Baghpat: बागपत में सबसे ज्यादा प्रदूषण, 345 के पार पहुंचा एक्यूआई, अस्पतालों में मरीज बढ़े
बागपत जनपद में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल में सांस, गले में परेशानी, आंखों में जलन के सबसे ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। अव्यवस्था होने से परेशानी बढ़ रही है। मरीजों को अस्पताल में पहले पर्ची बनवाने में घंटाभर लगता है फिर उपचार कराने के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।
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सर्दी शुरू होने के बाद जिले में मंगलवार को बागपत जनपद में सबसे ज्यादा प्रदूषण रहा। जिससे एक्यूआई 345 पर रहा और प्रदूषण बढ़ने से लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। अस्पताल में मंगलवार को मरीजों की भीड़ रही और उनमें सांस, गले में परेशानी व आंखों में जलन के सबसे ज्यादा मरीज रहे। जहां अव्यवस्था होने पर मरीजों को परेशानी भी झेलनी पड़ी।
यहां प्रदूषण कुछ कम हुआ था, लेकिन दो दिन से वह काफी बढ़ गया है। यही कारण है कि मंगलवार को इस बार का सबसे ज्यादा प्रदूषण रहा और इससे एक्यूआई 345 तक पहुंच गया। प्रदूषण बढने से लोगों को परेशानी हो रही है और अस्पताल तक में दोबारा से भीड़ बढ़ गई। जहां पहले ओपीडी में कुछ कमी आई थी, वहीं मंगलवार को मरीजों की लंबी लाइन लगी रही।
मरीजों को पहले पर्ची बनवाने के लिए घंटेभर तक खड़ा रहा पड़ा तो उसके बाद उपचार कराने के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ा। जिला अस्पताल में 1300 से ज्यादा ओपीडी हुई, जिनमें अधिकतर सांस, गले में समस्या, बुखार आदि के मरीज थे।
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प्रदूषण के कारण बढ़ रही बीमारी
ईएनटी सर्जन डा. सुनील कुमार ने बताया कि प्रदूषण के कारण गले में एलर्जी हो जाती है तो आंखों में जलन की समस्या भी होने लगती है। ऐसे में लोगों को घर से बाहर निकलते हुए मास्क का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। आंखों को पानी से कुछ अंतराल के बाद धोते रहना चाहिए और चश्मे का इस्तेमाल करना चाहिए।
प्रदूषण रोकने को जारी किए हुए है निर्देश
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के पर्यावरण अभियंता प्रखर कटियार ने बताया कि प्रदूषण फैलने से रोकने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हुए है। डीजल यंत्रों के इस्तेमाल व फैक्टरी में भट्ठी चलाने पर रोक है तो ऐसे निर्माण कार्य पर भी रोक लगाई हुए है, जो जरूरी नहीं है। इसके अलावा समय-समय पर उद्योगों का निरीक्षण किया जा रहा है, जिससे प्रदूषण फैलने से रोका जा सके।