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पालिका प्रशासन नहीं जागा तो गंदे नगरों में ही शामिल रहेगा बड़ौत
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अमर उजाला अभियान
नगर में नहीं हो रही सफाई, जनवरी में स्वच्छता सर्वेक्षण में होगी पालिका की परीक्षा
कूड़ा निस्तारण प्लांट, शौचालय और नाला सफाई पर मिलते हैं अंक
बड़ौत। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 जनवरी से शुरू होने वाला है। अगर समय रहते नगर पालिका प्रशासन ने नगर की स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया तो स्वच्छता सर्वेक्षण की परीक्षा में भी नगर पालिका बड़ौत फेल हो जाएगी। गंदे नगरों की सूची से बड़ौत बाहर नहीं निकल पाएगा। कारण है कि नगर में अभी तक सफाई की स्थिति बेहद ही खराब है। पालिका अधिकारी अपनी कमी को छुपाने के लिए गंदगी का ठीकरा जनता पर फोड़ रहे हैं। पालिका अधिकारी नगर की स्वच्छता और कूड़ा निस्तारण की योजना बनाने की बजाय, जनता पर सड़कों पर पॉलीथिन डालने के आरोप लगा रहे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इनमें चाहे सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालय बनवाना हो या फिर कूड़े को इक्टठा करने के लिए जगह जगह डस्टबिन रखवाना। सरकारी खजाने से धन भी खर्च हो रहा है लेकिन अधिकारियों की ठोस कार्य योजना न होने के कारण सरकार की मंशा पर भी पानी फिर रहा है। प्रतिमाह नगर की सफाई पर लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। उसके बाद भी नगर गंदा है। सड़कों पर गंदगी पसरी है। कूड़े के ढेर लगे हैं। पालिका अधिकारी ही नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि भी सोए हुए हैं।
केन्द्र सरकार प्रतिवर्ष सभी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायतों में स्वच्छता सर्वेक्षण कराती है। ताकि नगर की सफाई से जिम्मेदार अधिकारियों की कार्य प्रणाली का भी पता लगाया जा सके। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में बड़ौत नगर पालिका की स्थिति पूरे देश के सामने थी। गंदगी के कारण पालिका को मुंह की खानी पड़ी थी। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में नगर पालिका रैंकिग के हिसाब से बड़ौत 2715 पर रहा। नगर पालिका प्रशासन ने 2020 में स्वच्छता सर्वेक्षण के इम्तिहान में हुई किरकिरी से भी सीख नहीं ली है। नगर में कूड़ा खाली प्लाटों में भरा है। पॉलीथिन पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सका है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 स्वच्छता सर्वेक्षण में परीक्षा की घड़ी आ गई है।
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- पालिका ईओ व एसडीएम दुर्गेश मिश्र व पालिका चेयरमैन अमित राणा का कहना है कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 की तैयारी चल रही है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जा रहा है। पॉलीथिन का इस्तेमाल न करने के लिए भी जनता को जागरूक किया जाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार नगर को सुंदर शहरों में शामिल कराने का प्रयास है।
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नगर में नहीं हो रही सफाई, जनवरी में स्वच्छता सर्वेक्षण में होगी पालिका की परीक्षा
कूड़ा निस्तारण प्लांट, शौचालय और नाला सफाई पर मिलते हैं अंक
बड़ौत। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 जनवरी से शुरू होने वाला है। अगर समय रहते नगर पालिका प्रशासन ने नगर की स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया तो स्वच्छता सर्वेक्षण की परीक्षा में भी नगर पालिका बड़ौत फेल हो जाएगी। गंदे नगरों की सूची से बड़ौत बाहर नहीं निकल पाएगा। कारण है कि नगर में अभी तक सफाई की स्थिति बेहद ही खराब है। पालिका अधिकारी अपनी कमी को छुपाने के लिए गंदगी का ठीकरा जनता पर फोड़ रहे हैं। पालिका अधिकारी नगर की स्वच्छता और कूड़ा निस्तारण की योजना बनाने की बजाय, जनता पर सड़कों पर पॉलीथिन डालने के आरोप लगा रहे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इनमें चाहे सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालय बनवाना हो या फिर कूड़े को इक्टठा करने के लिए जगह जगह डस्टबिन रखवाना। सरकारी खजाने से धन भी खर्च हो रहा है लेकिन अधिकारियों की ठोस कार्य योजना न होने के कारण सरकार की मंशा पर भी पानी फिर रहा है। प्रतिमाह नगर की सफाई पर लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। उसके बाद भी नगर गंदा है। सड़कों पर गंदगी पसरी है। कूड़े के ढेर लगे हैं। पालिका अधिकारी ही नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि भी सोए हुए हैं।
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केन्द्र सरकार प्रतिवर्ष सभी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायतों में स्वच्छता सर्वेक्षण कराती है। ताकि नगर की सफाई से जिम्मेदार अधिकारियों की कार्य प्रणाली का भी पता लगाया जा सके। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में बड़ौत नगर पालिका की स्थिति पूरे देश के सामने थी। गंदगी के कारण पालिका को मुंह की खानी पड़ी थी। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में नगर पालिका रैंकिग के हिसाब से बड़ौत 2715 पर रहा। नगर पालिका प्रशासन ने 2020 में स्वच्छता सर्वेक्षण के इम्तिहान में हुई किरकिरी से भी सीख नहीं ली है। नगर में कूड़ा खाली प्लाटों में भरा है। पॉलीथिन पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सका है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 स्वच्छता सर्वेक्षण में परीक्षा की घड़ी आ गई है।
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- पालिका ईओ व एसडीएम दुर्गेश मिश्र व पालिका चेयरमैन अमित राणा का कहना है कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 की तैयारी चल रही है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जा रहा है। पॉलीथिन का इस्तेमाल न करने के लिए भी जनता को जागरूक किया जाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार नगर को सुंदर शहरों में शामिल कराने का प्रयास है।