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धर्म की रक्षा के लिए युवाओं को प्रेरित करें : सरस्वती महाराज
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संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। आजमपुर मुलसम गांव में आर्य समाज के तत्वावधान में चल रहे तीन दिवसीय सामवेद पारायण महायज्ञ का मंगलवार को समापन हो गया। यज्ञ के ब्रह्मा स्वामी विवेकानंद सरस्वती महाराज ने धर्म रक्षा के लिए युवाओं को जागृत व प्रेरित करने का आह्वान किया।
सरस्वती महाराज ने कहा कि अपने पूर्वजों के संस्कार और उनकी विरासत की रक्षा स्वयं ही करनी है। उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धर्म भी उन्हीं की रक्षा करता है, जो धर्म की रक्षा करते है। धर्म के क्षय होने के कारण ही भारत विश्व गुरु के पद से संकुचित हो गया। वेद पाठ गुरुकुल प्रभात आश्रम के ब्रह्मचार्य ने किया गया। मुख्य यज्ञमान गुरमीत आर्य रहे। इस मौके पर डॉ. करुण भारद्वाज, चौधरी गजे सिंह, ब्रह्मचारी आर्य, मल्लू सिंह, नरेश, नीटू, रामभूल सिंह, कैप्टन केपी सिंह, मास्टर पुष्पेंद्र, ब्रह्मपाल, जगबीर, अमरीश शास्त्री, विक्रम प्रधान, रमेश आर्य, मास्टर राज सिंह, देवेंद्र राणा, बृजपाल राणा ने यज्ञ में आहुति दी।
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दोघट। आजमपुर मुलसम गांव में आर्य समाज के तत्वावधान में चल रहे तीन दिवसीय सामवेद पारायण महायज्ञ का मंगलवार को समापन हो गया। यज्ञ के ब्रह्मा स्वामी विवेकानंद सरस्वती महाराज ने धर्म रक्षा के लिए युवाओं को जागृत व प्रेरित करने का आह्वान किया।
सरस्वती महाराज ने कहा कि अपने पूर्वजों के संस्कार और उनकी विरासत की रक्षा स्वयं ही करनी है। उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धर्म भी उन्हीं की रक्षा करता है, जो धर्म की रक्षा करते है। धर्म के क्षय होने के कारण ही भारत विश्व गुरु के पद से संकुचित हो गया। वेद पाठ गुरुकुल प्रभात आश्रम के ब्रह्मचार्य ने किया गया। मुख्य यज्ञमान गुरमीत आर्य रहे। इस मौके पर डॉ. करुण भारद्वाज, चौधरी गजे सिंह, ब्रह्मचारी आर्य, मल्लू सिंह, नरेश, नीटू, रामभूल सिंह, कैप्टन केपी सिंह, मास्टर पुष्पेंद्र, ब्रह्मपाल, जगबीर, अमरीश शास्त्री, विक्रम प्रधान, रमेश आर्य, मास्टर राज सिंह, देवेंद्र राणा, बृजपाल राणा ने यज्ञ में आहुति दी।
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