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बेगुनाह युवक को दस घंटे हवालात में बंद रखा

Mon, 04 Apr 2022 11:21 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 04 Apr 2022 11:21 PM IST
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Innocent youth kept in lock-up for ten hours
बागपत कोतवाली के बाहर परिजनों के साथ घटना की जानकारी देता पीड़ित बेटे शाहिद अहमद के पिता वसील अहम - फोटो : BAGHPAT
- बागपत कोतवाली पुलिस का कारनामा, महिला ने की थी छोटे भाई की शिकायत, पुलिस ने बड़े को लाकर हवालात में डाला
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- परिजनों का आरोप, पुलिस ने नहीं की जांच, विरोध करने पर इंस्पेक्टर के सामने ही एसआई ने की गई अभद्रता
- लोगों के हंगामा करने और मामले की जानकारी देने पर ही युवक को कोतवाली से छोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। एसपी की सख्ती के बाद भी बागपत कोतवाली पुलिस नहीं सुधर रही है। अब कोतवाली पुलिस का नया कारनामा सामने आया है। छोटे भाई के खिलाफ केवल शिकायत आने पर ही बड़े भाई को पकड़कर हवालात में दस घंटे तक बंद रखा गया। पुलिस ने शिकायत की जांच तक करनी जरूरी नहीं समझा। युवक के परिजनों का आरोप है कि विरोध करने पर इंस्पेक्टर के सामने ही एसआई ने अभद्रता की। इसे लेकर लोगों ने कोतवाली में हंगामा किया। इसके बाद ही युवक को हवालात से छोड़ा।
दिल्ली रोड पर अुर्जनपुरम में वसील अहमद अपने परिवार के साथ रहते है। उनका छोटा बेटा दिलशाद कार मिस्त्री है, जो दो साल पहले बागपत में दुकान करता था। डेढ़ साल से वह लोनी में अपनी ससुराल में रहता है। आरोप है कि बागपत कोतवाली से एसआई रामकुमार व अन्य पुलिस कर्मी सोमवार की सुबह करीब नौ बजे उनके घर पहुंचे और उसके बड़े बेटे साहिल अहमद को पकड़ लिया। वसील अहमद के मुताबिक, कारण पूछा तो एसआई रामकुमार ने बताया कि उसके बेटे दिलशाद के खिलाफ एक महिला ने दो साल पहले कार ठीक करने के बाद अभी तक नहीं लौटाने की शिकायत की है। इस पर परिजनों ने बताया कि जिसे पकड़ा है, वह साहिल है और दिलशाद लोनी में रहता है। इसके बाद भी पुलिस साहिल को लेकर आ गई और उसे हवालात में बंद कर दिया। परिजन भी कोतवाली पहुंच गए। यहां भी बताया कि जिसे पकड़ कर लाए है, वह दिलशाद नहीं, बल्कि साहिल है। आरोप है कि एसआई रामकुमार ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। परिजन कार्यालय में बैठे इंस्पेक्टर ओमप्रकाश के पास पहुंचे। युवक के परिजन तब चौंक गए, जब इंस्पेक्टर ने यह कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है कि किसी को पकड़कर हवालात में बंद कर दिया गया है। इंस्पेक्टर को पूरे मामले की जानकारी देने के बाद भी परिजनों को टरका दिया गया।
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इसके बाद आसपास रहने वाले काफी लोग एकत्र होकर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को बताया कि जब दो साल पहले महिला कार वापस लेकर गई थी तो रुपये उधार करने को लेकर हंगामा हुआ था। उस वक्त ही महिला कार लेकर चली गई थी। लोगों के पूरा मामले बताने के बाद युवक को सोमवार की शाम सात बजे हवालात से बाहर निकाला गया। करीब दस घंटे तक साहिल को हवालात में बंद रखा गया।
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परिवार के लोग मेरे पास आए थे कि कोतवाली पुलिस ने अवैध रूप से हवालात में छोटे की जगह बड़े भाई को बंद किया गया है। मैने तभी जांच के लिए कहा था। इसके बाद भी जांच करके नहीं छोड़ा गया तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - अनुज मिश्रा, सीओ बागपत
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