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फाइनेंसर के भाई की हत्या जीजा-साले सहित तीन को उम्रकैद
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वर्ष 2015 में लधवाड़ी निवासी जितेंद्र की घर के अंदर गोली मारकर कर दी गई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। लधवाड़ी गांव में फाइनेंसर के भाई की हत्या के मामले में जीजा-साले समेत तीन को दोषी मानते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उन पर 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
एडीजीसी राजीव तोमर के अनुसार लधवाड़ी निवासी कविंद्र पुत्र ओमपाल ने छह जुलाई 2015 को बागपत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि वह दिल्ली में कार फाइनेंस करता है। उसने कुछ समय पहले तहेरे भाई के साले संदीप निवासी कंजरहेड़ी जिला मुजफ्फरनगर से गाड़ी दिलाने के लिए कुछ रुपये लिये थे। सही कागज नहीं होने के कारण वह उसे गाड़ी नहीं दिला सका। इसको लेकर संदीप ने उनके साथ कई बार झगड़ा किया। संदीप सुबह को अपने साले सचिन निवासी दौलतपुर जिला मुजफ्फरनगर व एक अज्ञात व्यक्ति के साथ कार में आया। उन्होंने घर में घुसकर उसके भाई जितेंद्र को गोली मार दी। घर में मौजूद उसके दूसरे भाई रवींद्र, पत्नी मंजू के साथ गालीगलौज कर हथियार लहराते हुए फरार हो गए थे। गोली लगने से उसके भाई जितेंद्र की मौत हो गई थी। पुलिस की विवेचना में घटना में शामिल तीसरे व्यक्ति के रूप में नौशाद निवासी सीकरी जिला मुजफ्फरनगर की पहचान हुई। पुलिस ने तीनों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। यह मामला एडीजे/एफटीसी द्वितीय चंचल की अदालत में चल रहा था। इसमें शुक्रवार को तीनों को उम्रकैद सुनाई। उन पर 40-40 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। इसका 75 फीसदी हिस्सा पीड़ित पक्ष को मिलेगा। अर्थदंड नहीं देने पर तीन-तीन साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। लधवाड़ी गांव में फाइनेंसर के भाई की हत्या के मामले में जीजा-साले समेत तीन को दोषी मानते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उन पर 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
एडीजीसी राजीव तोमर के अनुसार लधवाड़ी निवासी कविंद्र पुत्र ओमपाल ने छह जुलाई 2015 को बागपत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि वह दिल्ली में कार फाइनेंस करता है। उसने कुछ समय पहले तहेरे भाई के साले संदीप निवासी कंजरहेड़ी जिला मुजफ्फरनगर से गाड़ी दिलाने के लिए कुछ रुपये लिये थे। सही कागज नहीं होने के कारण वह उसे गाड़ी नहीं दिला सका। इसको लेकर संदीप ने उनके साथ कई बार झगड़ा किया। संदीप सुबह को अपने साले सचिन निवासी दौलतपुर जिला मुजफ्फरनगर व एक अज्ञात व्यक्ति के साथ कार में आया। उन्होंने घर में घुसकर उसके भाई जितेंद्र को गोली मार दी। घर में मौजूद उसके दूसरे भाई रवींद्र, पत्नी मंजू के साथ गालीगलौज कर हथियार लहराते हुए फरार हो गए थे। गोली लगने से उसके भाई जितेंद्र की मौत हो गई थी। पुलिस की विवेचना में घटना में शामिल तीसरे व्यक्ति के रूप में नौशाद निवासी सीकरी जिला मुजफ्फरनगर की पहचान हुई। पुलिस ने तीनों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। यह मामला एडीजे/एफटीसी द्वितीय चंचल की अदालत में चल रहा था। इसमें शुक्रवार को तीनों को उम्रकैद सुनाई। उन पर 40-40 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। इसका 75 फीसदी हिस्सा पीड़ित पक्ष को मिलेगा। अर्थदंड नहीं देने पर तीन-तीन साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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