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दरोगा का कार्यालय बन गया सामुदायिक शौचालय
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बागपत में ईओ के आवास में बना पिंक शौचालय
- फोटो : BAGHPAT
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बागपत। सामुदायिक शौचालय हमेशा ऐसी जगहों पर बनाए जाते हैं, जहां आम लोग उनको इस्तेमाल कर सकें। मगर बागपत में सामुदायिक शौचालय को कहीं दरोगाओं के कमरे के अंदर बना दिया तो ईओ के आवास के पास गेट के अंदर बनाया। इसमें भी सबसे बड़ी बात यह है कि दरोगाओं के कमरे में बनवाए गए शौचालय को फाइल रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
बागपत में एक सामुदायिक शौचालय बनाने पर करीब दो लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन उनका फायदा किसी को नहीं मिल रहा है। सरकार का लाखों रुपया बर्बाद कर दिया है। ईओ के आवास के बाहर पेयजल सप्लाई के लिए ट्यूबवेल लगा हुआ है। उस ट्यूबवेल के पास सामुदायिक शौचालय बनवाया गया। जिसके बारे में किसी को पता नहीं है, तो वहां ट्यूबवेल वाली जगह पर बाहर गेट पर ताला लगा रहता है।
इस तरह ही बागपत कोतवाली में वरिष्ठ उप निरीक्षक व उप निरीक्षकों का कक्ष है। उस कक्ष के अंदर सामुदायिक शौचालय बनाया है। जो रिकार्ड में भले ही शौचालय हो, लेकिन उस शौचालय में पुलिस की फाइलें भरी पड़ी हैं। इसके अलावा नगर व गांवों में कई जगह सामुदायिक शौचालयों पर ताला लटका रहता है।
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सामुदायिक शौचालय को लेकर कई बार नगर पालिका व कलक्ट्रेट में ज्ञापन दिया। इसके बाद भी नहीं बनवाया। जिससे बाजार में आने वाले वरिष्ठ नागरिकों व अन्य लोगों को परेशानी होती है। ऐसी जगहों पर सामुदायिक शौचालय बनवा दिए गए, जहां उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। - ब्रह्मपाल सिंह रूहेला, सचिव वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति
--
बाजार में करीब 500 व्यापारी हैं और अधिकारियों से कई बार बाजार में सामुदायिक शौचालय बनवाने की मंाग कर चुके हैं। मगर बाजार में शौचालय नहीं बनवाया गया, जबकि कोतवाली के अंदर बनवा दिया गया। उसका कोई फायदा किसी को नहीं हो रहा है। - अरविंद गोयल, व्यापारी
कोट...
सामुदायिक शौचालयों को ऐसी जगह पर बनाया जाना चाहिए, जहां आम लोग उनको इस्तेमाल कर सके। इस तरह थानों के कमरों व ईओ के आवास के बाहर सामुदायिक शौचालय बनवाने की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी और ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होगी। - राजकमल यादव, डीएम
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बागपत में एक सामुदायिक शौचालय बनाने पर करीब दो लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन उनका फायदा किसी को नहीं मिल रहा है। सरकार का लाखों रुपया बर्बाद कर दिया है। ईओ के आवास के बाहर पेयजल सप्लाई के लिए ट्यूबवेल लगा हुआ है। उस ट्यूबवेल के पास सामुदायिक शौचालय बनवाया गया। जिसके बारे में किसी को पता नहीं है, तो वहां ट्यूबवेल वाली जगह पर बाहर गेट पर ताला लगा रहता है।
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इस तरह ही बागपत कोतवाली में वरिष्ठ उप निरीक्षक व उप निरीक्षकों का कक्ष है। उस कक्ष के अंदर सामुदायिक शौचालय बनाया है। जो रिकार्ड में भले ही शौचालय हो, लेकिन उस शौचालय में पुलिस की फाइलें भरी पड़ी हैं। इसके अलावा नगर व गांवों में कई जगह सामुदायिक शौचालयों पर ताला लटका रहता है।
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सामुदायिक शौचालय को लेकर कई बार नगर पालिका व कलक्ट्रेट में ज्ञापन दिया। इसके बाद भी नहीं बनवाया। जिससे बाजार में आने वाले वरिष्ठ नागरिकों व अन्य लोगों को परेशानी होती है। ऐसी जगहों पर सामुदायिक शौचालय बनवा दिए गए, जहां उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। - ब्रह्मपाल सिंह रूहेला, सचिव वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति
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बाजार में करीब 500 व्यापारी हैं और अधिकारियों से कई बार बाजार में सामुदायिक शौचालय बनवाने की मंाग कर चुके हैं। मगर बाजार में शौचालय नहीं बनवाया गया, जबकि कोतवाली के अंदर बनवा दिया गया। उसका कोई फायदा किसी को नहीं हो रहा है। - अरविंद गोयल, व्यापारी
कोट...
सामुदायिक शौचालयों को ऐसी जगह पर बनाया जाना चाहिए, जहां आम लोग उनको इस्तेमाल कर सके। इस तरह थानों के कमरों व ईओ के आवास के बाहर सामुदायिक शौचालय बनवाने की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी और ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होगी। - राजकमल यादव, डीएम

बागपत में ईओ के आवास स्थित बना पिंक शौचालय- फोटो : BAGHPAT

बागपत कोतवाली में वरिष्ठ उपनिरिक्षक व उप निरिक्षक कार्यालय के अंदर नगर पालिका की ओर से बने सामुद?- फोटो : BAGHPAT