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पिंजरे के पास आकर लौट गया तेंदुआ
ब्यूरो/अमर उजाला, दोघट
Updated Thu, 16 Jun 2016 12:29 AM IST
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दाहा गांव में वन विभाग ने तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा तो लगा दिया और उसमें मांस भी रखा, लेकिन पिंजरे का गेट खुला नहीं रखा। इस कारण 48 घंटे बाद भी तेंदुआ पकड़ में नहीं आया। तेंदुआ पिंजरे के पास तक आकर चला भी गया। पिंजरे के आसपास तेंदुए के पंजों के निशान भी मिले हैं। इससे क्षेत्रीय लोगों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।
चौगामा क्षेत्र में कुछ दिन पहले दोघट में पुसार मार्ग पर तेंदुए आकर खड़े हो गए थे। पुसार में तपस्या कर साधु के सामने आकर खड़ा हो गया था तेंदुआ। क्षेत्रवासियों ने एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव को प्रार्थना देकर तेंदुओं को पकड़वाने की मांग भी उठाई थी।
सोमवार को दाहा गांव में तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। उन्होंने क्षेत्र में तीन पिंजरे और लगाने को भी कहा था, लेकिन अभी तक तीन पिंजरे नहीं लगाए हैं। दाहा गांव में लगाया पिंजरा भी शो पीस बना हुआ है। वन कर्मचारियों ने पिंजरा भी लगाया और उसमें मांस भी रखा, लेकिन उसका गेट नहीं खोला। पिंजरा लगे 48 घंटे बीत चुके है, लेकिन अभी तक भी पिंजरे में तेंदुआ नहीं फंसा।
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बुधवार को किसानों ने जंगल में जाकर पिंजरे को देखा तो वे हैरान रह गए। उन्होंने देखा कि पिंजरे की बाहर से कुंडी बंद कर रखी है, तो तेंदुआ पिंजरे में कैसे आएगा। उन्होंने पिंजरे के आसपास तेंदुआ के पंजों के निशान भी देखे। किसान हरपाल, संजीव, रामपाल, अजय, संजीव, विकास, महावीर, चंद्रपाल आदि ने बताया कि वन विभाग की लापरवाही के कारण तेंदुआ उनके हाथ से निकल गया।
तेंदुआ पिंजरे के आसपास घूमकर चला भी गया। यदि पिंजरे की कुंडी खुली होती तो तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया होता। इस संबंध में वन रेंजर ओम सिंह ने बताया कर्मचारियों ने कुत्तों के कारण कुंडी बंद की होगी और वह फिर उसे खोलना भूल गए होंगे। पिंजरे की कुंडी खुलवा दी गई है।
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चौगामा क्षेत्र में कुछ दिन पहले दोघट में पुसार मार्ग पर तेंदुए आकर खड़े हो गए थे। पुसार में तपस्या कर साधु के सामने आकर खड़ा हो गया था तेंदुआ। क्षेत्रवासियों ने एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव को प्रार्थना देकर तेंदुओं को पकड़वाने की मांग भी उठाई थी।
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सोमवार को दाहा गांव में तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। उन्होंने क्षेत्र में तीन पिंजरे और लगाने को भी कहा था, लेकिन अभी तक तीन पिंजरे नहीं लगाए हैं। दाहा गांव में लगाया पिंजरा भी शो पीस बना हुआ है। वन कर्मचारियों ने पिंजरा भी लगाया और उसमें मांस भी रखा, लेकिन उसका गेट नहीं खोला। पिंजरा लगे 48 घंटे बीत चुके है, लेकिन अभी तक भी पिंजरे में तेंदुआ नहीं फंसा।
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बुधवार को किसानों ने जंगल में जाकर पिंजरे को देखा तो वे हैरान रह गए। उन्होंने देखा कि पिंजरे की बाहर से कुंडी बंद कर रखी है, तो तेंदुआ पिंजरे में कैसे आएगा। उन्होंने पिंजरे के आसपास तेंदुआ के पंजों के निशान भी देखे। किसान हरपाल, संजीव, रामपाल, अजय, संजीव, विकास, महावीर, चंद्रपाल आदि ने बताया कि वन विभाग की लापरवाही के कारण तेंदुआ उनके हाथ से निकल गया।
तेंदुआ पिंजरे के आसपास घूमकर चला भी गया। यदि पिंजरे की कुंडी खुली होती तो तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया होता। इस संबंध में वन रेंजर ओम सिंह ने बताया कर्मचारियों ने कुत्तों के कारण कुंडी बंद की होगी और वह फिर उसे खोलना भूल गए होंगे। पिंजरे की कुंडी खुलवा दी गई है।