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रंछाड़ से महाभारत कालीन अवशेष मिले
अमर उजाला / ब्यूरो/ बागपत
Updated Sun, 09 Apr 2017 12:47 AM IST
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बड़ौत । शहजाद राय शोध संस्थान और दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयासों से पश्चिमी उप्र में किये जा रहें पुरातत्व सर्वेक्षण के दौरान गांव रंछाड़ में प्राचीन टीले के आसपास महाभारत सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
संस्थान के निदेशक अमित राय जैन ने सर्वेक्षण के बाद बताया रंछाड़ से पूर्व में भी कई गांवों में पुरातात्विक अवशेष मिले हैं, परंतु इस सर्वेक्षण में महा बहु मिश्रित सभ्यता के प्रमाण जिनमें महाभारत, शुंग, कुषाण और गुप्त काल के अवश्ेाष यहां से मिले हैं। चित्रित धूसर मृदभांड़ों के चिह्न यहां से यह सिद्ध करता है कि रंछाड़ गांव की सभ्यता निश्चित रूप से कुरू जनपद की स्थापना से भी प्राचीन करीब 4 से 5 हजार वर्ष प्राचीन रही होगी।
दिल्ली विवि के शोधकर्ता हर्षदेव की शोध उपाधि के संदर्भ में शहजाद राय शोध संस्थान के अंतर्गत यह सर्वेक्षण किया जा रहा है। रंछाड़ गांव की प्राचीन सभ्यता को लेकर हुऐ इस नये खुलासे से केंद्र सरकार के महाभारत सर्किल पर्यटन योजना को एक नई दिशा प्राप्त होगी। अमित राय जैन ने जिला प्रशासन से मांग की कि वे तुरंत रंछाड़ गांव के प्राचीन टीले पर किये जा रहे अवैध खनन को रोके नहीं तो यहां की प्राचीन सभ्यता खत्म हो जाएगी। सर्वेक्षण के दौरान वहां लोग अवैध खनन करते दिखे हैं।
संस्थान के निदेशक अमित राय जैन ने सर्वेक्षण के बाद बताया रंछाड़ से पूर्व में भी कई गांवों में पुरातात्विक अवशेष मिले हैं, परंतु इस सर्वेक्षण में महा बहु मिश्रित सभ्यता के प्रमाण जिनमें महाभारत, शुंग, कुषाण और गुप्त काल के अवश्ेाष यहां से मिले हैं। चित्रित धूसर मृदभांड़ों के चिह्न यहां से यह सिद्ध करता है कि रंछाड़ गांव की सभ्यता निश्चित रूप से कुरू जनपद की स्थापना से भी प्राचीन करीब 4 से 5 हजार वर्ष प्राचीन रही होगी।
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दिल्ली विवि के शोधकर्ता हर्षदेव की शोध उपाधि के संदर्भ में शहजाद राय शोध संस्थान के अंतर्गत यह सर्वेक्षण किया जा रहा है। रंछाड़ गांव की प्राचीन सभ्यता को लेकर हुऐ इस नये खुलासे से केंद्र सरकार के महाभारत सर्किल पर्यटन योजना को एक नई दिशा प्राप्त होगी। अमित राय जैन ने जिला प्रशासन से मांग की कि वे तुरंत रंछाड़ गांव के प्राचीन टीले पर किये जा रहे अवैध खनन को रोके नहीं तो यहां की प्राचीन सभ्यता खत्म हो जाएगी। सर्वेक्षण के दौरान वहां लोग अवैध खनन करते दिखे हैं।
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