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हिंडन के खादर में ही छिपे थे बदमाश
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 03 Aug 2016 02:21 AM IST
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बच्चे का शव मिलने के बाद लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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बागपत। भड़ल गांव के कांवड़ शिविर से चौथी के छात्र क्रिश उर्फ आर्यन को लेकर बदमाश इधर से उधर घूमते रहे। पुलिस को जानकारी भी दी । इसके बावजूद पुलिस उसे बरामद नहीं कर पाई। छात्र की पांचवें दिन लाश मिली। पुलिस की कार्रवाई पर हर कोई सवाल उठा रहा है।
आर्यन के अपहरण की जानकारी मिलते ही परिजनों न जानकारी पुलिस को दे दी थी।
सूत्रों के अनुसार अपहरणकर्ताओं की एक कॉल तो दोघट थाने में ही आर्यन के पिता रविंद्र के मोबाइल पर आई। उन्होंने पुलिस को इस बारे में बताया। उसी समय पुलिस ने मोबाइल में रिकार्ड हुई धमकी शुरु, लेकिन पुलिस आर्यन को तो दूर अपहरणकर्ता का पता भी नहीं लगा पाई।
30 जुलाई को आर्यन के परिजन खुद ही उसका फोटो लेकर क्षेत्र में निकले। खपराना गांव में खेत से लौटती हुई महिला ने फोटो देखकर बताया आर्यन को बाइक पर दो युवक अभी लेकर गए हैं। उसकी तलाश में थोड़ा आगे चलने पर शाहपुर-बाणगंगा गांव के तिराहे पर चरवाहे ने आर्यन और बदमाशों के बारे में बताया। उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी ।
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पुलिस के सामने बदमाश भी आए, लेकिन पुलिस बदमाशों की बाइक और तमंचा देखती रह गई और बदमाश भाग गए। यह जंगल भी हिंडन नदी के आसपास का ही है।
सूत्रों के अनुसार बदमाश आर्यन को लेकर इसी जंगल में ही छुपे हुए है। पुलिस ने उनकी तलाश में सर्च अभियान भी चलाया, लेकिन उनका पता नहीं लगा पाई थी।
छात्र का मंगलवार को शव भी हिंडन नदी में मिला। इससे पूरी तरह से स्पष्ट हो गया बदमाश इसी क्षेत्र में ही रह रहे थे। यदि पुलिस इसी क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाती तो आसानी से आर्यन सकुशल बरामद हो जाता और बदमाश भी पकड़े जाते।
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आर्यन के अपहरण की जानकारी मिलते ही परिजनों न जानकारी पुलिस को दे दी थी।
सूत्रों के अनुसार अपहरणकर्ताओं की एक कॉल तो दोघट थाने में ही आर्यन के पिता रविंद्र के मोबाइल पर आई। उन्होंने पुलिस को इस बारे में बताया। उसी समय पुलिस ने मोबाइल में रिकार्ड हुई धमकी शुरु, लेकिन पुलिस आर्यन को तो दूर अपहरणकर्ता का पता भी नहीं लगा पाई।
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30 जुलाई को आर्यन के परिजन खुद ही उसका फोटो लेकर क्षेत्र में निकले। खपराना गांव में खेत से लौटती हुई महिला ने फोटो देखकर बताया आर्यन को बाइक पर दो युवक अभी लेकर गए हैं। उसकी तलाश में थोड़ा आगे चलने पर शाहपुर-बाणगंगा गांव के तिराहे पर चरवाहे ने आर्यन और बदमाशों के बारे में बताया। उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी ।
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पुलिस के सामने बदमाश भी आए, लेकिन पुलिस बदमाशों की बाइक और तमंचा देखती रह गई और बदमाश भाग गए। यह जंगल भी हिंडन नदी के आसपास का ही है।
सूत्रों के अनुसार बदमाश आर्यन को लेकर इसी जंगल में ही छुपे हुए है। पुलिस ने उनकी तलाश में सर्च अभियान भी चलाया, लेकिन उनका पता नहीं लगा पाई थी।
छात्र का मंगलवार को शव भी हिंडन नदी में मिला। इससे पूरी तरह से स्पष्ट हो गया बदमाश इसी क्षेत्र में ही रह रहे थे। यदि पुलिस इसी क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाती तो आसानी से आर्यन सकुशल बरामद हो जाता और बदमाश भी पकड़े जाते।