन है और सत्र में 45 लाख कुंतल गन्ने की पेराई कर सकती है। उन्होंने गन्ने की समय से पेराई कराने के लिए मिल की क्षमता बढ़ाकर दोगुना कराने और मिल का 15 अक्तूबर तक संचालन करने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि मिल की क्षमता न बढ़ने तक मिल पर आने वाले 20 लाख कुंतल गन्ने की पेराई अन्य मिलों से कराई जाए। उन्होंने गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति कुंतल करने और बकाए का ब्याज सहित शीघ्र भुगतान की मांग भी प्रदेश सरकार से की। इस दौरान जिला संयोजक नीरज पंडित, ओमबीर सिंह ढाका, कृष्णपाल, राजू तोमर सिरसली, सुभाष नैन, अजहर खां, विकास सांगवान, महेंद्र डागर, डॉ उदयवीर सिंह धनकड़, पप्पू जख्मी मौजूद रहे।
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