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Baghpat News: पाला पड़ने से गिरा पारा, ठिठुरन से छूटी कंपकंपी
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पाला पड़ने से गिरा पारा, ठिठुरन से छूटी कंपकंपी
बागपत। दो दिन घने कोहरे के बाद बुधवार को पाला पड़ने से ठिठुरन बढ़ गई है। जिले का दिन का तापमान 22 डिग्री और रात का तापमान छह डिग्री तक पहुंच गया है। सर्दी अधिक होने के कारण नगर के गली-मोहल्ले से लेकर बाजारों तक लोगों की आवाजाही कम रही। सर्दी से बचने के लिए लोग घरों में दुबके रहे और जगह-जगह लोगों ने अलाव का सहारा लिया।
सर्दी का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार और मंगलवार को कोहरा होने से लोगों को परेशानी हुई, वहीं बुधवार को पाला पड़ने से ठिठुरन बढ़ गई। सर्दी बढ़ने से सुबह के समय गली-मोहल्ले सुनसान रहे। लोग जरूरी काम होने पर अपने घरों से बाहर निकले।
मुख्य रास्तों और बाजारों में भी लोगों की आवाजाही काफी कम रही। सर्दी से बचने के लिए लोगों ने जगह-जगह अलाव जलाए। नगर के कोर्ट रोड, सोनीपत बस स्टैंड, होलिका चौक, बड़ा बाजार, पुराना कस्बा, पांडव रोड, तहसील रोड पर लोगों ने सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया। सुबह लगभग साढ़े 11 बजे धूप निकलने पर लोगों ने राहत महसूस की और गली मोहल्लों में लोगों की आवाजाही बढ़ी।
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गेहूं की फसल के लाभदायक है पाला
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि कोहरा और पाला गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है, जबकि कोहरा और अधिक पाला पड़ने पर सरसों और आलू की फसल में बीमारी लगने का खतरा बढ़ जाता है। कोहरा अधिक पड़ने पर आलू की फसल में झुलसा और सरसों की फसल में माहू रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि कोहरा और पाला से आलू और सरसों की फसल में हल्का पानी देकर फसल के चारों और धुआं करने से फसल को बीमारी से बचाया जा सकता है। उन्होंने फसल में कीट लगने पर किसानों को कीटनाशक का छिड़काव करने की सलाह दी है।
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बागपत। दो दिन घने कोहरे के बाद बुधवार को पाला पड़ने से ठिठुरन बढ़ गई है। जिले का दिन का तापमान 22 डिग्री और रात का तापमान छह डिग्री तक पहुंच गया है। सर्दी अधिक होने के कारण नगर के गली-मोहल्ले से लेकर बाजारों तक लोगों की आवाजाही कम रही। सर्दी से बचने के लिए लोग घरों में दुबके रहे और जगह-जगह लोगों ने अलाव का सहारा लिया।
सर्दी का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार और मंगलवार को कोहरा होने से लोगों को परेशानी हुई, वहीं बुधवार को पाला पड़ने से ठिठुरन बढ़ गई। सर्दी बढ़ने से सुबह के समय गली-मोहल्ले सुनसान रहे। लोग जरूरी काम होने पर अपने घरों से बाहर निकले।
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मुख्य रास्तों और बाजारों में भी लोगों की आवाजाही काफी कम रही। सर्दी से बचने के लिए लोगों ने जगह-जगह अलाव जलाए। नगर के कोर्ट रोड, सोनीपत बस स्टैंड, होलिका चौक, बड़ा बाजार, पुराना कस्बा, पांडव रोड, तहसील रोड पर लोगों ने सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया। सुबह लगभग साढ़े 11 बजे धूप निकलने पर लोगों ने राहत महसूस की और गली मोहल्लों में लोगों की आवाजाही बढ़ी।
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गेहूं की फसल के लाभदायक है पाला
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि कोहरा और पाला गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है, जबकि कोहरा और अधिक पाला पड़ने पर सरसों और आलू की फसल में बीमारी लगने का खतरा बढ़ जाता है। कोहरा अधिक पड़ने पर आलू की फसल में झुलसा और सरसों की फसल में माहू रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि कोहरा और पाला से आलू और सरसों की फसल में हल्का पानी देकर फसल के चारों और धुआं करने से फसल को बीमारी से बचाया जा सकता है। उन्होंने फसल में कीट लगने पर किसानों को कीटनाशक का छिड़काव करने की सलाह दी है।