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40 पंचायतों में अभी तक नहीं खुले ग्राम सभा के खाते

Wed, 14 Jul 2021 10:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jul 2021 10:48 PM IST
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Gram Sabha accounts not yet opened in 40 panchayats
बड़ौत। ग्राम पंचायत चुनाव के बाद भी तकरीबन 40 ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं के खाते नहीं खुल सके है। इसके अलावा 10 गांवों में समितियों का गठन नहीं हो सका। इस कारण इन गांवों में विकास कार्य पूरी तरह से ठप है। रोजाना ग्रामीण उच्च अधिकारियों को शिकायत कर गांवों में विकास कार्य न कराने की शिकायत कर रहे है। इससे अधिकारी भी चिंतित है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचायत राज विभाग की ओर से इन ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों को चेतावनी नोटिस जारी किए जा रहे है।
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दो मई को ग्राम पंचायत चुनाव के नतीजे आ गए थे। इसके बाद 20 मई को नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों का शपथ ग्रहण और समितियों का गठन किया गया। हालांकि उस दौरान बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत सदस्यों के पद रिक्त रहने के कारण कोरम के अभाव में 244 पंचायतों के सापेक्ष 60 में समितियों का गठन नहीं हो सका था। हफ्ते भर बाद ही हुए उपचुनाव के बाद बाकी बचे इन प्रधानों एवं सदस्यों का भी शपथ ग्रहण करा दिया गया। इसके बाद समितियों का गठन कराने के साथ ही सभी ग्राम पंचायतों में खाता खुलवाने की प्रक्रिया शुरू हुई। तमाम कवायद के बावजूद अब तक जनपद की 244 ग्राम पंचायतों की तुलना में सिर्फ 204 का ही खाता खुल सका है। बाकी बची 40 ग्राम पंचायतों में अभी तक ग्राम सभाओं के खाते तक नहीं खुले। इसके अलावा तकरीबन 10 गांवों में समितियों का गठन नहीं हुआ है।
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विकास कार्य ठप
ग्राम सभाओं के खाते न खुलने व समितियों का गठन न होने के कारण हैंडपंपों की मरम्मत, जलनिकासी के लिए नाली निर्माण अथवा अन्य विकास कार्य सब कुछ ठप है। पंचायती राज विभाग को मिली ऐसी शिकायतों के बाद डीपीआरओ कुमार अमेन्द्र ने बताया कि इन ग्राम सभा के जिम्मेदारों को जल्द से जल्द खाता खुलवाने के लिए चेतावनी नोटिस जारी किए जा रहे है।
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गंवई सियासत में फंसी आधा दर्जन ग्राम पंचायतें
चुनाव होने के बावजूद भी ग्रामीण क्षेत्रों स्थानीय सियासत हावी है। चुनाव में जिन ग्राम सभाओं में आधे से ज्यादा सदस्य विपक्ष के निर्वाचित हुए हैं, वहां दिक्कतें और बढ़ गई हैं। जनपद में तकरीबन दस ग्राम पंचायतों में समितियों का गठन नहीं हो सका है।
कलस्टर लागू होने पर कम होगा विवाद
डीपीआर कुमार अमेन्द्र के अनुसार जनपद में आठ से दस हजार की आबादी पर कलस्टर बनाकर ग्राम सचिवों की नियुक्त का मामला अंतिम छोर में है। 16 जुुलाई तक जनपद में कलस्टर नियम लागू हो जाएगा। उसके बाद भी विवाद कम हो सकता है।

यह बात सहीं है कि बहुत से ग्राम प्रधान अपने गांव में पूर्व में तैनात सचिवों को बदलने की मांग कर रहे है। सचिव भी ग्राम प्रधान की मनमानी की शिकायत कर रहे है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। - राहुल वर्मा, बीडीओ।
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