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उत्पीड़न सहन करने की जगह आवाज उठानी चाहिए

Thu, 30 Dec 2021 10:15 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 30 Dec 2021 10:15 PM IST
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Instead of tolerating harassment, we should raise our voice.
बागपत के गेटवे इंटरनेशनल स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्र? - फोटो : BAGHPAT
- अमर उजाला फाउंडेशन के तहत गेटवे इंटरनेशनल स्कूल में पुलिस पाठशाला का आयोजन
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- एसपी ने कहा कि अपना लक्ष्य तय करके आगे बढ़े, असफल होने पर प्रयास नहीं छोड़ना चाहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। अमर उजाला के अभियान के तहत बृहस्पतिवार को गेटवे इंटरनेशनल स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एसपी नीरज कुमार जादौन ने कहा कि कई बार समाज में लोग उत्पीड़न सहन करते रहते है। मगर, उत्पीड़न सहन करने की जगह आवाज उठानी चाहिए। अगर सभी अपराध के खिलाफ आवाज उठाएंगे तो उसे बढ़ने से रोका जा सकता है। ऐसा नहीं है कि हमें खुद उनसे लड़ना है, बल्कि कोई उत्पीड़न करता है तो आगे आकर पुलिस में शिकायत कराएं। अपने आसपास कुछ गलत होता देखते है तो पुलिस को सूचना दे सकते है।
पुलिस की पाठशाला में पहुंचे एसपी नीरज कुमार जादौन का छोटे बच्चों ने गुलाब देकर स्वागत किया। चेयरमैन कृष्णपाल, करण् ासिंह चौहान, प्रधानाचार्य अमित चौहान ने स्मृति चिह्न व गीता भेंट की। प्रधानाचार्य अमित चौहान ने कहा कि एसपी के नेतृत्व में बागपत पुलिस काफी बेहतर कार्य कर रही है, जिसकी हर कोई सराहना करता है। एसपी ने छात्र-छात्राओं को टिप्स दिए कि हर किसी को अपना लक्ष्य तय करके आगे बढ़ना चाहिए। जब तक लक्ष्य तय नहीं होता है, तब तक आगे बढ़ना मुश्किल होता है। यह लक्ष्य किसी भी क्षेत्र सिविल सर्विस, खेल, व्यवसाय आदि में हो सकता है। अपने लक्ष्य की ओर पूरी ईमानदारी के साथ मेहनत से बढ़ेंगे तो उसमें सफलता जरूर मिलेगी।
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छात्र-छात्राओं ने पूछे सवाल, एसपी ने दिए जवाब
- आप अपने अधीनस्थ अधिकारियों को किस तरह से निष्पक्ष कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। आम लोगों के साथ कोई अनुचित व्यवहार करता है तो उस पुलिस कर्मी पर कैसे कार्रवाई होती है। - मनस्वी ठाकुर
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जवाब: मेरे पास रोजाना 50-60 लोग समस्या लेकर आते है। उनकी समस्या के समाधान को लेकर 15 दिन में फीडबैक खुद लेता हूं। अगर कोई भ्रष्टाचार या गलत कार्य करता है तो उन पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होती है।
- क्या आपके लिए कोई प्रेरणात्मक कहानी है? अगर ऐसा है तो हमारे साथ साझा करें। - वितांशी यादव
जवाब: गाजियाबाद में ऑटो में एक लड़की के साथ एक घटना हुई थी। इसमें ऑटो वाले तीन युवकों को पकड़ा गया। ऑटो में गाने बंद कराए व उनकी पूरी जानकारी पुलिस के पास रहने लगी। ऐसा कराने पर मेरे पास काफी फोन आए और उन अपराधियों से जुड़ी कई बात बताते हुए पुलिस की कार्रवाई की खूब सराहना की। इस तरह के कार्य करना काफी अच्छा लगता है।
- भारत में कठोर सजा के बावजूद दुष्कर्म और तेजाब फेंकने की घटना बढ़ रही है। ऐसे में हमें क्या करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। - चंचल माथुर
जवाब: अधिकांश मामलों में देखने में आया है कि पीड़िता शिकायत नहीं करती है। वह उत्पीड़न सहन करती रहती है। ऐसे में हमें आवाज उठाते हुए शिकायत करनी चाहिए, जिससे समय रहते कार्रवाई हो सके।
- महिलाओं का लगातार शोषण हो रहा है और उनकी आवाज दबा दी जाती है। किस तरह अपनी आवाज अधिकारियों तक पहुंचाएं। वर्दी में रहकर भी कुछ लोग अपराध करते है, आप इस तरह की समस्या का निवारण किस तरह करते है। - कनिष्का शर्मा
जवाब: जिस तरह से आम लोगों के खिलाफ केस दर्ज होता है और उनको जेल भेजा जाता है। उस तरह ही कोई वर्दी में अपराध करता है तो उस पर भी कार्रवाई की वही प्रक्रिया है।
- जब आप यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। उस समय आपको समाज तथा परिवार की ओर से किस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ा। - नंदिनी नैन
जवाब: मैने आईआईटी के बाद नौकरी की। उसके साथ ही तैयारी की और शनिवार व रविवार की छुट्टी में ज्यादा पढ़ाई करता था। इसमें काफी दिक्कत भी आई, लेकिन लक्ष्य तय करके आगे बढ़ता गया।
- क्या 1090 पर केवल महिलाएं ही फोन करके मदद मांग सकती हैं या पुरुषों के लिए भी इस तरह की कोई हेल्पलाइन है? - अक्षित दांगी
जवाब: महिलाएं सामान्य तौर पर शिकायत से कतराती है। इसलिए उनके लिए हेल्पलाइन है। पुरुष डायल 112 व अन्य माध्यम से शिकायत कर सकते है।
- दंगों में पुलिस वाले घायल हो जाते हैं। दंगों में जाने से पहले सुरक्षा के क्या उपाय करते हैं। क्या दंगे वाली जगह जाने पर डर नहीं लगता है। - सावन चौहान
जवाब: जहां तक डर की बात है तो यह नौकरी का हिस्सा है। इसके लिए ट्रेनिंग दी जाती है और बचाव के लिए उपकरण होते है। पुलिस के लिए इसलिए थोड़ा मुश्किल हो जाता है कि दंगे में सामने जनता होती है।
- हमें कोई फोन पर अगर बार-बार परेशान करता है तो क्या हम उस अपराधी तक पहुंच सकते हैं। क्योंकि केवल उसका नंबर ब्लॉक करना ही समस्या का समाधान नहीं है। - हर्षिता शर्मा
जवाब: इस तरह से कोई परेशान करता है तो उसकी शिकायत करें। थाना, साइबर सेल, महिला हेल्पलाइन किसी भी जगह शिकायत कर सकते है।
- यह माना जाता है कि सरकारी विभाग व पुलिस घूस लेकर काम करती है। अगर हमसे कोई घूस मांगता है तो हमें इस बात की शिकायत किससे करनी चाहिए? - ज्योति शर्मा
- जब झगड़ा दो पक्षों में होता है तो आप कभी दोनों को संतुष्ट नहीं कर सकते है। अब यह हम लोगों को जांच में तय करना होता है कि पीड़ित कौन है। पीड़ित की मदद की जाती है, इसलिए दूसरा पक्ष इस तरह के आरोप लगाता है।
- पीएम ने हम सब से जुड़ने के लिए मन की बात करते है, लेकिन यह संभव नहीं कि सभी उनसे मन की बात प्लेटफार्म पर बात कर सके। क्या जिला स्तर पर कोई इस तरह का प्लेटफार्म है, जिस पर हम अपनी शिकायत अधिकारियों तक पहुंचा सके। - अनुष्का सिंह
जवाब: इसके लिए पोर्टल है, उस पर शिकायत कर सकते है। मेरे ऑफिस आकर शिकायत कर सकते है तो सोशल मीडिया भी इसका माध्यम है।
- अगर किसी लड़की के साथ उत्पीड़न का मामला होता है और उसके माता-पिता उसे चुप रहने के लिए कहते है। उसके बावजूद लड़की केस दर्ज कराना चाहे तो उसको क्या करना चाहिए- भूमिका चौहान
जवाब: इसके लिए डायल 112 की सुविधा है तो 1090 पर कॉल कर सकते है। इसके अलावा पुलिस के पास मेसेज कर सकते है। इस तरह कार्रवाई जरूर होगी।
- आप खुद को 24 घंटे काम करने के लिए किस प्रकार प्रोत्साहित करते हैं। क्या कभी थकावट महसूस करते हैं। - कनक धामा
जवाब: जब हमारे पास लोग शिकायत लेकर आते है और उनमें बुजुर्ग, गांव में दूर से आने वाले भी होते है तो उनकी पीड़ा दूर करके ऊर्जा मिलती है। लोगों का आशीर्वाद भी ऊर्जा देता है।
- हम बाल अपराधियों को कैसे पहचान सकते हैं, क्योंकि बाल अपराधी हमारे आसपास ही होते हैं। - वशु
जवाब: किसी पर संदेह होता है तो आप बता सकते है। उनकी गतिविधियों के आधार पर पहचान हो सकती है।
- आज के युवा काम के दबाव में आत्महत्या कर लेते हैं। आज की पीढ़ी को अपनी तरफ से काम के दबाव से उभरने के लिए क्या कहेंगे। - एकलव्य चौहान
जवाब: लक्ष्य तय करके ईमानदारी के साथ मेहनत करके आगे बढ़ना चाहिए। कभी काम का दबाव नहीं मानना चाहिए।
- हमें अहिंसा परमो धर्म को मानना चाहिए या जैसे को तैसा के तहत काम करना चाहिए।- आदित्य नैन
जवाब: क्षमा वीरों का आभूषण है। अहिंसा के लिए शक्तिशाली भी होना चाहिए। अहिंसा ही बड़ी बात है और अहिंसा का रास्ता ही बेहतर है। लेकिन उत्पीड़न सहन करने की जगह नियमानुसार कार्रवाई करानी चाहिए।

- किस तरह से राजनीतिक दबाव के बिना कार्य करते है। अपने अधीनस्थ अधिकारियों को इस दबाव से कैसे मुक्त रखते हो। - इंशा मिर्जा
जवाब: मैने अपनी नौकरी में कभी दबाव नहीं माना है। राजनीति भी आज के समय में आसान नहीं है, क्योंकि उनके पास हर तरह के लोग मदद के लिए जाते है और यहां तक कहते है कि मैने आपको वोट दिया था तो मेरी मदद करो। लेकिन मेरा मानना है कि कानून के अनुसार कार्य होना चाहिए।
- आपका अब तक का कोई सबसे बुरा अनुभव एक एसपी के रूप में कार्य करते हुए क्या रहा है। - चंचल माथुर
जवाब: मेरा एसपी के रूप में कार्य करते हुए अनुभव काफी अच्छा रहा है। ऐसा कोई भी एक अनुभव नहीं है।
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