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Baghpat News: जल जीवन मिशन पर भारी मजदूरों का संकट

Sun, 05 May 2024 02:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Sun, 05 May 2024 02:22 AM IST
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Huge labor crisis at Jal Jeevan Mission
बागपत। जल जीवन मिशन पर मजदूरों का संकट भारी पड़ता नजर आ रहा है। जिससे गांवों में टंकी का निर्माण ठप हो गया और निर्धारित समय पर निर्माण पूरा नहीं हो सका। अब गर्मी का सीजन चल रहा है और गांवों में लगे सरकारी हैंडपंप भी खराब पड़े हुए हैं। जिसके चलते ग्रामीणों को पेयजल के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। पेयजल टंकियों का निर्माण अधूरा होने और बनी हुई टंकियों से पेयजल सप्लाई नहीं होने के कारण ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
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खैला में डेढ़ साल से बन रही टंकी, अभी भी अधूरी
खैला गांव में डेढ़ साल पहले जल निगम ने पेयजल टंकी का निर्माण शुरू कराया था, जो अभी भी अधूरा ही है। जहां 400 से अधिक परिवार निवास करते है और पेयजल आपूर्ति के लिए 100 से अधिक सरकारी हैंडपंप लगे हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल टंकी का निर्माण काफी धीमी गति से चल रहा है। टंकी संचालन के लिए बने कक्ष के भवन में दरारे भी आ चुकी हैं।
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सूरजपुर महनवा में पाइपलाइन नहीं बिछी तो शुरू नहीं हुई सप्लाई
सूरजपुर महनवा में पेयजल टंकी का निर्माण पूर्ण हो चुका है, लेकिन मजदूरों की कमी के चलते पाइपलाइन नहीं बिछाई जा सकी। जहां ग्रामीणों की पेयजल आपूर्ति के लिए लगे 35 सरकारी हैंडपंपों में से पांच खराब है। जिस कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। ग्रामीण अपने निजी सबमर्सिबल से पेयजल आपूर्ति करने को मजबूर हैं। ---
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मीतली में अधूरा छोड़ दिया पेयजल टंकी का निर्माण
मीतली गांव में करीब एक साल पहले पेयजल टंकी का निर्माण शुरू कराया गया। जिसमें काम शुरू होने के बाद कुछ दिन प्रगति बढ़ी, लेकिन बाद में निर्माण करने वाली कंपनी के अधिकारी और मजदूर निर्माण अधूरा छोड़कर दूसरी जगह चले गए। जिसके चलते पेयजल टंकी का निर्माण अधूरा है। उधर गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए लगे 175 हैंडपंपों में से तीन खराब हैं।
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नवादा में ढाई साल से लटका पेयजल टंकी का निर्माण
नवादा गांव में तीन साल पहले पेयजल टंकी का निर्माण शुरू हुआ जो कुछ ही दिन चला। जहां ढाई साल पहले कंपनी के अधिकारी और मजदूर काम अधूरा छोड़कर चले गए। जिसके चलते पिछले ढाई साल से पेयजल टंकी का निर्माण अधर में लटका हुआ है। उधर पेयजल टंकियों के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने प्रधान समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं कराया जा सका। नवादा गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए लगे दस हैंडपंपों में से तीन खराब हैं।
बोढ़ा में छह महीने से मजदूरों का इंतजार
छपरौली ब्लाक के बोढ़ा गांव में पेयजल टंकी का निर्माण कर रहे मजदूरों का पिछले छह महीने से इंतजार किया जा रहा है। जहां न तो निर्माण करने वाली कंपनी के अधिकरी पहुंच रहे हैं और न ही निर्माण पूर्ण कराया जा रहा है। जिससे भीषण गर्मी में ग्रामीणों को पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
पेयजल टंकी के संचालन के लिए बने कक्ष के भवन की दीवारों में दरार आ चुकी है और सीमेंट भी उतरकर गिरने लगा है। रास्ते भी उखाड़कर छोड़े हुए हैं, जिनको ठीक कराने के लिए कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। गीता देवी, प्रधान खैला।

गांव में पेयजल टंकियों का निर्माण हो चुका है, लेकिन पाइपलाइन नहीं बिछाई गई। पाइपलाइन बिछाने के लिए कंपनी और जल निगम के अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन मजदूर नहीं भेजे गए। खराब हैंडपंपों को जल्द रिबोर करा दिया जाएगा। ठाकुर इंद्रपाल सिंह, प्रधान मीतली।

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वर्जन
निर्धारित समय पर पेयजल टंकियों का निर्माण पूर्ण कराने पर फोकस किया गया है। कपंनी के अधिकारियों को नोटिस जारी कर अधूरे कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं और जल निगम की टीम को गांवों में भेजकर प्रगति दिखवाई जा रही है। अमित कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता, जल निगम।
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