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पर्यावरण संरक्षण: गांवों में प्रधान स्थापित करेंगे हरी शंकरी वाटिका
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पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर गांवों में पीपल, पाकड़ व बरगद के पौधे लगाए जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। पर्यावरण संरक्षण के लिए विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी गांवों के प्रधान अपनी ग्राम पंचायत में हरिशंकरी की वाटिका स्थापित करेंगे। जिसकी तैयारी में वन विभाग जुटा हुआ है।
उप्र क्लाइमेट चेंज एक्शन प्लान के तहत हुए सर्वे में पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रदेश के 27 जनपद संवेदनशील नहीं मिले। पर्यावरण संरक्षण के लिए अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह ने अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे रोपने के आदेश जारी किए। साथ ही जिले की सभी ग्राम पंचायतों में हरिशंकरी यानी पीपल, पाकड़, बरगद की वाटिका स्थापित कराने के आदेश जारी किए। डीएफओ ने हरिशंकरी वाटिका स्थापित कराने के लिए जिले की 244 ग्राम पंचायतों के प्रधानों व सचिवों को पत्र लिखा है। डीएफओ हेमंत कुमार सेठ का कहना है कि हरिशंकरी वाटिका के लोगों को फायदे भी बताए जाएंगे।
कांफ्रेंस ऑफ पंचायत से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी गति
डीपीआरओ ने बताया कि पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कांफ्रेंस ऑफ पंचायत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिससे ग्राम प्रधानों व सचिवों को ऑनलाइन जोड़ा जाएगा। इसमें कृषि, जल संसाधन, स्वास्थ्य, अपशिष्ट प्रबंधन, वैकल्पिक ऊर्जा तथा जलवायु आपदा प्रबंधन को गति प्रदान करने के लिए जानकारी दी जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। पर्यावरण संरक्षण के लिए विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी गांवों के प्रधान अपनी ग्राम पंचायत में हरिशंकरी की वाटिका स्थापित करेंगे। जिसकी तैयारी में वन विभाग जुटा हुआ है।
उप्र क्लाइमेट चेंज एक्शन प्लान के तहत हुए सर्वे में पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रदेश के 27 जनपद संवेदनशील नहीं मिले। पर्यावरण संरक्षण के लिए अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह ने अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे रोपने के आदेश जारी किए। साथ ही जिले की सभी ग्राम पंचायतों में हरिशंकरी यानी पीपल, पाकड़, बरगद की वाटिका स्थापित कराने के आदेश जारी किए। डीएफओ ने हरिशंकरी वाटिका स्थापित कराने के लिए जिले की 244 ग्राम पंचायतों के प्रधानों व सचिवों को पत्र लिखा है। डीएफओ हेमंत कुमार सेठ का कहना है कि हरिशंकरी वाटिका के लोगों को फायदे भी बताए जाएंगे।
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कांफ्रेंस ऑफ पंचायत से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी गति
डीपीआरओ ने बताया कि पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कांफ्रेंस ऑफ पंचायत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिससे ग्राम प्रधानों व सचिवों को ऑनलाइन जोड़ा जाएगा। इसमें कृषि, जल संसाधन, स्वास्थ्य, अपशिष्ट प्रबंधन, वैकल्पिक ऊर्जा तथा जलवायु आपदा प्रबंधन को गति प्रदान करने के लिए जानकारी दी जाएगी।
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