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महर्षि ने समाज की कुरीतियों को दूर करके राष्ट्रवाद के लिए किए कार्य

Sat, 26 Feb 2022 10:44 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 10:44 PM IST
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Maharishi Dayanand did the work of nationalism
यज्ञ का आयोजन कर महर्षि दयानंद की जयंती मनाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/दोघट। नगर की स्वर्णकार धर्मशाला में शनिवार को महर्षि दयानंद की जयंती मनाई गई। यज्ञ के उपरांत धर्मशाला में बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने उनके महर्षि द्वारा समाज के उत्थान के लिए कराए गए कार्यों का उल्लेख किया गया।
राकेश मोहन गर्ग ने कहा कि महर्षि दयानंद ने स्त्री शिक्षा, बाल विवाह, विधवा विवाह, पाखंड पर प्रहार जाति प्रथा और समाज में फैली कुरीतियों को दूर कर राष्ट्रवाद के लिए प्रेरणादायक कार्य किए। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने कहा था कि उन्हें स्वराज शब्द महर्षि दयानंद के साहित्य में मिला है। महर्षि दयानंद से प्रभावित होकर स्वामी श्रद्धानंद, लाला लाजपत राय, पंडित लेखराम, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद समेत विभिन्न स्वतंत्रता सेनानी आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी पर झूल गए थे। राकेश आर्य, अभिमन्यु गुप्ता, शिखा आर्य, मोक्षी आर्य, ओमपाल आर्य ने भी विचार रखे।
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यज्ञ के ब्रह्मा शिवदत्त आर्य व ओमपाल आर्य और यजमान रोहित वर्मा सपत्नी रहे। इस मौके पर जयप्रकाश वर्मा, राजेश वर्मा, प्रदीप वर्मा, सचिन चौहान, शीशपाल सिंह, राजवीर आर्य अमरपाल आर्य, बृजभूषण वैदिक, सुभाष गुप्ता, धर्मवीर त्यागी, वीरेंद्र राणा, पंकज गुप्ता, कुंवर पाल सिंह, वीर सिंह सैनी, आनंद शर्मा, रणजीत आर्य, वासु वीर भाटी, प्रवेश आर्य पाली, सतीश कुमार, बबली, पारुल, सचिन चौहान आदि मौजूद रहे। उधर, निरपुड़ा गांव में युग प्रवर्तक महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। यज्ञमान मास्टर जयपाल सिंह व पुरोहित जसवीर सिंह राणा व बृजपाल आर्य रहे। इस मौके पर आर्य समाज के मंत्री हरपाल सिंह आर्य, डॉ. चंद्रपाल पंवार, जसवीर सिंह राणा, हरवीर सिंह, महक सिंह, जयकुमार, चौगामा चौधरी कृषिपाल राणा, प्रधान प्रताप सिंह, डॉ. राजू राणा, पंडित बिल्लू शर्मा, वेदभरत राणा, प्रियव्रत राणा मौजूद रहे।
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यज्ञ आत्मकल्याण का सर्वोत्तम साधन
दोघट। आजमपुर मुलसम गांव में चल रहे तीन दिवसीय ऋग्वेद खंड पारायण यज्ञ के तीसरे दिन आचार्य अरविंद शास्त्री ने कहा कि यज्ञ संसार का सर्वश्रेष्ठ क्रम है। यज्ञ एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिससे विश्व का कल्याण हो सकता है। आत्मकल्याण के लिए यज्ञ सर्वोत्तम साधन है। मनुष्य को जीवन में उन्नति प्राप्त करने के लिए दानशील होना चाहिए। यज्ञ में वेदपाठी रोहित शास्त्री व जयकृष्ण शास्त्री रहे। इस मौके पर पूर्व विधायक अजय तोमर, कृष्णपाल, तेजपाल, ब्रह्मचारी आर्य, आचार्य सत्यवेश, बलजोर सिंह, रामपाल मौजूद रहे। संवाद
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