फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Migrants returned home searching for livelihood in the village soil

घर लौटे प्रवासियों ने गांव की माटी में तलाशी रोजी-रोटी

Sat, 06 Jun 2020 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2020 11:48 PM IST
विज्ञापन
Migrants returned home searching for livelihood in the village soil
बड़ौत। कोरोना संकट में गैर प्रांतों से घर लौटे प्रवासी अब गांव की माटी में रोजी-रोटी तलाश रहे हैं। इसकी बानगी हिलवाड़ी गांव में देखने को मिली, जहां पर विभिन्न जगहों से आए प्रवासी मजदूर अब खेती करने में जुट गए है। उनका कहना है कि अब हम वापस नहीं जाएंगे और गांव में ही रखकर रोजगार के अवसर तलाशेंगे।
विज्ञापन

सहयोगी के रूप में किसान के साथ कर रहे खेती
गांव का कल्लू कानपुर में चमड़ा फैक्ट्री में काम करते थे। लॉकडाउन में घर आने पर उसने रोजगार की तलाश की, लेकिन रोजगार नहीं मिल पाया। इसके बाद वह गांव के ही एक किसान राजवीर के साथ खेती के कार्य मेें सहयोगी के रूप में जुट गया।
विज्ञापन

बंटाई पर ली जमीन, कर रही सब्जी की खेती
बड़ौत। गांव का ही दिनेश फीरोजाबाद में चूड़ी फैक्ट्री में काम करते थे। 15 अप्रैल को घर आए तो दिल्ली सहारनपुर हाईवे स्थित उद्यान विभाग पर पहुंचा और खेती की जानकारी जुटाई। फिलहाल वह बंटाई पर डेढ़ बीघा जमीन लेकर सब्जी की खेती कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जमा पूंजी हुई खत्म, अब मनरेगा योजना में कर रहे नहर की सफाई
बड़ौत। गांव का ही एक अन्य प्रवासी मजदूर राजेश जौनपुर की एक फैक्ट्री में पैकिंग करने का काम करता था, लेकिन लॉकडाउन के बाद घर आ गया। उसने बताया कि जौनपुर से गांव तक आने पर सारी जमा पूंजी खत्म हो गई। फिलहाल वह मनरेगा की तरह रजबहों व माइनरों की सफाई कार्य कर रहा है। उसके साथ गांव के भी अन्य प्रवासी मजदूर मनरेगा के तहत काम मेें जुटे है।
214 मजदूरों को दिया गया मनरेगा के तहत कार्य
बड़ौत। लॉकडाउन के कारण बाहर से आए प्रवासी मजदूरों को काम देेने के मामले में जनपद के छह ब्लाक मुख्यालयों में से बड़ौत ब्लाक नंबर एक चल रहा है। बीडीओ राहुल वर्मा ने बताया कि बड़ौत ब्लाक मुख्यालय के अंतर्गत 44 गांव आते है, जिनमें लगभग 160 से अधिक परिवार बाहर से आए है। यानी कुल मिलाकर मजदूरों के परिवार के सदस्यों की संख्या 850 के लगभग है। ब्लाक स्तर पर सर्वे कराकर 214 इच्छुक मजदूरों को मनरेगा के तहत काम किया गया है। अभी भी ग्राम सचिवों को गांव में भेजकर मजदूरों को मनेरगा योजना के तहत गांव करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

पहले मिलते थे 182, अब मिलते है 202
बड़ौत। मनरेगा मजदूरों को पहले मनरेगा योजना के तहत काम करने के लिए प्रतिदिन के हिसाब से 182 रुपये मिलते थे, लेकिन अब केन्द्र सरकार ने 20 रुपयों की बढ़ोत्तरी कर दी है। मनरेगा मजदूरों को 202 रुपये मिलना शुरू हो गया है।
जनपद मेें मनरेगा की स्थिति
ब्लाक का नाम गांव की संख्या मजदूरों की संख्या
बड़ौत 44 214
बागपत 44 124
बिनौली 53 152
छपरौली 26 117
खेकड़ा 37 78
पिलाना 41 205
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed