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दो भाइयों ने कुख्यात अमरपाल संग मिलकर की थी जितेंद्र की हत्या
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बड़ौत (बागपत)। लुहारी गांव के जितेंद्र हत्याकांड के दो आरोपी पुलिस ने शुक्रवार को दबोच लिए। इन दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने दावा किया कि जितेंद्र जमीन की रंजिश में गांव निवासी दो भाइयों में से एक की हत्या कराना चाहता था। इसका पता दोनों भाइयों को लग गया। दोनाें ने कुख्यात अमरपाल लुहारा और उसके साथियों के साथ मिलकर जितेंद्र की हत्या की। हत्याकांड की साजिश रचने में अमरपाल की पत्नी भी शामिल रही है। कुल नौ लोगों को पुलिस ने नामजद किया है। अन्य सात की गिरफ्तारी के प्रयास पुलिस कर रही है।
कोतवाल मगनवीर सिंह गिल ने पकड़े गए आरोपियों के नाम आशु पुत्र अजीज, सुधीर पुत्र महक सिंह निवासी लुहारी बताए। पूछताछ के बाद दावा किया कि लुहारी निवासी जितेंद्र पुत्र वेदप्रकाश की गांव के ही आनंद पाल और उसके भाई बुद्ध प्रकाश पुत्र राजवीर से कृषि भूमि के विवाद को लेकर रंजिश चल रही थी। जितेंद्र ने कुख्यात बदमाश अमरपाल लुहारा से संपर्क किया और कहा कि वह आनंद पाल या बुद्धप्रकाश में से एक की हत्या कर दे तो उसे फायदा हो जाएगा। इस बात का पता दोनों भाइयों को चल गया। इस पर दोनों भाइयों ने अमरपाल लुहारा से संपर्क साधा और उनका साथ देने की बात कही। इसी पर अमरपाल राजी हो गया और जितेंद्र की हत्या की साजिश रची।
इंस्पेक्टर के मुताबिक आनंदपाल व उसका भाई बुद्धप्रकाश पुत्र राजवीर, जितेंद्र पुत्र महक सिंह, आशु पुत्र अजीज, सुधीर पुत्र महक सिंह निवासी लुहारी, अमरपाल उर्फ कालू पुत्र श्याम सिंह, उसका भतीजा राहुल पुत्र धर्मवीर, राहुल उर्फ टिंकू पुत्र बिजेंद्र निवासीगण लुहारा 28 मार्च की रात जितेंद्र को कोताना गांव के कब्रिस्तान के पास ले गए और सभी ने साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद सभी सुधीर के ट्रैक्टर में लुहारी गांव आ गए और जितेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। बताया कि सुुुधीर व आशु को उसके गांव से ही गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त दो तमंचे और ट्रैक्टर बरामद कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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अमरपाल लुहारा पर 37 मुकदमे दर्ज
कोतवाली प्रभारी मगनवीर सिंह गिल के मुताबिक 25 हजारी इनामी कुख्यात अमरपाल हिस्ट्रीशीटर है। वह मेहरबान गिरोह के डी-38 गैंग का सक्रिय सदस्य है। अमरपाल के खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट, डकैती आदि के करीब 36 मुकदमे दर्ज है। तमंचा बरामद होने पर आर्म्स एक्ट के तहत एक मुकदमा और दर्ज किया गया है। अब उस पर कुल 37 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
दो भाइयों की कर चुका हैं हत्या
कोतवाली प्रभारी मगनवीर सिंह गिल के मुताबिक अमरपाल ने शेरपुर लुहारा गांव के दो भाई पप्पू कश्यप और विकास कश्यप की 15 जुलाई 2015 को अपहरण कर ग्राम बदरखा यमुना खादर में गर्दन काट कर हत्या कर दी थी। इस मुकदमे में अमरपाल जेल गया था। मास्टर सतपाल शर्मा की हत्या की साजिश रचने का आरोप भी अमरपाल पर जिला कारागार में रहते हुए ही लगा था।
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कोतवाल मगनवीर सिंह गिल ने पकड़े गए आरोपियों के नाम आशु पुत्र अजीज, सुधीर पुत्र महक सिंह निवासी लुहारी बताए। पूछताछ के बाद दावा किया कि लुहारी निवासी जितेंद्र पुत्र वेदप्रकाश की गांव के ही आनंद पाल और उसके भाई बुद्ध प्रकाश पुत्र राजवीर से कृषि भूमि के विवाद को लेकर रंजिश चल रही थी। जितेंद्र ने कुख्यात बदमाश अमरपाल लुहारा से संपर्क किया और कहा कि वह आनंद पाल या बुद्धप्रकाश में से एक की हत्या कर दे तो उसे फायदा हो जाएगा। इस बात का पता दोनों भाइयों को चल गया। इस पर दोनों भाइयों ने अमरपाल लुहारा से संपर्क साधा और उनका साथ देने की बात कही। इसी पर अमरपाल राजी हो गया और जितेंद्र की हत्या की साजिश रची।
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इंस्पेक्टर के मुताबिक आनंदपाल व उसका भाई बुद्धप्रकाश पुत्र राजवीर, जितेंद्र पुत्र महक सिंह, आशु पुत्र अजीज, सुधीर पुत्र महक सिंह निवासी लुहारी, अमरपाल उर्फ कालू पुत्र श्याम सिंह, उसका भतीजा राहुल पुत्र धर्मवीर, राहुल उर्फ टिंकू पुत्र बिजेंद्र निवासीगण लुहारा 28 मार्च की रात जितेंद्र को कोताना गांव के कब्रिस्तान के पास ले गए और सभी ने साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद सभी सुधीर के ट्रैक्टर में लुहारी गांव आ गए और जितेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। बताया कि सुुुधीर व आशु को उसके गांव से ही गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त दो तमंचे और ट्रैक्टर बरामद कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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अमरपाल लुहारा पर 37 मुकदमे दर्ज
कोतवाली प्रभारी मगनवीर सिंह गिल के मुताबिक 25 हजारी इनामी कुख्यात अमरपाल हिस्ट्रीशीटर है। वह मेहरबान गिरोह के डी-38 गैंग का सक्रिय सदस्य है। अमरपाल के खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट, डकैती आदि के करीब 36 मुकदमे दर्ज है। तमंचा बरामद होने पर आर्म्स एक्ट के तहत एक मुकदमा और दर्ज किया गया है। अब उस पर कुल 37 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
दो भाइयों की कर चुका हैं हत्या
कोतवाली प्रभारी मगनवीर सिंह गिल के मुताबिक अमरपाल ने शेरपुर लुहारा गांव के दो भाई पप्पू कश्यप और विकास कश्यप की 15 जुलाई 2015 को अपहरण कर ग्राम बदरखा यमुना खादर में गर्दन काट कर हत्या कर दी थी। इस मुकदमे में अमरपाल जेल गया था। मास्टर सतपाल शर्मा की हत्या की साजिश रचने का आरोप भी अमरपाल पर जिला कारागार में रहते हुए ही लगा था।