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Baghpat News: ग्रोथ हार्मोन दे गया धोखा...बच्चों का कद रह गया छोटा

Fri, 18 Jul 2025 01:01 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jul 2025 01:01 AM IST
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health news
बागपत। यहां बच्चों की लंबाई उम्र के हिसाब से नहीं बढ़ रही है। हर नौवां बच्चा औसत ऊंचाई से छोटा है। ऐसा हार्मोन, आनुवंशिक व पोषण संबंधी समस्या के कारण हो रहा है। इसका बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के सर्वे में पता चला है और इससे माता-पिता की चिंता भी बच्चों को लेकर बढ़ गई है।
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बागपत के 1338 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ताओं ने पांच वर्ष की आयु तक के 93 हजार बच्चों का वजन किया और लंबाई मापी। बच्चों का यह डाटा पोषण ट्रैकर पर अपलोड कराया गया। यहां सबसे बड़ी चिंता की बात यह सामने आई कि 10,123 बच्चों की लंबाई उम्र के हिसाब से कम मिली। छोटे बच्चों की चार से आठ सेमी तक और चार से पांच वर्ष के बच्चों की छह से 12 सेमी तक कम लंबाई मिली। बागपत शहर में सर्वाधिक 2880 बच्चों की लंबाई सामान्य से कम मिली है। ऐसे बच्चे खेकड़ा ब्लॉक में सबसे कम 57 मिले हैं।
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बच्चों की लंबाई कम होने का कारण
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत ने बताया कि कुपोषण जैसे प्रोटीन, विटामिन व खनिजों की कमी से शरीर का विकास रुकता है। ग्रोथ हार्मोन स्तर असंतुलन होना बच्चों की लंबाई कम रहने का सबसे बड़ा कारण होता है। आनुवंशिक यानी माता-पिता में एक का कद छोटा रहने पर जीन दोष से बच्चे का कद कम हो सकता है। क्रोनिक किडनी रोग, हृदय रोग या कुछ आनुवंशिक सिंड्रोम भी बच्चों के विकास को बाधित कर सकते हैं।
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लंबाई बढ़ाने में यह मददगार

बच्चों की लंबाई बढ़ाने के लिए उन्हें दूध, दही, पनीर, सोयाबीन, हरी पत्तेदार सब्जियां, केला व अंडा आदि जरूर खिलाएं। इनमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन-ए, विटामिन-बी, विटामिन-डी और विटामिन-ई पाए जाते हैं। इनमें प्रोटीन और कैल्शियम भी पाए जाते हैं, जो बच्चे की ग्रोथ में सहायक है। बच्चों के लिए आठ से दस घंटे की नींद अच्छी है क्योंकि नींद पूरी होने से ग्रोथ हार्मोन संतुलित रहता है। ग्रोथ हार्मोन स्तर के असंतुलन से बचाव के लिए बच्चे की चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।


बच्चों की यह लंबाई होनी चाहिए
आयु बालक बालिका
एक वर्ष
69 सेमी 66 सेमी

दो वर्ष 78 सेमी 76 सेमी
तीन वर्ष 85 सेमी 84 सेमी
चार वर्ष 91 सेमी 90 सेमी
पांच वर्ष 96 सेमी 95 सेमी
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जिले में कम लंबाई के बच्चे मिले
ब्लाॅक बच्चे
बागपत 2831

बड़ौत 245
छपरौली 777
खेकड़ा 57
बिनौली 1397

पिलाना 1477
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उम्र के अनुसार बच्चों की लंबाई कम मिली है। अधिकारियों की निगरानी में कम लंबाई वाले बच्चों की दोबारा लंबाई मापी जा रही है। कम लंबाई तथा कम वजन वाले बच्चों के पोषाहार और चिकित्सा सुविधा पर विशेष ध्यान रहेगा।
-नागेंद्र मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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