Baghpat: मुझे गिरफ्तार करो, आगे भागती रही पुलिस, पीछे दौड़ता रहा बदमाश, खबर पढ़ें
बागपत में जहां पुलिस बदमाश को गिरफ्तार करने के लिए, उसके पीछे भागती है, लेकिन कचहरी में कुछ उल्टा ही देखने काे मिला। यह तब हुआ जब बागपत पुलिस अपने यहां वांछित नहीं होने के कारण गिरफ्तार करने से बदमाश को मना कर दिया।
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यूपी के बागपत मैं 50 हजार रुपये का इनामी अरमान, मुझे गिरफ्तार कर लो... पुलिस आगे भाग रही थी और बदमाश पीछे दौड़ रहा था। आम तौर पर पुलिस गिरफ्तार करने के लिए बदमाशों के पीछे दौड़ती है, लेकिन शुक्रवार को बागपत कचहरी में उल्टा ही हो रहा था। यह तब हुआ जब बागपत पुलिस अपने यहां वांछित नहीं होने के कारण गिरफ्तार करने से बदमाश को मना कर दिया वकीलों ने भी उसे गिरफ्तार करने के लिए कचहरी और एसपी आवास पर हंगामा किया। गिरफ्तारी नहीं हुई तो अरमान चुपके से खिसक गया।
दरअसल, पिछले महीने बुलंदशहर के खुर्जा से एक व्यापारी राजकुमार का अपहरण हुआ था। इस वारदात में अरमान निवासी हसनपुर कलां थाना किठौर जिला मेरठ भी शामिल था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। इस मामले में तीन बदमाश पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। अरमान को डर है कि पुलिस उसका एनकाउंटर कर सकती है। इसलिए वह कुछ वकीलों के साथ बागपत कचहरी पहुंच गया। पुलिस के गिरफ्तार करने से इंकार करने पर कुछ अधिवक्ताओं ने हंगामा किया।
आरोप लगाया कि इनामी बदमाश को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। वकील बदमाश को लेकर एसपी आवास के सामने भी पहुंचे और वहां भी पुलिस के साथ नोकझोंक हुई। पुलिस ने उसे अपने यहां से वांछित नहीं होने की बात कहते हुए पकड़ने से इंकार कर दिया। इस तरह करीब एक घंटे तक खींचतान चलती रही और बदमाश वहां से भाग गया।
बोला बदमाश, दरोगा ने बुलाया था
बदमाश अरमान ने बताया कि उसके परिवार वालों की एक दरोगा से बातचीत हुई थी, जिसने उसे कचहरी में बुलाया था, लेकिन दरोगा से संपर्क नहीं हो सका। इस कारण वह किसी तरह अन्य पुलिस कर्मी से संपर्क कर गिरफ्तार होना चाहता था। उसे डर है कि पुलिस उसे पकड़कर एनकाउंटर कर देगी।
एक दिन पहले मेरठ में की थी समर्पण करने का प्रयास
बदमाश साथियों के पकड़े जाने के बाद से किसी भी तरह से समर्पण करने की कोशिश में लगा है। उसने बृहस्पतिवार को मेरठ में समर्पण करने का प्रयास किया था, लेकिन वहां बात नहीं बनने पर किसी के माध्यम से वह बागपत पहुंचा और यहां भी कामयाब नहीं हो पाया।
नीरज कुमार जादौन, एसपी
कचहरी में सुनील राठी, धर्मेंद्र किरठल सहित कई बड़े बदमाशों की पेशी होनी थी। इसलिए खुद कचहरी में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने गया था। सूचना मिली कि कोई बदमाश आत्मसमर्पण करना चाहता है, तो वहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। किसी को समर्पण नहीं करने दिया। हमारे यहां से अरमान नाम का कोई बदमाश बागपत से वांछित नहीं है। इसलिए उससे कहा कि बदमाश या अन्य किसी की गिरफ्तारी में न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
गुपचुप दबोचना चाहती थी पुलिस, हल्ला मचा तो पीछे हट गई
कचहरी और एसपी आवास पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इसके पीछे कहानी भी कुछ अलग है। पुलिस को उसके आने की सूचना थी और वह किसी को भनक लगे बिना उसे दबोचना और समर्पण करने से रोकना चाहती थी। इसी बीच चैंबरों के पास पुलिस की मौजूदगी का वकीलों ने विरोध किया। अरमान ने भी शोर मचाकर समर्पण करना चाहा तो पुलिस पीछे हट गई।
बागपत कचहरी परिसर से मेरठ जिले का हसनपुर कलां गांव करीब 90 किमी दूर पड़ता है। अरमान ने खुद बताया कि वह अपने घर से भाई के साथ बागपत कचहरी पहुंचा है और वह सीधे रास्ते से मेरठ होते हुए यहां आया है।यहां पहुंचने से पहले ही पुलिस को उसके आने की सूचना मिल गई थी। खुद एसपी नीरज कुमार जादौन कचहरी पहुंच गए।
एसओजी की टीम और अन्य पुलिस कर्मी भी वकीलों के चैंबरों के पास जाकर छुप गए। जिससे किसी वकील के चैंबर में वह बदमाश आने पर पता चल सके। एसओजी की टीम वालों का वकीलों को पता चला तो उन्होंने पुलिस को वापस भेज दिया। इसके बाद बदमाश को वकील अपने साथ उसे लेकर पुलिस के पास पहुंचे, लेकिन तब पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने से इनकार कर दिया।