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फिर से मूर्त रूप ले रहा ऐतिहासिक गांधी प्याऊ स्थल
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खेकड़ा के बाजार मे फिस से खडा हुआ गांधी प्याऊ स्थल
- फोटो : KAHKRA
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संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। जंग-ए-आजादी की धरोहर खेकड़ा के बाजार स्थित गांधी प्याऊ का निर्माण तेज गति से किया जा रहा है। पूर्व की भांति इसका स्वरूप नजर आने लगा है। इससे नगरवासियों में खुशी की लहर है।
बता दें कि बारिश के कारण कुएं का एक हिस्सा करीब 10 फीट जमीन में दरक गया था। इसके बाद कुछ लोगों ने खुद ही फैसला लेकर इस ऐतिहासिक कुएं को मिट्टी से पटवा दिया था। इससे कुएं का नामोनिशान ही मिट गया था। समाजसेवियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। बाद में व्यापार संगठन आगे आया और गांधी प्याऊ को पूर्व की भांति नवनिर्माण कराने की घोषणा कर दी। इसका निर्माण तेज गति से किया जा रहा है। पूर्व की भांति इसका स्वरूप नजर आने लगा है। इससे नगरवासियों में खुशी की लहर है।
देश की आजादी की यादगार है गांधी प्याऊ
खेकड़ा के बाजार में गांधी प्याऊ स्थल का प्राचीन कुआं 1857 की क्रांति की धरोहर है। तब नगर व क्षेत्र के क्रांतिकारी यहां पर एकत्र हुआ करते थे। नमक आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी भी यहां आए थे। देश प्रेमियों के लिए यह कुआं पूजनीय है। 15 अगस्त और 26 जनवरी को यहां राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया जाता है।
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खेकड़ा। जंग-ए-आजादी की धरोहर खेकड़ा के बाजार स्थित गांधी प्याऊ का निर्माण तेज गति से किया जा रहा है। पूर्व की भांति इसका स्वरूप नजर आने लगा है। इससे नगरवासियों में खुशी की लहर है।
बता दें कि बारिश के कारण कुएं का एक हिस्सा करीब 10 फीट जमीन में दरक गया था। इसके बाद कुछ लोगों ने खुद ही फैसला लेकर इस ऐतिहासिक कुएं को मिट्टी से पटवा दिया था। इससे कुएं का नामोनिशान ही मिट गया था। समाजसेवियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। बाद में व्यापार संगठन आगे आया और गांधी प्याऊ को पूर्व की भांति नवनिर्माण कराने की घोषणा कर दी। इसका निर्माण तेज गति से किया जा रहा है। पूर्व की भांति इसका स्वरूप नजर आने लगा है। इससे नगरवासियों में खुशी की लहर है।
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देश की आजादी की यादगार है गांधी प्याऊ
खेकड़ा के बाजार में गांधी प्याऊ स्थल का प्राचीन कुआं 1857 की क्रांति की धरोहर है। तब नगर व क्षेत्र के क्रांतिकारी यहां पर एकत्र हुआ करते थे। नमक आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी भी यहां आए थे। देश प्रेमियों के लिए यह कुआं पूजनीय है। 15 अगस्त और 26 जनवरी को यहां राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया जाता है।
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