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खादी ग्रामोद्योग लोगों को देगा रोजगार : विनय
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 10 Aug 2016 01:54 AM IST
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पत्रकारों से वार्ता करते खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना
- फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत। खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने कहा अब खादी ग्रामोद्योग अति पिछड़े गांवों को गोद लेकर वहां के लोगों को खादी ग्रामोद्योग से निर्मित वस्तुओं का प्रशिक्षण देकर रोजगार उन्मुक्त कराएंगे। उप्र के 25 गांव गोद लिए हैं।
मंगलवार को कोताना रोड पर स्थित अशोक तोमर के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा खादी ग्रामोद्योग गांववासियों को नई-नई तकनीकी से प्रशिक्षण देकर उन्हें बैंक से ऋण दिलाकर उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त कराएगा। उन्होंने उप्र के अति पिछड़े 25 गांवों को चयनित कर गोद लिया है और वहां के ग्रामीणों को ग्रामोद्योग से बनने वाली वस्तुओं, अगरबत्ती, अचार, मुरब्बा, आटा-चक्की समेत अन्य उत्पादों का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा और प्रशिक्षित देने के बाद बैंक से ऋण दिलाकर उनसे छोटे-छोटे उद्योग खुलवाएंगे ।
उन्होंने कहा खादी ग्रामोद्योग की तरफ लोगों का रुझान बढ़ा है। उन्होंने खादी की बिक्री में 30 प्रतिशत बढ़ी है। उन्होंने बताया खादी ग्रामोद्योग की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी। शिकायत मिली है अब बैंक ऋण देने में आनाकानी कर रही है, इसे देखकर बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर इसका हल निकाला ।
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उन्होंने बताया ग्रामीण क्षेत्र में जो उद्योग धंधे बंद चल रहे हैं। उनकी समय सीमा में प्रत्यावेदन मांगे हैं, उन्हें फिर से चालू कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। उनके साथ आयोग के सदस्य जयप्रकाश तोमर, एसएन शुक्ला, निदेशक एसपी गुप्ता, पूर्व निदेशक नेपाल सिंह तोमर, हरपाल तोमर, वीरेंद्र राणा, सह निदेशक द्वितीय देवेंद्र, सुरेंद्र पाल आदि रहे।
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मंगलवार को कोताना रोड पर स्थित अशोक तोमर के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा खादी ग्रामोद्योग गांववासियों को नई-नई तकनीकी से प्रशिक्षण देकर उन्हें बैंक से ऋण दिलाकर उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त कराएगा। उन्होंने उप्र के अति पिछड़े 25 गांवों को चयनित कर गोद लिया है और वहां के ग्रामीणों को ग्रामोद्योग से बनने वाली वस्तुओं, अगरबत्ती, अचार, मुरब्बा, आटा-चक्की समेत अन्य उत्पादों का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा और प्रशिक्षित देने के बाद बैंक से ऋण दिलाकर उनसे छोटे-छोटे उद्योग खुलवाएंगे ।
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उन्होंने कहा खादी ग्रामोद्योग की तरफ लोगों का रुझान बढ़ा है। उन्होंने खादी की बिक्री में 30 प्रतिशत बढ़ी है। उन्होंने बताया खादी ग्रामोद्योग की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी। शिकायत मिली है अब बैंक ऋण देने में आनाकानी कर रही है, इसे देखकर बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर इसका हल निकाला ।
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उन्होंने बताया ग्रामीण क्षेत्र में जो उद्योग धंधे बंद चल रहे हैं। उनकी समय सीमा में प्रत्यावेदन मांगे हैं, उन्हें फिर से चालू कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। उनके साथ आयोग के सदस्य जयप्रकाश तोमर, एसएन शुक्ला, निदेशक एसपी गुप्ता, पूर्व निदेशक नेपाल सिंह तोमर, हरपाल तोमर, वीरेंद्र राणा, सह निदेशक द्वितीय देवेंद्र, सुरेंद्र पाल आदि रहे।