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नहीं पहुंचे हरियाणा के अधिकारी, बिना पैमाइश लौटी यूपी की टीम
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बागपत के खेड़ा इस्लामपुर के यमुना में खड़े होकर अवैध खनन का विरोध करते ग्रामीण।
- फोटो : BARAUT
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यमुना खादर में खनन को लेकर चल रहे सीमा विवाद को निपटाने के प्रयास फिर विफल
विरोध में किसानों ने यमुना में खड़े होकर किया हंगामा, नायब तहसीलदार ने समझा कर शांत किया
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। यमुना खादर में खनन को लेकर उपजा सीमा विवाद थम नहीं रहा है। आरोप है कि यूपी के अधिकारी पैमाइश करने में लगे है, लेकिन हरियाणा के अधिकारी साथ नहीं दे रहे है। शुक्रवार को बागपत के अधिकारी पैमाइश के लिए खेड़ा इस्लामपुर और कोताना खादर पहुंच गए, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी हरियाणा के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इसके विरोध में किसानों ने यमुना नदी के पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया। नायब तहसीलदार के आश्वासन पर उन्होंने धरना समाप्त किया।
यमुना खादर में खेड़ा हटाना से लेकर कोताना गांव तक खनन को लेकर तनाव बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि हरियाणा के खनन ठेकेदार सीमा पार कर यूपी के हिस्से में आकर खनन करते है। उनकी फसलों को उजाड़ देते है। इसे लेकर यूपी और हरियाणा के अधिकारी विवाद का हल निकालने के लिए पैमाइश करने में जुटे है। कुछ दिन पहले खेड़ा इस्लामपुर और खेड़ा हटाना गांव में पैमाइश का कार्य पूरा कर दिया था। अब कोताना गांव में पैमाइश होनी है। दो दिन पूर्व बागपत के अधिकारी पैमाइश करने कोताना खादर पहुंचे थे। मगर, हरियाणा के अधिकारियों से नोकझोंक होने के कारण पैमाईश कार्य पूरा नहीं हो सका था। तय हुआ था कि 22 अप्रैल को दोनों प्रदेशों के अधिकारी पैमाइश कराएंगे। तय समय के अनुसार नायब तहसीलदार विवेक मिश्रा और खनन अधिकारी हवलदार सिंह टीम के साथ शुक्रवार को कोताना खादर पहुंचे। मगर, कई घंटे तक इंतजार करने के बावजूद हरियाणा के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इस कारण शुक्रवार को भी पैमाईश नहीं हो सकी।
उधर, इस बात से नाराज खेड़ा इस्लामपुर के किसानों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने यमुना नदी के पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि हरियाणा के अधिकारी खनन ठेकेदार से मिले हुए, जिस कारण वे पैमाइश के लिए नहीं आए। कहा कि पैमाइश होने तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। नायब तहसीलदार विवेक मिश्रा ने उन्हें आश्वासन दिया कि पैमाइश कराई जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। इसके बाद ही किसान शांत हुए। इस अवसर पर सचिन, अमरेश, अनिल, मोटा, हरवीर, कपिल, लीलू, किरणपाल, श्रीपाल, महिपाल, ओमपाल शामिल रहे।
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विरोध में किसानों ने यमुना में खड़े होकर किया हंगामा, नायब तहसीलदार ने समझा कर शांत किया
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। यमुना खादर में खनन को लेकर उपजा सीमा विवाद थम नहीं रहा है। आरोप है कि यूपी के अधिकारी पैमाइश करने में लगे है, लेकिन हरियाणा के अधिकारी साथ नहीं दे रहे है। शुक्रवार को बागपत के अधिकारी पैमाइश के लिए खेड़ा इस्लामपुर और कोताना खादर पहुंच गए, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी हरियाणा के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इसके विरोध में किसानों ने यमुना नदी के पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया। नायब तहसीलदार के आश्वासन पर उन्होंने धरना समाप्त किया।
यमुना खादर में खेड़ा हटाना से लेकर कोताना गांव तक खनन को लेकर तनाव बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि हरियाणा के खनन ठेकेदार सीमा पार कर यूपी के हिस्से में आकर खनन करते है। उनकी फसलों को उजाड़ देते है। इसे लेकर यूपी और हरियाणा के अधिकारी विवाद का हल निकालने के लिए पैमाइश करने में जुटे है। कुछ दिन पहले खेड़ा इस्लामपुर और खेड़ा हटाना गांव में पैमाइश का कार्य पूरा कर दिया था। अब कोताना गांव में पैमाइश होनी है। दो दिन पूर्व बागपत के अधिकारी पैमाइश करने कोताना खादर पहुंचे थे। मगर, हरियाणा के अधिकारियों से नोकझोंक होने के कारण पैमाईश कार्य पूरा नहीं हो सका था। तय हुआ था कि 22 अप्रैल को दोनों प्रदेशों के अधिकारी पैमाइश कराएंगे। तय समय के अनुसार नायब तहसीलदार विवेक मिश्रा और खनन अधिकारी हवलदार सिंह टीम के साथ शुक्रवार को कोताना खादर पहुंचे। मगर, कई घंटे तक इंतजार करने के बावजूद हरियाणा के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इस कारण शुक्रवार को भी पैमाईश नहीं हो सकी।
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उधर, इस बात से नाराज खेड़ा इस्लामपुर के किसानों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने यमुना नदी के पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि हरियाणा के अधिकारी खनन ठेकेदार से मिले हुए, जिस कारण वे पैमाइश के लिए नहीं आए। कहा कि पैमाइश होने तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। नायब तहसीलदार विवेक मिश्रा ने उन्हें आश्वासन दिया कि पैमाइश कराई जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। इसके बाद ही किसान शांत हुए। इस अवसर पर सचिन, अमरेश, अनिल, मोटा, हरवीर, कपिल, लीलू, किरणपाल, श्रीपाल, महिपाल, ओमपाल शामिल रहे।
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